- मुंबई और नवी मुंबई में हो रही चेन स्नैचिंग की घटनाओं के पीछे मोहन कोकाटे नामक एक आरोपी का नाम आया है.
- आरोपी खुद को छुपाने के लिए हेलमेट पहनता था और कपड़े बदलता था, पर एक जैसे जूते पहनने की आदत से पकड़ में आया.
- मोहन कोकाटे ऑनलाइन जुए की लत में कर्ज में डूबा था, जो उसकी आपराधिक गतिविधियों की मुख्य वजह थी.
मुंबई और नवी मुंबई में पिछले कुछ समय से लगातार हो रही चेन स्नैचिंग की घटनाओं के पीछे एक ही शख्स का हाथ होने का खुलासा हुआ है. पुलिस ने 49 साल के मोहन कोकाटे को गिरफ्तार किया है, जो सायन इलाके में रहता है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुद को पहचान से बचाने के लिए हेलमेट पहनता था, कपड़े बदलता रहता था, लेकिन एक ही तरह के जूते पहनने की उसकी आदत आखिरकार उसकी गिरफ्तारी की वजह बन गई. पुलिस अधिकारियों ने करीब 80 सीसीटीवी फुटेज खंगाले. इन फुटेज में आरोपी का चेहरा तो साफ नहीं दिखा, लेकिन हर वारदात में उसके पैरों में एक जैसे जूते नजर आए. इसी अहम सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपी को ट्रैक किया और दबोच लिया.
ऑनलाइन जुए की लत बनी अपराध की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि मोहन कोकाटे पहले एक गार्डनिंग का बिजनेस करता था, जो वह अपने पिता के साथ चलाता था. उसका परिवार पढ़ा-लिखा और अच्छी स्थिति में है. बहन दुबई में रहती है, भाई अमेरिका में है और एक बेटा चार्टर्ड अकाउंटेंट है और दूसरा इंजीनियर है. बावजूद इसके, ऑनलाइन कैसीनो और जुए की लत ने उसे कर्ज में डुबो दिया.
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पुलिस का कहना है कि साल 2011 में भी वह अपराध के मामलों में जेल जा चुका था. तब उसने परिवार से वादा किया था कि वह सुधर जाएगा. कुछ साल तक सब ठीक चला, लेकिन ऑनलाइन गेमिंग में लगातार नुकसान और बढ़ते खर्चों के चलते वह फिर से अपराध की राह पर लौट आया.

सायन की घटना से खुली पूरी कड़ी
25 जनवरी को सायन इलाके में एक महिला से मंगलसूत्र छीनने की घटना सामने आई. शुरुआत में पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराने से मना कर दिया, क्योंकि छीना गया मंगलसूत्र नकली था. पुलिस ने उसे समझाकर एफआईआर दर्ज करवाई. इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. जांच में पता चला कि आरोपी दोपहिया वाहन से वारदात करता था और बाइक भी चोरी की थी. बाइक को वह नेरुल से चुराकर लाया था और वारदात के बाद ठाणे के टीन हाथ नाका के पास खड़ी कर देता था. वहां से पैदल घर चला जाता, ताकि पुलिस को चकमा दे सके.
जूते बने पहचान का सबसे बड़ा सबूत
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी हर बार कपड़े बदल लेता था, लेकिन जूते नहीं बदलता था. अलग-अलग इलाकों की करीब 80 सीसीटीवी क्लिप में एक जैसे जूते दिखे. जब आरोपी हाथ नाका के पास बाइक लेने पहुंचा तो पुलिस ने उसी आधार पर उसकी पहचान कर उसे पकड़ लिया. गिरफ्तारी के बाद उसने तुरंत कई वारदातों की बात कबूल कर ली.
जनवरी में ही पांच मामले दर्ज
पुलिस के मुताबिक, सिर्फ जनवरी महीने में उसके खिलाफ पांच एफआईआर दर्ज हुई हैं. आरोपी का दावा है कि मुंबई में उसके खिलाफ पहले से 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं, जिनकी पुलिस अब पुष्टि कर रही है. वह ज्यादातर बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाता था और अकेले ही वारदात को अंजाम देता था.
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