पुणे में एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद एक परिवार ने ऐसा फैसला लिया, जिसने चार गंभीर मरीजों को नई जिंदगी दे दी. दौड़ का अभ्यास कर रहे 37 वर्षीय युवक को एक अज्ञात रिक्शा ने टक्कर मार दी थी, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई. दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में नौ दिनों तक डॉक्टरों ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन गंभीर ब्रेन इंजरी के कारण उसे ब्रेन डेड घोषित करना पड़ा. बेटे को खोने के गम के बीच उसके माता-पिता और परिजनों ने अंगदान का साहसिक निर्णय लिया. इस फैसले के तहत युवक का हृदय, लिवर और दोनों किडनी दान की गईं, जिससे चार लोगों को नया जीवन मिला.
दौड़ के दौरान हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार 19 जुलाई की सुबह युवक पुणे के डी.पी. रोड क्षेत्र में राजाराम पुल से म्हात्रे पुल के बीच दौड़ लगाने का अभ्यास कर रहा था. इसी दौरान एक अज्ञात रिक्शा ने उसे जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में युवक के सिर में गंभीर चोट आई. उसे तुरंत दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने लगातार उसका इलाज शुरू किया.
9 दिन तक जिंदगी की जंग लड़ता रहा युवक
अस्पताल में करीब नौ दिनों तक युवक का इलाज चला. डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन सिर में लगी गंभीर चोट के कारण उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका. आवश्यक चिकित्सकीय जांच और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद मंगलवार को उसे ‘ब्रेन डेड' घोषित कर दिया गया.
दुख के बीच परिवार ने लिया बड़ा फैसला
बेटे की मौत की खबर से परिवार पूरी तरह टूट गया था. इसी दौरान अस्पताल के अंगदान समन्वयकों ने परिजनों को अंगदान के महत्व और इससे अन्य मरीजों को मिलने वाले जीवनदान के बारे में जानकारी दी. भारी दुख के बावजूद परिवार ने समाज के लिए प्रेरणादायक निर्णय लेते हुए अंगदान के लिए सहमति दे दी.
चार मरीजों को मिला नया जीवन
परिजनों की मंजूरी के बाद युवक का लिवर, दोनों किडनी और हृदय दान किया गया. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, लिवर और एक किडनी का सफल प्रत्यारोपण दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती मरीजों को किया गया. दूसरी किडनी पुणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीज को दी गई. वहीं हृदय को तत्काल प्रत्यारोपण के लिए विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मुंबई भेजा गया, जहां एक गंभीर मरीज को नया जीवन देने के लिए उसका उपयोग किया गया. चिकित्सकों के अनुसार, एक अंगदाता कई लोगों को नई जिंदगी दे सकता है. पुणे के इस परिवार के फैसले ने चार गंभीर मरीजों और उनके परिवारों को नई उम्मीद दी है.
यह भी पढ़ें : Organ Donation: क्या है ऑर्गन डोनेशन और ट्रांसप्लांटेशन..? कैसे करता है ये काम...
यह भी पढ़ें : इंदौर में ग्रीन कॉरिडोर कई मरीजों की बनेगा जीवन रेखा, ब्रेन डेड घोषित गौरव के परिजनों ने लिया है अंगदान का फैसला
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं