महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव से नाता रखने वाले विजय अमृता कुलंगे बतौर IAS अफसर देश को अपनी सेवाएं दे रहे हैं. साल 2013 बैच के IAS अधिकारी विजय अमृता का जन्म, 9 दिसंबर 1976 को हुआ था. ये ओडिशा कैडर में कार्यरत हैं. एक साधारण से परिवार से आनेवाले विजय अमृता ने कई बड़े पदों पर अपनी सेवा दी है. IAS बनना विजय के लिए आसान नहीं था. उनके पिता एक दर्जी थे, जबकि मां एक दिहाड़ी मजदूर थीं. दूसरे लोगों के खेतों में काम करके ये पैसे कमाते थे. दिन रात मेहनत कर उन्होंने अपने बेटे को IAS अफसर बनाया.
एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में विजय अमृता कुलंगे ने अपने संघर्ष की कहानी बताई. विजय अमृता कुलंगे ने अहमदनगर के एक आवासीय हाई स्कूल में साइंस स्ट्रीम में पढ़ाई की. उन्होंने डिप्लोमा इन एजुकेशन (D.Ed) की पढ़ाई की और इस दौरान प्राइमरी टीचर के तौर पर काम किया. लेकिन उन्हें पता था कि उनके सपने कुछ और हैं. वो जीवन में कुछ और हासिल करना चाहते हैं. ऐसे में उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी पढ़ाई करने के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी.
UPSC एग्जाम किया क्रैक
विजय अमृता कुलंगे ने महाराष्ट्र सिविल सेवा का एग्जाम दिया, लेकिन पहले दो प्रयासों में असफल रहे. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. कुलंगे ने अपनी पढ़ाई पर और फोकस किया, आखिरकार महाराष्ट्र सिविल सर्विस एग्जाम को पास कर ली. चौथे प्रयास में तहसीलदार बन गए. वहीं अपने पांचवें अटेम्प्ट में उन्होंने महाराष्ट्र सिविल सर्विस एग्जाम में टॉप करते हुए पूरे राज्य में दूसरे रैंक हासिल की.
इसके बाद साल 2013 में UPSC एग्जाम दिया और इसे क्रैक किया. उन्होंने ओडिशा कैडर मिला. पशुपालन और पशु चिकित्सा सेवाओं निदेशक, कमिश्नर, प्रोजेक्ट डायरेक्टर और असिस्टेंट सेक्रेटरी जैसे पदों पर इन्होंने काम किया है.
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