- बिहार के सतीश कुमार ने कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन के बाद दिल्ली में IAS अधिकारी बनने का सपना देखा था
- UPSC परीक्षा में असफल रहने के बाद सतीश ने कौन बनेगा करोड़पति के अंतिम चरण तक पहुंचने की कोशिश की थी
- टूर एंड ट्रैवल्स का कारोबार शुरू कर कर्ज लेकर गाड़ियां खरीदीं लेकिन लगातार नुकसान और आर्थिक संकट में फंस गए
बिहार के रहने वाले 42 वर्षीय सतीश कुमार कृष्णप्रसाद केसरी ने जिंदगी में बड़े सपने देखे थे. कंप्यूटर साइंस से ग्रेजुएशन करने के बाद वह बेहतर करियर की तलाश में दिल्ली पहुंचा. यहां पार्ट-टाइम नौकरी करते हुए उसने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी शुरू की. उसका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाकर IAS अधिकारी बनना था. हालांकि कई कोशिशों के बाद भी उसे सफलता नहीं मिली.
KBC तक पहुंचा लेकिन अधूरा रह गया सपना
UPSC में असफल होने के बाद सतीश ने लोकप्रिय टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में भी अपनी किस्मत आजमाई. वह अंतिम चरण के लिए चुने गए 10 प्रतिभागियों में शामिल रहा. इसके बावजूद वह 'फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट' राउंड पार नहीं कर सका और हॉट सीट तक पहुंचने का सपना अधूरा रह गया.
कारोबार में घाटा और बढ़ता गया कर्ज
इसके बाद उसने अपनी पत्नी के साथ टूर एंड ट्रैवल्स का कारोबार शुरू किया. कारोबार बढ़ाने के लिए कर्ज लेकर कई गाड़ियां खरीदीं और उन्हें ओला-उबर जैसी सेवाओं में चलाने के लिए लगाया. शुरुआत में उम्मीदें थीं लेकिन कारोबार में लगातार नुकसान हुआ. धीरे-धीरे कर्ज बढ़ता गया और आर्थिक संकट गहरा गया.
ग्राहक बनकर ज्वेलरी दुकानों को बनाता था निशाना
पुलिस जांच में सामने आया कि कर्ज चुकाने के लिए सतीश ने चोरी का रास्ता चुन लिया. वह ग्राहक बनकर ज्वेलरी दुकानों में जाता था और गहने देखने के बहाने सोने के आभूषण लेकर फरार हो जाता था. 15 नवंबर 2025 को उसने कांदिवली पश्चिम स्थित पद्मावती ज्वेलर्स से लगभग 43.2 ग्राम वजन की सोने की चेन चुरा ली थी जिसकी कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई.
एक साल तक पुलिस को देता रहा चकमा
चोरी के बाद सतीश ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हॉस्टल में फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया. उसने मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया, जिससे उसका पता लगाना मुश्किल हो गया. लगभग एक साल तक वह फरार रहा और पुलिस की पहुंच से दूर बना रहा.
तकनीकी जांच से दिल्ली में हुई गिरफ्तारी
कांदिवली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से उसकी तलाश जारी रखी. आखिरकार पुलिस को उसका एक सक्रिय मोबाइल नंबर मिला. इसके आधार पर 28 अक्टूबर 2026 को उसे दिल्ली के उत्तम नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने चोरी की गई सोने की चेन भी बरामद कर ली है. पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात कबूल की है और डिंडोशी इलाके में इसी तरह की एक अन्य चोरी में शामिल होने की बात भी स्वीकार की है. फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है और मामले की आगे जांच जारी है.
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