वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 के विमेंस डबल्स में भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का मुकाबला सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-1 जोड़ी चीन की लियू शेंग शू और टैन निंग से हार गई. ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का टूर्नामेंट में शानदार सफर सेमीफ़ाइनल में चीन की टॉप जोड़ी, टैन निंग और लियू शेंगशु से तीन सेट में मिली हार के साथ खत्म हो गया. वे यह मुक़ाबला 21-18, 13-21, 8-21 से हार गईं, हार के बाद भी भारत की झोली में आया ब्रॉन्ज मेडल आया है. भारतीय जोड़ी सेमीफाइनल में दुनिया की नंबर 1 चीनी जोड़ी लियू शेंग शू और टैन निंग की कड़ी चुनौती को पार नहीं कर सकी. भले ही फाइनल में पहुंचने का उनका सपना टूट गया, लेकिन ब्रॉन्ज मेडल जीतना एक बड़ी उपलब्धि है
इससे पहले दोनों ने क्वार्टरफाइनल में चीन की जिया यी फान और झांग शू शियान को 16-21, 21-15, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. बता दें कि भारत ने पिछली बार 2011 में महिला युगल में विश्व चैंपियनशिप में पदक जीता था. तब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने लंदन में कांस्य पदक हासिल किया था.
पहले गेम जीतने के बाद पिछड़ी भारतीय जोड़ी
भारतीय जोड़ी ने शानदार परफॉर्मेंस करते हुए पहला गेम 21-18 से जीता. दूसरे गेम में मुकाबला कड़ा था और स्कोर 12-12 से बराबर था, लेकिन इसके बाद निंग और शेंगशु ने दबदबा बनाते हुए 21-13 से गेम जीता और मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचाने में सफल रहीं. चीनी जोड़ी ने अपना दबदबा बनाए रखा और आखिर में निर्णायक गेम को 21-8 से जीत जीतकर फाइनल में अपनी जगह बना ली.
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