- Zepto के गोदाम की जांच में मिली गंदगी ने कंपनियों को खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी को लेकर चेताया है.
- वहीं ग्राहकों को ये जानना जरूरी है कि जो चीजें वो खरीदते हैं उसकी सुरक्षा उसके उत्पादन के साथ शुरू हो जाती है.
- यह सुरक्षा तब तक जारी रहती है जब तक वह चीज सुरक्षित और सही हालात में आप तक नहीं पहुंच जाती.
बेंगलुरु ग्रामीण के होसकोटे में निप्पॉन एक्सप्रेस के चलाए जा रहे जेप्टो के गोदाम की खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जांच की. दी गई जानकारी के मुताबिक, वहां खाने के कई सामानों के पैकेट इधर-उधर पड़े मिले. ठंडा पानी और दूध से जुड़े सामान भी सही तरीके से रखे हुए नहीं थे. फर्श पर कचरा भी दिखाई दिया.
यह जांच कर्नाटक में चलाए जा रहे विशेष खाद्य सुरक्षा अभियान का हिस्सा थी. इसी अभियान में बेंगलुरु के तीन इंदिरा कैंटीन की रसोइयों की भी जांच की गई. अधिकारियों को वहां सामान पर सही जानकारी नहीं होने, गलत जानकारी देने और खाना संभालने तथा रखने के तरीके में गड़बड़ी जैसी कमियां मिलीं.
गोट्टीगेरे की केंद्रीय रसोई को खाना रखने और संभालने की अस्वच्छ स्थिति पाए जाने के बाद बंद कर दिया गया. अधिकारियों ने दाल, हल्दी, खाना पकाने का तेल, गुड़, नमक, चीनी और तैयार खाने के नमूने भी लिए और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे.
इसी अभियान के दौरान बेंगलुरु के 60 बड़े होटलों की भी जांच की गई और खाने के 77 नमूने जांच के लिए भेजे गए.
लेकिन इस पूरी कार्रवाई से आम आदमी के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर खाने का सामान बेचने वाले के लिए क्या नियम हैं और सामान खरीदने वाले को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
खाना बेचने वाले के लिए सबसे पहला नियम क्या है?
खाने का सामान बनाने, रखने, बेचने, पहुंचाने या किसी दूसरे तरीके से लोगों तक पहुंचाने वाले कारोबार को अपनी गतिविधि के हिसाब से FSSAI का रजिस्ट्रेशन या अनुमति लेनी होती है. 2026 में इसके लिए कारोबार की सीमा में बदलाव भी किया गया है.
FSSAI के 13 मार्च 2026 के आदेश के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से 1.5 करोड़ रुपये तक सालाना कारोबार वाले कारोबार के लिए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था है. 1.5 करोड़ रुपये से अधिक और 50 करोड़ रुपये तक कारोबार वाले कारोबार के लिए राज्य स्तर की अनुमति और 50 करोड़ रुपये से अधिक कारोबार पर केंद्रीय अनुमति लागू होती है.
लेकिन एक बात साफ समझनी जरूरी है. FSSAI का रजिस्ट्रेशन या अनुमति लेना ही पूरी जिम्मेदारी नहीं है. खाने को सुरक्षित तरीके से रखना और लोगों तक पहुंचाना भी कारोबार की जिम्मेदारी है.
गोदाम में खाना कैसे रखा जाना चाहिए?
खाने के सामान को केवल एक जगह रखना पर्याप्त नहीं है. गोदाम साफ होना चाहिए. वहां कूड़ा जमा नहीं होना चाहिए. कीड़े-मकौड़ों और चूहों से बचाव की व्यवस्था होनी चाहिए. खाने के सामान को सीधे फर्श पर नहीं रखना चाहिए.
सामान को उचित ऊंचाई पर रखा जाना चाहिए ताकि फर्श की गंदगी, पानी, धूल और दूसरे दूषित पदार्थ खाने तक न पहुंचें.
