- शिवसेना सूत्रों के अनुसार, BMC मेयर से जुड़े निर्णय CM देवेंद्र फडणवीस के दावोस से लौटने के बाद लिए जाएंगे.
- डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने नवनिर्वाचित नगरसेवकों को विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया.
- शिंदे ने कहा कि जनता अब केवल विकास चाहती है और हर वार्ड में बदलाव साफ दिखाई देना चाहिए.
महाराष्ट्र की महायुति सरकार के भीतर हलचल के बीच शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने बीएमसी मेयर को लेकर अहम संकेत दिया है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, मेयर से जुड़े बड़े निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 56वीं वार्षिक बैठक से लौटने के बाद होगा. ऐसे में मुंबई में नवनिर्वाचित नगरसेवकों को फिलहाल संगठनात्मक और विकास कार्यों पर फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं. मुंबई में आयोजित एक अहम बैठक में उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नए नगरसेवकों को संबोधित करते हुए साफ संदेश दिया कि अब देरी का समय नहीं है और सभी जनप्रतिनिधियों तुरंत काम में जुट जाएं.
एकनाथ शिंदे ने कहा कि जनता अब केवल विकास चाहती है और हर वार्ड में बदलाव साफ दिखाई देना चाहिए. शिंदे ने कहा कि “भावनात्मक मुद्दे हारे हैं, विकास जीता है”.
महाराष्ट्र की जनता ने UBT को नकारा: शिंदे
शिंदे ने विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी, साथ ही चुनाव हारने वाले उम्मीदवारों की भी सराहना की. साथ ही कहा कि भाजपा शिवसेना की सहयोगी है और महायुति सरकार द्वारा लिए गए फैसलों को प्रभावी रूप से लागू करना जरूरी है. शिंदे ने बैठक में कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने यूबीटी (उद्धव ठाकरे गुट) को नकार दिया है. आपको जो अवसर मिले हैं, उन्हें सोने में बदलें और यह सुनिश्चित करें कि जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो.
उन्होंने नगरसेवकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपने वार्ड को “मुंबई का सर्वश्रेष्ठ वार्ड” बनाने की दिशा में काम शुरू करें. उन्होंने कहा कि ऐसी अपेक्षा है कि सही मायने में नगर सेवक बनें.
नागरिकों की परेशानी को गंभीरता से लें: शिंदे
साथ ही कहा कि किसी भी नागरिक की परेशानी को गंभीरता से लें और यह सुनिश्चित करें कि एक भी शिकायत लंबित न रहे. उन्होंने सुबह जल्दी वार्ड दौरा करने, सफाई पर विशेष जोर देने, पानी और कचरा प्रबंधन को प्राथमिकता देने, डीप क्लीन ड्राइव शुरू करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने पर बल दिया.
इसके साथ ही बाजार, मंडई, व्यायामशाला और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे बड़े विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया है. शिंदे ने यह भी निर्देश दिया कि जिन इमारतों को OC (Occupancy Certificate) मिला है, उसका सख्ती से पालन करवाया जाए और मुंबई को “पगड़ी-मुक्त” शहर बनाने की दिशा में तेज काम हो.
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