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नासिक में ठाकरे बंधुओं की हुंकार, भाजपा पर चौतरफा हमला

राज ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि आपने कहा था कि आपने नासिक को गोद लिया है. लोगों ने आपको सत्ता दी, लेकिन आप कभी यहां आए ही नहीं. जिनके पास खुद की राजनीतिक संतान नहीं है, वे हमारे शहर को गोद लेने निकले हैं.

नासिक में ठाकरे बंधुओं की हुंकार, भाजपा पर चौतरफा हमला
मुंबई:

नासिक नगर निगम चुनाव के प्रचार में शनिवार को महाराष्ट्र की राजनीति का एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे वर्षों बाद पहली बार एक साथ मंच पर नजर आए. ठाकरे बंधुओं की यह पहली संयुक्त चुनावी रैली सीधे तौर पर भाजपा और राज्य सरकार के खिलाफ जनाक्रोश का मंच बन गई.दोनों नेताओं ने एक सुर में चुनावों में देरी, निर्विरोध चुनाव, कथित खरीद-फरोख्त, भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग को लेकर भाजपा पर तीखे और सीधे हमले किए.

राज ठाकरे ने रैली की शुरुआत करते हुए कहा कि लगभग चार साल तक नगर निगम के चुनाव क्यों टाले गए? यह सवाल इस सरकार को जनता के सामने जवाब देना होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्विरोध (Unopposed) चुनाव की प्रवृत्ति लोकतंत्र की जड़ों पर हमला है. लोगों से उनका वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है. उम्मीदवारों को डराया जा रहा है, 15-15 करोड़ रुपये देकर नाम वापस लेने को मजबूर किया जा रहा है. यह क्या चल रहा है?

1952 में जन्मी पार्टी आज 2026 में लोगों को किराए पर ले रही है:  BJP पर करारा तंज

राज ठाकरे ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा, “जो पार्टी 1952 में जन्मी (जनसंघ) बताई जाती है, वह आज 2026 में दूसरे दलों के लोगों को किराए पर लेकर राजनीति कर रही है.” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा दूसरे दलों से नेता ‘इम्पोर्ट' कर रही है, जिससे वर्षों से संघर्ष कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय हो रहा है.

नासिक ‘गोद' लेने पर फडणवीस को घेरा

राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि आपने कहा था कि आपने नासिक को गोद लिया है. लोगों ने आपको सत्ता दी, लेकिन आप कभी यहां आए ही नहीं. जिनके पास खुद की राजनीतिक संतान नहीं है, वे हमारे शहर को गोद लेने निकले हैं.

कुंभ मेले के बाद साजिश? साधुओं के लौटते ही बिल्डरों को ज़मीन

राज ठाकरे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “जब हम सत्ता में थे, तब कुंभ मेला हुआ, तब एक भी पेड़ नहीं काटा गया. अब साजिश है कि कुंभ के बाद, साधुओं के लौटते ही ज़मीन बिल्डरों को दे दी जाएगी.” उन्होंने दावा किया कि मनसे के 5 साल के शासन में विपक्ष भी एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सका.

“100 नगरसेवक जिताइए, नासिक पूरी तरह बदल देंगे”

राज ठाकरे ने मतदाताओं से भावुक अपील करते हुए कहा, “पैसे के लालच में मत पड़िए. 100 नगरसेवक जिताइए, हम नासिक को पूरी तरह बदल देंगे.”

उद्धव ठाकरे: “सोचिए जब मुंबई और नासिक का अनुभव साथ आएगा”

उद्धव ठाकरे ने मंच से कहा कि राज ठाकरे ने नासिक में क्या किया, यह सबने देखा. शिवसेना ने मुंबई में क्या किया, यह भी सब जानते हैं. सोचिए, जब दोनों साथ आएंगे तो नासिक कैसे बदलेगा.

“यह हिंदुत्व है या चुनावी हिंदुत्व?” – BJP से सवाल

उद्धव ठाकरे ने भाजपा के हिंदुत्व पर सवाल उठाते हुए कहा, “राम मंदिर का श्रेय लेते हो, लेकिन जहां राम ने तपस्या की, तपोवन में पेड़ काट रहे हो. लोगों ने पूछा तो क्या दिखाओगे? ‘नमो भवन'?” उन्होंने भाजपा के AIMIM से गठबंधन का मुद्दा उठाते हुए कहा, “हमें कांग्रेस के साथ जाने पर हिंदुत्व छोड़ने का ताना दिया गया. फिर आपका AIMIM से गठबंधन क्या था?”

“स्पीकर राहुल नार्वेकर सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं”

उद्धव ठाकरे ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर गंभीर आरोप लगाए, “उम्मीदवारों पर नाम वापस लेने का दबाव डाला जा रहा है. परिवार के लोगों को 3–4 टिकट दिए गए हैं. चुनाव आयोग चुप बैठा है.” “हाँ, हम सत्ता के लिए साथ आए हैं… और आपकी ज़िंदगी बदलने के लिए”
उद्धव ठाकरे का यह बयान रैली का सबसे चर्चित पल रहा, “हाँ, हम सत्ता के लिए साथ आए हैं. आप किसलिए साथ आए हैं? गिल्ली-डंडा खेलने के लिए? हम सत्ता लेकर लोगों की ज़िंदगी बदलेंगे.”

“भाजपा दलालों की पार्टी बन चुकी है”

उद्धव ठाकरे ने कहा, “आज भाजपा दलालों की पार्टी बन गई है. राम ने रावण को मारा था, लेकिन भाजपा इतनी बेशर्म हो गई है कि आज रावण को भी पार्टी में शामिल कर ले.”

पेंगुइन से लेकर रैलियों तक का तंज

उन्होंने कहा कि मुंबई के चिड़ियाघर में पेंगुइन देखने लोग टिकट खरीदकर आते हैं, लेकिन भाजपा की रैलियों में लोग पैसे देकर भी नहीं आ रहे.”

लोकतंत्र बनाम तानाशाही

उद्धव ठाकरे ने कहा कि ममता बनर्जी बंगाल में सड़कों पर उतरकर तानाशाही के खिलाफ लड़ रही हैं. महाराष्ट्र भी चुप नहीं रहेगा.

“मोदी गारंटी नहीं, ठाकरे के शब्द”

अंत में उन्होंने कहा कि नासिक का हमारा घोषणापत्र मोदी गारंटी जैसा जुमला नहीं है. यह ठाकरे के शब्द है — जो कहते हैं, वो करते हैं.नासिक की यह रैली सिर्फ चुनावी सभा नहीं, बल्कि भाजपा के खिलाफ संयुक्त ठाकरे मोर्चे का एलान थी.अब सवाल यह है कि क्या ठाकरे बंधुओं की यह एकजुटता नासिक की राजनीति की दिशा बदल पाएगी? इसका जवाब जनता के वोट में छिपा है.


 

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