Maharashtra FDA Raid: महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने मिलावटखोरों, नकली दवा कारोबारियों और प्रतिबंधित उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चलाकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. 25 मई से 22 जुलाई 2026 के बीच चलाए गए विशेष अभियान में 55 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का मिलावटी खाद्य पदार्थ, अवैध दवाएं और अन्य प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई है. इस दौरान सैकड़ों स्थानों पर छापेमारी कर करीब 600 लोगों को गिरफ्तार किया गया. कार्रवाई के दायरे में मिलावटी दूध, गुटखा, फर्जी दवाएं, अवैध कॉस्मेटिक्स, जहरीली शराब और मेडिकल उपकरण तक शामिल रहे. FDA की इस कार्रवाई ने पूरे राज्य में मिलावट और नकली उत्पादों के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है.
1554 ठिकानों पर छापे, 50 करोड़ से ज्यादा का खाद्य पदार्थ जब्त
FDA के खाद्य विभाग ने 25 मई से 15 जुलाई 2026 के बीच पूरे महाराष्ट्र में 1554 स्थानों पर छापेमारी की. इस दौरान लगभग 50.16 करोड़ रुपये मूल्य का मिलावटी और संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किया गया. सबसे बड़ी कार्रवाई मिलावटी दूध और दूध उत्पादों के खिलाफ रही. टीमों ने 2.68 लाख लीटर मिलावटी दूध और 1.29 लाख किलोग्राम दूध उत्पाद जब्त किए, जिनकी कुल कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है.
गुटखा कारोबार पर सबसे बड़ा प्रहार
प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला बेचने वालों के खिलाफ भी सख्त अभियान चलाया गया. FDA ने 12.59 करोड़ रुपये मूल्य का गुटखा और संबंधित सामग्री जब्त की. इस मामले में 439 एफआईआर दर्ज की गईं और 598 लोगों को गिरफ्तार किया गया. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य में अवैध तंबाकू कारोबार पर बड़ा झटका है.
होटलों और ढाबों की जांच
खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच के लिए राज्यभर में 603 होटल, ढाबे और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया. जांच के दौरान 222 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताओं के चलते 72 लाइसेंस निलंबित कर दिए गए.

फर्जी दवाओं और कॉस्मेटिक्स पर कार्रवाई
औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन विभाग ने 25 मई से 22 जुलाई तक 78 छापेमारी अभियान चलाए. इन कार्रवाइयों में 5.53 करोड़ रुपये का माल जब्त किया गया, जबकि 1.37 करोड़ रुपये की सामग्री पर प्रतिबंध लगाया गया. विभाग ने 18 एफआईआर दर्ज कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया. मुंबई के अंधेरी और भिवंडी में बिना लाइसेंस संचालित कॉस्मेटिक कंपनियों पर कार्रवाई करते हुए 1.23 करोड़ रुपये का माल जब्त किया गया. इस दौरान पाकिस्तान निर्मित 'गोरी ब्यूटी क्रीम' समेत कई मिसब्रांडेड उत्पाद भी पकड़े गए.
जहरीली शराब और मेथनॉल पर शिकंजा
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में मेथनॉल युक्त जहरीली शराब से हुई 18 मौतों के बाद FDA ने विशेष अभियान चलाया. भिवंडी में बिना उचित रिकॉर्ड के रखे गए 5929 किलोग्राम मेथनॉल को जब्त किया गया. अधिकारियों का मानना है कि इसका इस्तेमाल अवैध शराब निर्माण में किया जा सकता था.
Aciloc दवा का स्टॉक वापस मंगाया गया
FDA ने Aciloc 150 और Aciloc 300 दवा के 2.45 करोड़ रुपये मूल्य के स्टॉक को वापस मंगाने का आदेश दिया. जांच में पाया गया कि लेबल पर रैनिटिडीन का उल्लेख था, जबकि फॉर्मूलेशन में फैमोटिडीन का उपयोग किया गया था. इसके बाद पुणे, नागपुर और भिवंडी से संबंधित स्टॉक रिकॉल कराया गया.
ब्लड बैंक और मेडिकल उपकरणों पर भी कार्रवाई
पालघर में बिना स्टरलाइज़ किए गए मेडिकल ग्लव्स बेचने के आरोप में 1.26 करोड़ रुपये का स्टॉक प्रतिबंधित किया गया. इसके अलावा अनियमितताओं के चलते 21 ब्लड सेंटर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि 34 संस्थानों के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए.
राज्यव्यापी अभियान से बढ़ी सतर्कता
FDA अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल जब्ती तक सीमित नहीं रहेगा. मिलावटी खाद्य पदार्थ, नकली दवाओं और अवैध उत्पादों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए आगे भी विशेष अभियान जारी रहेंगे. महाराष्ट्र में की गई इस व्यापक कार्रवाई को खाद्य और दवा सुरक्षा के क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिसने मिलावटखोरों और अवैध कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
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