- मौसम विभाग ने 21 अगस्त को यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट बताया है.
- दिल्ली-NCR में भी अगले 24 घंटे में बारिश की स्थिति बन सकती है, यहां मौसम में बदलाव की संभावना है.
- बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम की वजह से देश उत्तर और मध्य में मॉनसून सक्रिय बना हुआ है.
देश के मध्य, पूर्वी और उत्तरी राज्यों में मॉनसून की भारी बारिश अब परेशानियां बढ़ा रही है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में झमाझम बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मॉनसून ट्रफ के सक्रिय होने के चलते कई राज्यों में अति भारी बारिश, बिजली गिरने और बाढ़ की चेतावनी जारी है. दिल्ली-NCR, बिहार समेत करीब 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की आशंका है. वहीं पहाड़ी राज्यों में भी झमाझम बारिश हो रही है. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में भी शुक्रवार को अच्छी बरसात की संभावना है, हिमाचल में इस मॉनसून के सीजन में अब तक 208 लोगों की मौत हो चुकी हैं, लैंडस्लाइड के चलते दोनों राज्यों में कई मुख्य मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है.
एमपी-यूपी में नदियां उफान पर
मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर आ गई हैं. मध्य प्रदेश में नर्मदा, मंदाकिनी और बेतवा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. जबकि उत्तर प्रदेश में में गंगा, शारदा, टोंस, घाघरा, सोन और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. उत्तर प्रदेश के 13 से ज्यादा जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति नजर आ रही है.
Realised rainfall during past 24 hours at 0830 hrs IST of today 21 August 2026 #realisedrainfall #Monsoon2026 pic.twitter.com/DqSEj7V76d
— India Meteorological Department (@Indiametdept) August 21, 2026
यूपी में भारी बारिश
उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी है. बीते 24 घंटे में हुई भारी बारिश की वजह से 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात है, जिससे 80 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं. क्योंकि गंगा नदी उफान पर चल रही हैं. सबसे ज्यादा बारिश का असर प्रयागराज में हुआ है. जबकि काशी में गंगा द्वार बंद कर दिया गया है. मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक उत्तर प्रदेश में तेज बारिश की संभावना जताई है. यानि अभी यहां के लोगों को बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है.
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दिल्ली-NCR में येलो अलर्ट
दिल्ली-NCR में भी मौसम बदल गया है. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं. IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक शुक्रवार को दिन भर दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है. जलभराव के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका है.
मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में स्कूल
मध्य भारत में भी मॉनसून पूरी तरह से एक्टिव है. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है. लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं. मौसम विभाग ने पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी है. मध्य प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में अलर्ट है, भोपाल, इंदौर, उज्जैन संभाग के कई जिलों में बारिश की स्थिति को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने का निर्देश प्रशासन की तरफ से जारी किया गया है. जबकि छत्तीसगढ़ में भी झमाझम बारिश की संभावना बन रही है. छत्तीसगढ़ में भी बारिश की वजह से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं. रायपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग में आज दिन भर बारिश की संभावना है.
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी अलर्ट
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज भी राहत के आसार नहीं हैं, दोनों राज्यों के कई हिस्सों में बादल फटने जैसी स्थिति और मूसलाधार बारिश का अनुमान है. लगातार बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. पर्यटकों को नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है. मौसम विभाग के मुताबिक उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमौली, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश में बारिश की संभावना है. जबकि हिमाचल प्रदेश में भी शिमला, मंडी, सोलन, हमीरपुर और बिलासपुर में बारिश जैसे हालात हैं. हिमाचल प्रदेश में इस मॉनसून के सीजन में 208 लोगों की मौत अब तक हो चुकी है, जबकि करोड़ों रुपए की संपत्ति का नुकसान हिमाचल प्रदेश में हुआ है.
24 घंटे कई राज्यों में अहम
भारतीय मौसम विभाग के ताजा अपडेट के हिसाब से अगले 24 घंटे देश के एक बड़े हिस्से के लिए बेहद संवेदनशील हैं. मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता से अपील की है कि वे जलभराव वाले रास्तों, जर्जर इमारतों और बिजली के खंभों से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें. विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा कर रहे पर्यटक और मैदानी इलाकों के किसान आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें. मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.
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