- बांकीपुर विधानसभा सीट पर जीत के बाद जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बड़ा बयान दिया है.
- प्रशांत किशोर का कहना है कि बीजेपी बांकीपुर में हार गई, इसकी मतलब यह नहीं है कि वह कमजोर हो गई.
- बीजेपी का प्रयास जारी रहेगा. हम अपना प्रयास जारी रखेंगे. तीन साल तक प्रयास करने से मुझे बांकीपुर में मौका मिला
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जनसुराज पार्टी के संस्थापक के प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत हासिल की है. उन्होंने बीजेपी के प्रत्याशी को 19 हजार 324 वोटों के मार्जिन से हराया है. इस जीत के बाद उन्होंने NDTV से खास बातचीत में बड़ा बयान दिया है. बांकीपुर को बीजेपी का किला कहे जाने पर प्रशांत किशोर ने कहा 'इसे बीजेपी का किला कहना तो सही नहीं होगा, यह बीजेपी की मजबूत सीट जरुर थी. जहां से वह लगातार जीतते थे. लेकिन किला जनता का होता है. जनता ही बनाती है, जनता ही हटाती है. बांकीपुर में जातिगत समीकरणों की बात कही जा रही थी. लेकिन यहां 422 बूथ थे. जिसमें से ज्यादातर बूथों पर जनसुराज जीती है. जिससे तय होता है कि हमें सबका आशीर्वाद मिला है.'
भाजपा पर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
प्रशांत किशोर ने बीजेपी को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा 'लोकतंत्र है कभी आप जीतेंगे कभी आप हारेंगे. बीजेपी बांकीपुर में हारी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बीजेपी कमजोर हो गई है. बीजेपी का अपना प्रयास जारी रहेगा. वह प्रयास करती रहेगी. इसी तरह से मैंने भी अगर मैंने तीन साल तक वह प्रयास नहीं किया होता, तो क्या आज बांकेपुर की जनता हमें जिताती. अगर आप प्रयास करेंगे तो आपको आज नहीं तो कल आपको इसका परिणाम दिखेगा.'
#NDTVExclusive | 'बांकीपुर में अगले दो से तीन महीनों में आपको स्पष्ट बदलाव दिखाई देगा'
— NDTV India (@ndtvindia) August 4, 2026
NDTV पर प्रशांत किशोर EXCLUSIVE@prabhakarjourno | #PrashantKishore pic.twitter.com/vroSvJKifg
'जाति दल से ऊपर उठकर लोगों ने वोट किया'
प्रशांत किशोर ने कहा 'बांकीपुर में जनसुराज की जीत यह दिखाती है हमें जाति, धर्म, दल और नेताओं के प्रति प्रतिबद्धता से ऊपर उठकर वोट दिया है. मैं पिछले तीन सालों से यही प्रयास कर रहा था. जिसे बांकीपुर की जनता ने समझा और जनसुराज को वोट दिया. बांकीपुर की जनता ने जो भरोसा जताया है. अब उस पर काम किया जाएगा. अगर मैंने तीन साल तक वह प्रयास नहीं किया होता, तो क्या आज बांकेपुर की जनता हमें जिताती.
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'बिहार में विपक्षी एकता की कोई जरुरत नहीं है'
बांकीपुर में जीत के बाद जब बिहार में विपक्षी एकता को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा 'बिहार में हम लड़ ही रहे हैं, इसलिए यहां विपक्षी एकता की कोई आवश्यकता नहीं है. हम बिहार पर लगातार फोकस रखेंगे. बांकीपुर की जनता को मेरे आचार, विचार को देखकर एक जनप्रतिनिधि के तौर पर कभी शर्मिंदगी नहीं होगी. बांकीपुर को अगले 2 से 3 साल में एक मॉडल विधानसभा के रुप में पेश किया जाएगा. यही प्रयास जनसुराज का रहेगा.
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की बड़ी जीत
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट बीजेपी की मजबूत सीट मानी जाती थी. लेकिन नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में जनसुराज के प्रशांत किशोर ने बड़ा उलटफेर करते हुए यहां बड़ी जीत हासिल की है. वह बांकीपुर विधानसभा सीट के नए विधायक चुने गए हैं. इस तरह से उनकी बिहार विधानसभा में धमाकेदार एंट्री हुई है. प्रशांत किशोर को बांकीपुर सीट पर 64 हजार 151 वोट मिले हैं. जबकि बीजेपी के नीरज सिन्हा को 44 हजार 827 वोट मिले. इसके अलावा आरजेडी की रेखा गुप्ता को यहां 14 हजार 273 वोट मिले थे.
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