यवतमाल में कीटनाशक से 18 किसानों की मौत हो गई थी. ( प्रतीकात्मक फोटो )
- कृषि राज्य मंत्री सदाभाऊ खोत के साथ घटना
- कीटनाशक से अब तक हो चुकी है 18 किसानों की मौत
- पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
मुंबई:
यवतमाल में कीटनाशक के जहरीले धुएं से मारे गए 18 किसानों को लेकर ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहे गुस्से के बीच बुधवार को एक उत्तेजित किसान ने महाराष्ट्र के एक मंत्री को निशाना बनाकर उसी तरह के कीटनाशक से उनपर छिड़काव करने का प्रयास किया. यह घटना तब घटी जब कृषि राज्य मंत्री सदाभाऊ खोत यवतमाल से 30 किलोमीटर दूर कलाम गांव का दौरा करने के लिए पहुंचे थे, जहां किसान नए साइलेंट हत्यारों से जूझ रहे हैं. आरोपी किसान जिसकी पहचान सिकंदर शाह के रूप में हुई, भीड़ को चीरता हुआ आया और कुछ कीटनाशक को छिड़कने का प्रयास किया लेकिन मंत्री खुद को बचाते हुए वहां से भाग निकले. स्थानीय पुलिस ने तुंरत कार्रवाई करते हुए शाह को पकड़ लिया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया जबकि किसान मंत्री के सामने ही प्रदर्शन करते रहे.
कीटनाशक से 18 मजदूरों और किसानों की मौत, 700 लोगों का इलाज जारी
पिछले दो महीने में जिले के अंदर कपास और सोया के खेतों में जहरीले कीटनाशक के छिड़काव के दौरान कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है जबिक 700 से किसान इससे पीड़ित बताए जा रहे हैं. इस मामले पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने मंगलवार को उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए और साथ ही इसके कारणों और उपचारात्मक उपायों को शुरू करने को कहा. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवार को दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है.
अंडे में कीटनाशक मिलने से दुनिया परेशान, यूरोपीय यूनियन ने बुलाई बैठक
वसंतराव नाइक शेटकारी स्वावलंबन मिशन (वीएनएसएस) के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने मुआवजे को पूरी तरह से अपर्याप्त बताया और प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये देने की मांग की. तिवारी के अलावा, कई अन्य किसान कार्यकर्ता ने अतिरिक्त मुआवजे की मांग की है और वर्तमान राशि को गरीब किसानों के खिलाफ भेदभाव कहा है, जो ज्यादातर आदिवासी हैं.
वीडियो : किसानों की क्यों नहीं हो रही है परवाह
फड़नवीस ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं साथ ही कीटनाशक कंपनियों को छिड़काव के दौरान विशेष सुरक्षात्मक किटों को वितरित करना अनिवार्य करने को कहा है. उन्होंने कहा कि कीटनाशक कंपनियों को सुरक्षात्मक किट प्रदान करने के अलावा, राज्य सरकार किसानों के बीच जागरूकता फैलाने का काम करेगी और यदि आवश्यक हो तो ऐसे सुरक्षा किटों की आपूर्ति भी करेगी.
इनपुट : आईएनएस
कीटनाशक से 18 मजदूरों और किसानों की मौत, 700 लोगों का इलाज जारी
पिछले दो महीने में जिले के अंदर कपास और सोया के खेतों में जहरीले कीटनाशक के छिड़काव के दौरान कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है जबिक 700 से किसान इससे पीड़ित बताए जा रहे हैं. इस मामले पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने मंगलवार को उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए और साथ ही इसके कारणों और उपचारात्मक उपायों को शुरू करने को कहा. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवार को दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है.
अंडे में कीटनाशक मिलने से दुनिया परेशान, यूरोपीय यूनियन ने बुलाई बैठक
वसंतराव नाइक शेटकारी स्वावलंबन मिशन (वीएनएसएस) के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने मुआवजे को पूरी तरह से अपर्याप्त बताया और प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये देने की मांग की. तिवारी के अलावा, कई अन्य किसान कार्यकर्ता ने अतिरिक्त मुआवजे की मांग की है और वर्तमान राशि को गरीब किसानों के खिलाफ भेदभाव कहा है, जो ज्यादातर आदिवासी हैं.
वीडियो : किसानों की क्यों नहीं हो रही है परवाह
फड़नवीस ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं साथ ही कीटनाशक कंपनियों को छिड़काव के दौरान विशेष सुरक्षात्मक किटों को वितरित करना अनिवार्य करने को कहा है. उन्होंने कहा कि कीटनाशक कंपनियों को सुरक्षात्मक किट प्रदान करने के अलावा, राज्य सरकार किसानों के बीच जागरूकता फैलाने का काम करेगी और यदि आवश्यक हो तो ऐसे सुरक्षा किटों की आपूर्ति भी करेगी.
इनपुट : आईएनएस
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Farmers In India