महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के नेता और विधायक अबू आजमी ने अतीक अहमद के दिवंगत पुत्र अबान की मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि जिस परिस्थिति में यह घटना हुई है, उससे यह भरोसा नहीं होता कि मामले में पूरी तरह इंसाफ हो रहा है. घटना को लेकर अबू आजमी ने कहा कि कई स्वाभाविक सवाल खड़े होते हैं और अब तक सामने आए घटनाक्रम पर संदेह पैदा होता है. आजमी ने कहा कि कानून को बिना किसी हस्तक्षेप और बिना भेदभाव के अपना काम करने दिया जाना चाहिए. सिर्फ निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ही पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकती है और लोगों का भरोसा बहाल कर सकती है.
'उम्मीद नजर नहीं आ रही...'
अबू आजमी ने कहा कि इस मामले की जांच की जानी चाहिए लेकिन जो लोग दिन के उजाले में और पुलिस की कस्टडी में गोली मरवा देते हैं, वे लोग क्या इस मामले की जांच करेंगे. इंसाफ की उम्मीद नजर नहीं आ रही है. एक ही रास्ता है कोर्ट का लेकिन वहां भी संतुष्टि नहीं है. मैं ज्यादा बोलकर अवमानना नहीं करना चाहता.
उन्होंने कहा कि अगर किसी के खिलाफ केस है, तो उसे पकड़िए. कई लोग पकड़े गए और उन्हें सजा भी हुई है. सरकार दिखाती है कि हम बाहुबली हैं और किसी की दादागिरी बर्दाश्त नहीं करेंगे. अतीक अहमद और उनके परिवार के साथ जो हुआ है, लोगों को शक हो रहा है कि कुछ गड़बड़ी तो नहीं है.

अबू आसिम आजमी
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परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर आजमी ने कहा कि फिलहाल वह निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकते. वक्त ही बताएगा कि उन्हें कोई खतरा है या नहीं, हालांकि किसी को भी कोई खतरा नहीं होना चाहिए.
जब उनसे पूछा गया कि घटना के पीछे कौन हो सकता है, तो उन्होंने कहा, ''जब किसी की मौत पुलिस हिरासत में हुई है, तो इसके पीछे कौन हो सकता है?''
'मामले की जांच होनी चाहिए...'
एसपी नेता ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन यह संदेश देना चाहता है कि सत्ता उसके हाथ में है और वह किसी भी तरह की दबंगई या डराने-धमकाने की राजनीति बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि कुछ रिपोर्टों में इस घटना को सड़क दुर्घटना बताया गया है, लेकिन पूरे मामले की किसी प्रमुख जांच एजेंसी से गहन जांच कराई जानी चाहिए, जिससे सभी तथ्य सामने आ सकें.
अबू आजमी ने कहा कि कानून-व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है. उनके मुताबिक, किसी विश्वसनीय और स्वतंत्र केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच कराए जाने से सभी संदेह दूर होंगे, जवाबदेही तय होगी और यह सुनिश्चित होगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है.
अबू आसिम आजमी ने दोहराया कि इस मामले की सच्चाई तभी सामने आ सकती है, जब जांच किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक प्रभाव से मुक्त होकर की जाए.
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