- NEET पेपर लीक मामले में संदिग्ध शिवराज मोटेगावकर का आलीशान चार मंजिला बंगला चर्चा का विषय बना हुआ है
- रामोजी फिल्म सिटी के इंजीनियरों द्वारा तैयार नक्शे के अनुसार बंगला पांच हजार स्क्वायर फीट में फैला है
- राजस्थानी और यूरोपियन इंटीरियर के साथ महंगे लकड़ी के फर्नीचर और इम्पोर्टेड लकड़ी की फ्लोरिंग लगी हुई है
NEET पेपर लीक मामले की जांच महाराष्ट्र के लातूर में जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे संदिग्धों की अकूत संपत्ति और आलीशान जीवनशैली के चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. इस मामले में अब आरसीसी क्लासेस के संचालक शिवराज मोटेगावकर का लग्जरी बंगला जांच एजेंसियों और स्थानीय लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ है. लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि यह आलीशान घर सिर्फ एक आशियाना है या फिर कथित 'काले साम्राज्य' की कोई नई कहानी?
रामोजी फिल्म सिटी के इंजीनियरों ने तैयार किया नक्शा
सूत्रों के मुताबिक, करीब पांच हजार स्क्वायर फीट में फैले इस चार मंजिला बंगले का नक्शा 'रामोजी फिल्म सिटी' के पेशेवर इंजीनियरों द्वारा तैयार किया गया है. लातूर के सबसे पॉश और वीआईपी इलाके में बना यह बंगला किसी भव्य महल जैसा नजर आता है.

यूरोपियन इंटीरियर और राजस्थानी शैली का अनूठा संगम
इस बंगले के निर्माण में पानी की तरह पैसा बहाया गया है. इसमें एक विशाल पार्किंग एरिया, राजस्थानी राजपूताना स्टाइल में सजे बेहद आलीशान कमरे और हर दीवार पर यूरोपियन डिजाइन का कीमती लकड़ी का इंटीरियर शामिल है. इतना ही नहीं, पूरे घर में इम्पोर्टेड (आयातित) लकड़ी की फ्लोरिंग की गई है. इस चार मंजिला इमारत में ऐशो-आराम के तमाम आधुनिक साधन मौजूद हैं.
जांच एजेंसियों के रडार पर संपत्ति का स्रोत
लातूर में अब सिर्फ पेपर लीक की ही नहीं, बल्कि इस कथित साम्राज्य को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि कोचिंग क्लास चलाने वाले के पास इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी संपत्ति कहां से आई? नीट पेपर लीक मामले की परतें खुलने के बाद अब जांच एजेंसियां मोटेगावकर के वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और संपत्तियों के इस विशाल नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं. फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है.
सीबीआई गिरफ्तारी के बाद अब अवैध निर्माण पर भी प्रशासनिक कार्रवाई
नीट (NEET) पेपर घोटाले के आरोप में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके शिवराज मोटेगांवकर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. लाखों रुपये की फीस वसूलकर कोचिंग का विशाल नेटवर्क खड़ा करने वाले मोटेगांवकर अब स्थानीय प्रशासन के निशाने पर हैं.
जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि मोटेगांवकर ने लातूर के खोपेगांव शिवर इलाके में एक मेडिकल कॉलेज या शैक्षणिक परिसर के उद्देश्य से एक बड़ी इमारत का निर्माण करवाया था. चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी इमारत का निर्माण बिना किसी आधिकारिक 'बिल्डिंग परमिट' (निर्माण अनुमति) के, पूरी तरह अवैध रूप से किया गया था.
जिला प्रशासन ने इस मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए मोटेगांवकर के इस अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं. प्रशासन ने मोटेगांवकर को एक नोटिस जारी कर इस निर्माण से जुड़े परमिट और अन्य जरूरी कानूनी दस्तावेज तुरंत जमा करने को कहा है. वैध दस्तावेज न मिलने की स्थिति में इस अवैध इमारत के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
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