आज के समय में कार से लेकर घर में रखी फ्रिज तक, लोग बड़ी ही नहीं बल्कि छोटी-छोटी जरूरतों की चीजें खरीदने के लिए लोन का सहारा लेने लगे हैं. हमें लोन लेना जितना आसान लगता है, उसकी EMI समय पर चुकाना उतना ही बड़ी जिम्मेदारी होती है. अगर किसी वजह से EMI मिस हो जाए, तो इसका सीधा असर आपके CIBIL स्कोर पर पड़ सकता है, जिसकी वजह से फ्यूचर में लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने में परेशानी आ सकती है.
हालांकि, कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या सिर्फ एक EMI मिस होने से CIBIL स्कोर खराब हो जाता है? और अगर स्कोर पर असर पड़ भी जाए, तो क्या उसे दोबारा सुधारा जा सकता है? यहां हम आपके इन्हीं सभी सवालों के जवाब देने जा रहे हैं. आइए समझते हैं कि EMI मिस होने पर आपके क्रेडिट स्कोर पर कितना प्रभाव पड़ता है और कैसे इसमें करें सुधार?
क्या सच में एक EMI मिस होने से CIBIL स्कोर पर पड़ता है असर?
इस सवाल का एक शब्दों में जवाब नहीं दिया जा सकता है. क्योंकि CIBIL स्कोर पर असर सिर्फ एक EMI मिस होने से नहीं पड़ता, बल्कि उस EMI को आपको कितने दिन के अंदर भर दिया इस बात पर निर्भर करता है. सीधे शब्दों में समझें, तो अगर आप EMI डेट के अगले या एक से दो दिन के अंदर भर देते हैं, तो इसका असर CIBIL स्कोर पर नहीं पड़ता है. लेकिन अगर आप डेट से 30 दिन से अधिक देरी करते हैं, तो इसका असर आपके CIBIL स्कोर पर पड़ सकता है.
EMI में 30 दिन से ज्यादा देरी करने पर क्या होता है?
अगर आप EMI में देरी 30 दिनों से अधिक देरी हो जाती है, तो लेंडर इसकी रिपोर्ट क्रेडिट ब्यूरो को देता है. इस स्थिति में EMI मिस होने से आपका CIBIL स्कोर खराब हो सकता है. इससे डिफॉल्ट की एक रिपोर्ट से आपका स्कोर 50 से 100 पॉइंट तक गिर सकता , जो आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में 3 सालों तक बना रहता है.
EMI मिस होते ही सबसे क्या करें?
- अगर आपकी EMI की डेट मिस हो गई है, तो सबसे पहले बैंक वालों को कॉल करें.
- उन्हें बताएं कि आपका किन कारणों से EMI मिस हुआ है.
- इसके बाद बैंक अधिकारी आपको लेट EMI भरने का तरीका बताएंगे.
- जब अधिकारी की ओर से बताए गए तरीके से EMI भर देते हैं, तो इसका असर आपके CIBIL स्कोर पर नहीं पड़ता है.
हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि EMI मिस होने के तुरंत बाद अगर आप इसे भर देते हैं, तो CIBIL स्कोर पर भले ही असर न पड़े लेकिन आपको लेट पेमेंट चार्ज, बैंक बाउंस चार्ज और पेनल्टी पेनल्टी इंटरेस्ट देने होते हैं. ऐसे में कोशिश करें कि EMI मिस न होने दें, ताकि एक्स्ट्रा चार्ज देने से बच सकें.
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