Mumbai-Pune Expressway Missing Link: महाराष्ट्र दिवस के मौके पर मुंबई-पुणे एक्सप्रेस‑वे से जुड़ी बहुप्रतीक्षित “मिसिंग लिंक परियोजना” का आज लोकार्पण हो गया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया. करीब 6,695 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह लिंक न सिर्फ यात्रा को 6 किलोमीटर छोटा करेगा, बल्कि करीब 30 मिनट का समय भी बचाएगा. खंडाला घाट के खतरनाक मोड़ों से मुक्ति दिलाने वाली यह परियोजना अत्याधुनिक सुरंगों और भव्य केबल‑स्टे ब्रिज के कारण इंजीनियरिंग का नया मानक मानी जा रही है.
LIVE । रायगड यशवंतराव चव्हाण मुंबई - पुणे द्रुतगती मार्ग क्षणतावाढ अंतर्गत 'मिसिंग लिंक' प्रकल्पाचा उद्घाटन सोहळा - लाईव्ह https://t.co/m1naSFkboc
— Eknath Shinde - एकनाथ शिंदे (@mieknathshinde) May 1, 2026
क्या है ‘मुंबई–पुणे एक्सप्रेस‑वे मिसिंग लिंक'?
यह नया मार्ग मुंबई की ओर खोपोली को लोनावला के पास कुसगांव से जोड़ता है. इसके शुरू होने से पुराने घाट सेक्शन का लगभग 70 फीसदी ट्रैफिक डायवर्ट होने की उम्मीद है.
दूरी कम, समय और ईंधन की बचत
नई लिंक से मुंबई-पुणे के बीच की दूरी करीब 6 किलोमीटर कम हो जाएगी. सीधा और सुगम मार्ग मिलने से यात्रियों के समय में औसतन 30 मिनट की बचत होगी और ईंधन की खपत भी घटेगी.
एशिया की सबसे चौड़ी सुरंग का दावा
इस परियोजना में 23.5 से 23.75 मीटर चौड़ी सुरंगें बनाई गई हैं, जिन्हें एशिया की सबसे चौड़ी सड़क सुरंगों में शामिल किया जा रहा है. इसके लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की कोशिश भी की जा रही है.

Mumbai-Pune Expressway Missing Link: मिसिंग लिंक का उद्घाटन
दो सुरंगें, 8‑लेन क्षमता
प्रोजेक्ट में दो ट्विन टनल बनाई गई हैं पहली 8.92 किमी लंबी और दूसरी करीब 1.75 किमी लंबी है. दोनों सुरंगें 8‑लेन क्षमता वाली हैं, जिसमें हर दिशा में 4 लेन हैं. अंदर वेंटिलेशन, आधुनिक लाइटिंग और आपातकालीन निकास की विश्वस्तरीय सुविधा दी गई है.
टाइगर वैली पर भव्य केबल‑स्टे ब्रिज
परियोजना का सबसे आकर्षक हिस्सा टाइगर वैली के ऊपर बना 650 मीटर लंबा केबल‑स्टे ब्रिज है. इसके खंभे 182 से 184 मीटर ऊंचे हैं और यह 252 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं को झेलने में सक्षम है. इसका मुख्य स्पैन 305 मीटर का है.
Redefining the Mumbai-Pune Commute
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) April 30, 2026
What better way to celebrate May 1st than by witnessing a world-class feat of engineering?
The Mumbai-Pune Missing Link is ready to redefine your travel.#MissingLink #MumbaiPune pic.twitter.com/cKOuu60yfR
वायडक्ट ब्रिज और कठिन निर्माण
इसके अलावा 850 मीटर लंबा वायडक्ट ब्रिज भी परियोजना का हिस्सा है. लोनावला झील के नीचे से मार्ग निकालना, सह्याद्रि की दुर्गम पहाड़ियां, घना कोहरा, भारी मानसून और कोरोना महामारी इन तमाम चुनौतियों के बावजूद काम पूरा किया गया.
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
इस लिंक से लोहगढ़, विसापुर किला और कार्ला गुफाओं जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी. बेहतर कनेक्टिविटी से मुंबई और पुणे के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी.
टोल और वाहन नियम
इतनी बड़ी लागत के बावजूद यात्रियों पर कोई नया टोल नहीं लगाया गया है. खालापुर और तलेगांव टोल प्लाजा पर मौजूदा दरें ही लागू रहेंगी. पहले चरण में कार और बसें ही इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगी, जबकि भारी और खतरनाक सामान ले जाने वाले वाहनों को फिलहाल पुराने घाट मार्ग से ही गुजरना होगा.
सुरक्षा और पर्यावरण का फायदा
खतरनाक मोड़ और बॉटलनेक खत्म होने से दुर्घटनाओं का खतरा काफी कम होगा. सुगम यातायात के कारण कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आने की उम्मीद है.
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