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सिंगापुर-हांगकांग की तर्ज पर बदलेगी धारावी की सूरत, CM फडणवीस का मार्च 2028 तक 10 हजार घर देने का निर्देश

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि धारावी पुनर्विकास परियोजना महज ऊंची इमारतें खड़ी करने का कोई कंस्ट्रक्शन प्रोग्राम नहीं है, बल्कि यह धारावीकरों के सर्वांगीण विकास का आंदोलन है.

सिंगापुर-हांगकांग की तर्ज पर बदलेगी धारावी की सूरत, CM फडणवीस का मार्च 2028 तक 10 हजार घर देने का निर्देश
  • CM देवेंद्र फडणवीस ने धारावी पुनर्विकास परियोजना को सिंगापुर और हांगकांग मॉडल पर विकसित करने के निर्देश दिए.
  • उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के केंद्र में लाभ नहीं, बल्कि धारावी के नागरिक और स्थानीय संस्कृति होनी चाहिए.
  • मार्च 2028 तक दस हजार पात्र निवासियों को नए फ्लैट्स दिए जाएंगे. 10 साल में प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य है.

मुंबई की महत्वाकांक्षी धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री अतिथि गृह में एक हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक संपन्न हुई. बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि धारावी का पुनर्विकास सिंगापुर और हांगकांग के आधुनिक हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की तर्ज पर किया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रोजेक्ट के केंद्र में व्यावसायिक लाभ नहीं, बल्कि धारावी के नागरिक, उनकी आजीविका और वहां की स्थानीय संस्कृति होनी चाहिए. 

इस बैठक में मुंबई की मेयर रितू तावड़े, राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर, अदाणी समूह के प्रबंध निदेशक प्रणव अदाणी, अनिल सरदाना, अजीत बारोडिया सहित बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिडे और एमएमआरडीए कमिश्नर डॉ. संजय मुखर्जी जैसे कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे. 

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नागरिकों के हित और आजीविका को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि धारावी पुनर्विकास परियोजना महज ऊंची इमारतें खड़ी करने का कोई कंस्ट्रक्शन प्रोग्राम नहीं है, बल्कि यह धारावीकरों के सर्वांगीण विकास का आंदोलन है. उन्‍होंने कहा कि धारावी की मौजूदा सामाजिक और औद्योगिक व्यवस्था को पूरी तरह कायम रखा जाएगा. लेदर, टेक्सटाइल, रीसाइक्लिंग और खाद्य पदार्थों जैसे प्रमुख लघु उद्योगों को सुरक्षा देने के लिए एक विशेष MSME योजना तैयार की जा रही है. 

साथ ही कहा कि खाद्य उद्योग से जुड़े लोगों के लिए आधुनिक 'क्लाउड किचन' की संकल्पना पर काम किया जाएगा. 

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कुम्हारवाड़ा की पहचान रहेगी कायम: सीएम फडणवीस 

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि धारावी का कुम्हारवाड़ा सिर्फ एक व्यवसायिक क्षेत्र नहीं बल्कि मुंबई की सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत का अहम हिस्सा है. इसे देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं, इसलिए इसका मूल स्वरूप बनाए रखने के लिए सभी पक्षों से चर्चा कर उचित समाधान निकाला जाएगा. 

परियोजना को गति देने के लिए टाइमलाइन तय करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसके पहले चरण के तहत मार्च 2028 तक कम से कम 10 हजार पात्र निवासियों को नए घरों का पजेशन मिल जाना चाहिए. 

पात्र निवासियों को मिलने वाले नए फ्लैट्स में स्वतंत्र किचन, बेडरूम, इन-बिल्ट टॉयलेट्स और नेचुरल वेंटिलेशन की व्यवस्था होगी. साथ ही महिलाओं के लिए स्वतंत्र कम्युनिटी टॉयलेट्स की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. 

प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक सभी सरकारी मंजूरियां और एनओसी एक ही जगह पर तेजी से मिल सकें, इसके लिए एक 'विशेष कक्ष' स्‍पेशल सेल का गठन किया जाएगा. 

धारावी में पुनर्वास भवनों का निर्माण 42 महीनों में और माटुंगा क्षेत्र के पुनर्वास का काम 39 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है. पूरे प्रोजेक्ट को 10 साल के भीतर पूरा करने की समयसीमा तय की गई है. 

 'मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब' और एयर टैक्सी की तैयारी

इस पुनर्विकास की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि धारावी में देश का पहला अत्याधुनिक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब स्थापित किया जाएगा. 
यह हब सेंट्रल, वेस्टर्न और हार्बर रेलवे लाइनों के साथ-साथ कई प्रमुख मेट्रो रूटों को आपस में जोड़ेगा. भविष्य में इसे बुलेट ट्रेन नेटवर्क से भी जोड़ने की योजना है. 

इस हब में हवाई यात्रियों के लिए 'सिटी चेक-इन' की सुविधा होगी. यात्री धारावी में ही अपना सामान बुक कर एयरपोर्ट एक्सप्रेस के जरिए सीधे हवाई अड्डे पहुंच सकेंगे. 

हवाई अड्डे तक सीधे जलमार्ग से जुड़ने के लिए एक फास्ट जेटी बनाई जाएगी. साथ ही भविष्य की उड़ने वाली 'एयर टैक्सी' सेवाओं को ध्यान में रखते हुए एक वर्टीपोर्ट भी विकसित किया जाएगा. 

BKC-धारावी कॉरिडोर का सौंदर्यीकरण भी होगा 

प्रोजेक्ट के तहत बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स से धारावी के बीच के पूरे रूट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा.  इस कॉरिडोर के बीच में एक विशाल ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ और आधुनिक आर्किटेक्चर विकसित होगा. प्रोजेक्ट के तहत एक बेहतरीन नेचर पार्क की संकल्पना को जमीन पर उतारा जाएगा. 

पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक तरीके से पेड़ों का री-ट्रांसप्लांटेशन किया जाएगा और बड़े पैमाने पर नए पौधे लगाए जाएंगे. 

फिलहाल, रेलवे की जमीन के डवलपमेंट, पुनर्वास इमारतों का काम और कुछ क्षेत्रों में झुग्गियों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू हो चुकी है. मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सभी विभागों के आपसी समन्वय से यह प्रोजेक्ट समय पर पूरा होकर मुंबई को एक वैश्विक पहचान दिलाएगा. 

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