गोदाम में सफाई करने के लिए भी पर्याप्त जगह होनी चाहिए.
खुले या फटे पैकेट मिलने पर क्या होना चाहिए?
किसी पैकेट का खुला या फटा हुआ दिखाई देना अपने आप में हर मामले में नियम तोड़ना साबित नहीं करता. लेकिन ऐसे सामान को सामान्य बिक्री वाले सामान में नहीं रखना चाहिए.
अगर किसी पैकेट की सील टूटी है, पैकेट फटा है, उसमें छेद है, सामान बाहर निकल रहा है या पैकेट पर गंदगी लगी है तो उसे अलग रखना चाहिए.
खाना बेचने वाले की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे सामान की जांच करे और सुरक्षित न होने पर उसे ग्राहक तक न पहुंचाए.
यह बात घर बैठे सामान मंगाने वाली व्यवस्था में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि ग्राहक गोदाम देख नहीं सकता.
पुराने सामान को ग्राहक तक पहुंचने से कैसे रोका जाता है?
खाने के सामान को रखने और निकालने के लिए दो आसान तरीके बहुत महत्वपूर्ण हैं.
पहला, जो सामान गोदाम में पहले आया है, उसे पहले बेचने या भेजने की कोशिश की जाए. दूसरा, जिसकी खाने योग्य अवधि पहले खत्म होने वाली है, उसे पहले निकालना. इससे पुराने या एक्सपायरी डेट के बाद के सामान ग्राहक तक पहुंचने का खतरा कम होता है.
दूध और ठंडे सामान के लिए क्या सावधानी जरूरी है?
दूध, दही, मक्खन, पनीर, मांस, मछली और जमे हुए सामान को सामान्य कमरे के तापमान पर नहीं रखा जा सकता. इन सामानों को उनकी जरूरत के अनुसार ठंडे या जमे हुए तापमान में रखना जरूरी है.
FSSAI की गाइडलाइन में ठंडे खाने के लिए सामान्य तौर पर 1 से 4 डिग्री सेल्सियस और जमे हुए खाने के लिए माइनस 18 डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान रखने की बात कही गई है.
इसलिए ग्राहक को भी सामान मिलने के बाद उसकी हालत देखनी चाहिए.
अगर जमी हुई चीज पूरी तरह पिघली हुई मिले, दूध या दूसरे ठंडे सामान बहुत गर्म महसूस हों या पैकेट से पानी या कोई दूसरी चीज बाहर निकल रही हो तो सावधानी बरतनी चाहिए.
ग्राहक को सामान लेते समय क्या देखना चाहिए?
घर पर सामान पहुंचने के बाद कुछ सेकंड लगाकर पैकेट की जांच करना बहुत जरूरी है.
सबसे पहले देखें कि पैकेट की सील सही है या नहीं.
फिर देखें कि पैकेट फटा, दबा हुआ या छेद वाला तो नहीं है.
इसके बाद सामान की अंतिम उपयोग तारीख या उसे अच्छी गुणवत्ता में इस्तेमाल करने की तारीख देखें.
पैकेट पर FSSAI की जानकारी भी देखी जा सकती है.
दूध और दूसरे ठंडे सामान में यह भी देखें कि सामान सही ठंडक में आया है या नहीं.
अगर किसी सामान की गंध, रंग, आकार या हालत सामान्य से अलग लगे तो उसे बिना सोचे इस्तेमाल न करें.
'बेस्ट बिफोर' और 'यूज बाई' में क्या अंतर है?
यह जानकारी ग्राहक के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. 'यूज बाई' का मतलब बताई गई तारीख के बाद उस खाने की सुरक्षा की उम्मीद नहीं की जाती. ऐसी तारीख के बाद सामान बेचा या इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. वहीं 'बेस्ट बिफोर' का मतलब है कि उस तारीख तक सामान अपनी बताई गई अच्छी गुणवत्ता बनाए रखने की उम्मीद रखता है.
लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि तारीख से पहले खराब हो चुका सामान सुरक्षित माना जाएगा. अगर पैकेट फूल गया है, सामान खराब दिख रहा है, गंध बदल गई है या पैकेट खराब हालत में है तो केवल तारीख देखकर उसे सुरक्षित नहीं माना जा सकता.
सामान पर सही जानकारी लिखना क्यों जरूरी है?
खाने के पैकेट पर दी गई जानकारी ग्राहक के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है.
ग्राहक को यह पता होना चाहिए कि वह क्या खरीद रहा है, उसमें क्या चीजें हैं, उसका वजन कितना है और उसे कब तक इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
इसीलिए FSSAI ने खाने के सामान पर जानकारी देने के लिए नियम बनाए हैं.
घर बैठे सामान बेचने वाली व्यवस्था में भी ग्राहक को सामान खरीदने से पहले जरूरी जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए.
इसका मतलब यह है कि केवल सामान की तस्वीर और कीमत दिखाकर खरीदारी पूरी कर देना पर्याप्त नहीं है.
ग्राहक FSSAI की जानकारी क्यों देखे?
FSSAI ने लोगों के लिए फूड सेफ्टी कनेक्ट की सुविधा उपलब्ध कराई है. इसके माध्यम से ग्राहक खाने से जुड़ी शिकायत कर सकता है.
अगर किसी ग्राहक को लगता है कि उसे खराब, दूषित, गलत जानकारी वाला या असुरक्षित खाना दिया गया है तो वह शिकायत कर सकता है.
शिकायत करते समय केवल यह लिखना कि 'खाना खराब था' पर्याप्त नहीं होगा. जितना ज्यादा प्रमाण होगा, जांच उतनी आसान होगी.
शिकायत करते समय क्या संभालकर रखें?
अगर आपको खराब या संदिग्ध सामान मिलता है तो तुरंत उसकी तस्वीर ले लें और इन चीजों को संभालकर रखें.
- पैकेट की तस्वीर.
- फटी या खुली सील की तस्वीर.
- सामान पर लिखी तारीख.
- सामान का बैच नंबर.
- FSSAI की जानकारी.
- खरीद की रसीद.
- ऑर्डर नंबर.
- सामान पहुंचने की तारीख.
- अगर ठंडा या जमा हुआ सामान है तो उसकी हालत की तस्वीर.
इन चीजों से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि सामान कहां से आया और किस तरह ग्राहक तक पहुंचा.
खाना बेचने वाले को ये 10 बातें जरूर याद रखनी चाहिए
1. अपने कारोबार के अनुसार FSSAI का रजिस्ट्रेशन या अनुमति लें.
2. गोदाम और दुकान को साफ रखें.
3. खाने का सामान सीधे फर्श पर न रखें.
4. फटे और खुले पैकेट अलग रखें.
5. पुराने सामान को पहले निकालें.
6. जिसकी उपयोग अवधि पहले खत्म होने वाली है, उसे पहले भेजें.
7. दूध, मांस और जमे हुए सामान को सही तापमान पर रखें.
8. खाने और सफाई के रसायनों को अलग रखें.
9. कीड़े-मकौड़ों और चूहों से बचाव करें.
10. सामान कहां से आया और किस ग्राहक तक गया, इसका हिसाब रखें.
ग्राहक को ये 10 बातें जरूर याद रखनी चाहिए
सामान आने पर तुरंत देखें.
1. पैकेट की सील.
2. पैकेट की हालत.
3. अंतिम उपयोग तारीख.
4. सामान की उपयोग अवधि.
5. FSSAI की जानकारी.
6. बैच नंबर.
7. पैकेट पर दी गई जरूरी जानकारी.
8. ठंडे सामान की हालत.
9. गंध और रंग में कोई बदलाव.
10. रसीद और आदेश की जानकारी.
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