बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की महाराष्ट्र में हुई एक अहम राजनीतिक मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है. गुरुवार को मुंबई में महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख सुनेत्रा पवार से उनकी मुलाकात हुई. आधिकारिक तौर पर बैठक के एजेंडे का खुलासा नहीं किया गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं के बीच महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति, संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर ने संगठन में बदलाव से लेकर महिला और युवा मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए.
देवगिरी पर हुई मुलाकात
सूत्रों के अनुसार प्रशांत किशोर ने दक्षिण मुंबई स्थित सरकारी आवास ‘देवगिरी' में सुनेत्रा पवार से मुलाकात की. राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और एनसीपी के भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. कुछ महीने पहले हुई पहली मुलाकात के बाद उनके बेटे और राकांपा नेता पार्थ पवार ने कहा था कि किशोर उनके परिवार के परिचित हैं. सुनेत्रा पवार के पति और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनसे यह दूसरी मुलाकात है.
ये रहा आवास में जाने का Video
Mumbai, Maharashtra: Minister and NCP MLA Hasan Mushrif arrives at Devgiri Bungalow, where Jan Suraaj founder Prashant Kishor is also present pic.twitter.com/yyubteMZmc
— IANS (@ians_india) August 6, 2026
संगठन में बड़े फेरबदल का सुझाव
सूत्रों के मुताबिक प्रशांत किशोर ने पार्टी संगठन को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के लिए व्यापक बदलाव की सलाह दी. उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदेश संगठन में तीन से चार वर्ष से एक ही पद पर कार्यरत पदाधिकारियों को बदलकर नए लोगों को जिम्मेदारी दी जाए. बताया गया है कि संगठन में युवाओं और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन बनाते हुए नई टीम तैयार करने पर जोर दिया गया. उनका मानना था कि बदलते राजनीतिक माहौल में नए चेहरों को अवसर देने से संगठन को नई ऊर्जा मिल सकती है.
सुनेत्रा और पार्थ पवार के राज्यव्यापी दौरे पर जोर
बैठक में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई. सूत्रों के अनुसार प्रशांत किशोर ने सुझाव दिया कि सुनेत्रा पवार और एनसीपी नेता पार्थ पवार महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों का दौरा शुरू करें. उन्होंने कहा कि जनता और कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने से संगठन की पकड़ मजबूत होगी और पार्टी का संदेश जमीनी स्तर तक पहुंचेगा.
मुलाकात के बाद आवास से बाहर निकलते हुए प्रशांत किशोर
VIDEO | Mumbai: Jan Suraaj founder Prashant Kishor (@PrashantKishor) leaves after meeting Maharashtra Deputy CM Sunetra Pawar at her official residence.
— Press Trust of India (@PTI_News) August 6, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/QKgT3NypEv
सप्ताह में दो दिन संगठन और प्रशासन को देने की सलाह
सूत्रों का दावा है कि प्रशांत किशोर ने सुनेत्रा पवार को सप्ताह में कम से कम दो दिन संगठनात्मक और प्रशासनिक कामकाज के लिए निर्धारित करने का सुझाव दिया. उनका मानना था कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल राजनीतिक लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
‘माझी लाडकी बहिन योजना' पर फोकस
इस बैठक में महिला मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की ‘माझी लाडकी बहिन योजना' को प्रभावी तरीके से प्रचारित करने पर भी चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक योजना के लाभार्थियों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित करने और महिलाओं के बीच व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का सुझाव दिया गया. इसके जरिए महिला मतदाताओं के बीच पार्टी की पहुंच मजबूत करने की रणनीति पर विचार हुआ.
बीजेपी ने दे दी यह नसीहत
इस मुलाकात को लेकर बीजेपी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी का कहना है कि महायुति गठबंधन की एकता सबसे बड़ी प्राथमिकता है. ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे अलायंस को नुकसान पहुंचे. महारष्ट्र के राजस्व मंत्री और बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले के इस बयान को एक तरह से चेतावनी की तरह देखा जा रहा है.
#BREAKING | Prashant Kishore meets Maharashtra Deputy Chief Minister Sunetra Pawar after Bankipur win, BJP fumes
— NDTV (@ndtv) August 7, 2026
NDTV's @awasthiabhi11 joins @Vedikas with key meet details pic.twitter.com/xiQCCxn1II
‘पहली महिला उपमुख्यमंत्री' के रूप में प्रोजेक्ट करने का सुझाव
सूत्रों के अनुसार प्रशांत किशोर ने सुनेत्रा पवार की राजनीतिक पहचान को और मजबूत करने के लिए उन्हें महाराष्ट्र की "पहली महिला उपमुख्यमंत्री" के रूप में प्रमुखता से प्रस्तुत करने की सलाह दी. वहीं बैठक में सरकार के कामकाज को लेकर भी चर्चा हुई. सूत्रों के अनुसार प्रशांत किशोर ने एनसीपी कोटे के मंत्रियों के प्रशासनिक और संगठनात्मक प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन करने का सुझाव दिया. जरूरत पड़ने पर जिम्मेदारियों में बदलाव और संगठनात्मक पुनर्गठन की भी सलाह दी गई ताकि सरकार और पार्टी दोनों की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके.
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