- छात्रों ने सोमवार को झारखंड विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है.
- रांची के एसएसपी ने कहा कि मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है.
- विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में छह अगस्त से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा पहले ही लागू की जा चुकी है.
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं, विशेष रूप से 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट में गड़बड़ी को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों ने सोमवार को झारखंड विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है. इसको देखते हुए पुलिस ने विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है. रांची जिला प्रशासन ने छात्रों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार के उग्र प्रदर्शन का असर उनके पुलिस वेरिफिकेशन पर पड़ सकता है, जिससे सरकारी या निजी नौकरी पाने में उनके करियर पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा.
रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने के कारण किसी छात्र के करियर पर दाग लगे. शहर के प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ अवरोधक लगाए गए हैं.”
विधानसभा घेराव का ऐलान
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों ने सोमवार को झारखंड विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है. छात्रों के सोमवार को प्रस्तावित ‘विधानसभा मार्च' को देखते हुए पुलिस ने विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है और पूरे शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने कहा, ''छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है.''
उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च में शामिल हों, क्योंकि पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से जारी उनके प्रदर्शन में उन्होंने अनुशासन बनाए रखा है. एडीजी ने कहा, “यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि असामाजिक तत्वों और उपद्रव करने वालों को मार्च में शामिल होने से रोका जाए।”
हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर चेतावनी
एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में छह अगस्त से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा पहले ही लागू की जा चुकी है. उन्होंने बताया कि यह आदेश इन दिनों सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा. एक आधिकारिक बयान के अनुसार, रांची में प्रस्तावित मार्च को देखते हुए रविवार आधी रात से जमशेदपुर में भी ऐसी ही निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. रांची जिला प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों से किसी भी तरह के उग्र प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की अपील की है. प्रशासन ने विधानसभा मार्च के दौरान हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर भी चेतावनी दी है.
छात्रों को बलपूर्वक रोकने का आरोप
बता दें कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया. इस दौरान छह छात्र भूख हड़ताल पर है. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झारखंड के विभिन्न हिस्सों से राजधानी रांची आ रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस बलपूर्वक रोक रही है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू को नजरबंद कर दिया गया है. भाजपा के प्रदेश महासचिव बाउरी ने कहा कि साहू के आवास के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती करके सरकार सफलता हासिल नहीं कर पाएगी.”
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं