महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में स्थित एक आश्रम स्कूल के छात्रावास में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे देश का ध्यान खींचा है. यहां अनुसूचित जनजाति समुदाय की छह छात्राओं को सांप ने काट लिया था. इनमें से तीन छात्राओं की मौत हो गई जबकि तीन अन्य का अस्पताल में इलाज जारी है. बताया गया है कि छात्रावास में पर्याप्त चारपाइयों की व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण छात्राएं फर्श पर सोने को मजबूर थीं.
NHRC ने लिया स्वतः संज्ञान
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है. आयोग ने दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. साथ ही अस्पताल में भर्ती छात्राओं की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल करने को कहा है.
मानवाधिकार उल्लंघन की आशंका
आयोग ने अपने बयान में कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला हो सकता है. इसलिए पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच और जवाबदेही तय करना जरूरी है.
छात्रावास में सुविधाओं की कमी पर सवाल
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जिस छात्रावास में यह घटना हुई वहां बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव है. बताया गया है कि एक ही कमरे में 79 छात्राएं रह रही थीं. पिछले 25 वर्षों से संचालित इस छात्रावास में हर साल सांप के काटने की घटनाएं सामने आने की बात भी कही जाती रही है.
देश में बढ़ रहे हैं सर्पदंश के मामले
सांप के काटने से होने वाली मौतों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है. लोकसभा में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्तवर्धन सिंह ने बताया था कि 2023 से 2025 के बीच देश में सर्पदंश से 984 मौतें दर्ज की गईं. आंकड़ों के अनुसार 2023 में 183, 2024 में 370 और 2025 में 431 लोगों की मौत हुई. महाराष्ट्र में भी स्थिति चिंताजनक रही है, जहां 2022 में 2 मौतों के मुकाबले 2025 में यह संख्या बढ़कर 25 पहुंच गई.
यह भी पढ़ें- लावणी के नाम पर फूहड़ता बर्दाश्त नहीं! महाराष्ट्र सरकार ने लागू किए कड़े नियम
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं