टाटा ग्रुप (Tata Group) की ताकत कही जाने वाली प्रमोटर कंपनी टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. NDTV प्रॉफिट ने मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से बताया कि टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) के साथ चल रहे तनाव के चलते चंद्रशेखरन पद छोड़ दिया है. चंद्रशेखरन 1987 में टाटा ग्रुप से जुड़े थे. 2009 में वो TCS के CEO बने थे, जबकि 2017 में उन्हें टाटा संस का चेयरमैन बनाया गया था.
इससे पहले रॉयटर्स ने भी सूत्रों के हवाले से बताया है कि टाटा संस के चेयरमैन अपने सबसे बड़े शेयरहोल्डर के साथ तनाव के कारण पद छोड़ने पर विचार कर रहे हैं. कंपनी के मुताबिक, टाटा ग्रुप की चैरिटेबल ब्रांच टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस में करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है.
टाटा संस के पास ग्रुप की 30 से ज्यादा कंपनियों का कंट्रोल है. इनमें टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और एयर इंडिया (Air India) जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं.

चंद्रशेखरन ने अपने शेयरहोल्डर्स से क्या कहा?
चेयरमैन पद से इस्तीफे को लेकर एन चंद्रशेखरन ने अपने शेयरहोल्डर्स के लिए बयान जारी कर आभार जताया है. इसमें उन्होंने कहा, 'मैंने टाटा ग्रुप में अपने प्रोफेशनल जीवन के 40 साल पूरे कर लिए हैं. मैं इस प्रतिष्ठित संस्थान में योगदान देने के बेहद संतोषजनक अवसर के लिए आभारी हूं. पिछले एक दशक से टाटा संस का नेतृत्व करना मेरे लिए बहुत सम्मान और बड़ी जिम्मेदारी की बात रही है. टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर मेरा मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म हो रहा है.'
कार्यकाल बढ़ाने की सिफारिश मंजूर नहीं हुई, इसलिए...
चंद्रशेखरन ने आगे कहा कि सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से मेरे अगले कार्यकाल को पांच साल के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव और सिफारिश की थी, जिसे टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमिटी और बोर्ड ने रिकॉर्ड किया और उसकी सिफारिश की. इसके बाद, 24 फरवरी 2026 को टाटा संस बोर्ड के सामने यह प्रस्ताव रखा गया.
उन्होंने कहा, 'टाटा संस एक बहुत बड़ा संस्थान है और कई रणनीतिक प्रोजेक्ट्स अहम चरणों में हैं. न केवल फरवरी 2027 के बाद ग्रुप का नेतृत्व करने के लिए एक लीडर का होना जरूरी है, बल्कि कर्मचारियों, निवेशकों, पार्टनर्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स के लिए नेतृत्व को लेकर स्पष्टता होना भी महत्वपूर्ण है.'
चंद्रशेखरन ने कहा, 'इन हालात को देखते हुए, आज मैंने टाटा संस बोर्ड को सूचित किया है कि मैंने 20 फरवरी 2027 को अपना कार्यकाल खत्म होने पर दोबारा नियुक्ति के लिए खुद को पेश न करने का फैसला किया है. मैंने बोर्ड से कहा है कि वे जल्द ही उत्तराधिकार (सक्सेशन) पर फैसला करें ताकि सही तरीके से बदलाव हो सके.' बयान के अंत में उन्होंने सभी स्टेकहोल्डर्स के समर्थन के लिए आभार जताया.
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