Omkareshwar Suspension Bridge: मध्यप्रदेश के खंडवा जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (Omkareshwar Temple) में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है. ओंकारेश्वर मंदिर को नर्मदा नदी के पार स्थित ममलेश्वर मंदिर से जोड़ने वाले झूला पुल को एहतियातन बंद कर दिया गया है. पुल की लोडिंग केबल के एक महत्वपूर्ण क्लैस्प के ढीला मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पुल को कोई संरचनात्मक क्षति नहीं पहुंची है, लेकिन किसी भी संभावित जोखिम से बचने के लिए मरम्मत कार्य पूरा होने तक आवाजाही रोक दी गई है. फिलहाल श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक पैदल पुल की व्यवस्था जारी है.
लोडिंग केबल का क्लैस्प ढीला मिलने पर कार्रवाई
जानकारी के अनुसार मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात मंदिर प्रशासन को सूचना मिली कि झूला पुल की लोडिंग केबल का एक महत्वपूर्ण क्लैस्प ढीला हो गया है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन ने तत्काल पुल पर आवागमन बंद कर दिया. मामले की जानकारी मिलते ही तकनीकी टीम को मौके पर बुलाया गया और पुल का निरीक्षण शुरू किया गया.

Omkareshwar Suspension Bridge: पुल का क्लैम्पस ढीला
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दी प्राथमिकता
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि पुल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी कारण मरम्मत कार्य पूरा होने तक पुल को बंद रखने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को पूरी तरह खत्म करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में काम किया जा रहा है.
दो दिन में पूरा हो सकता है मरम्मत कार्य
प्रशासन के अनुसार क्लैस्प की मरम्मत और तकनीकी परीक्षण का कार्य जारी है. इसे पूरा होने में लगभग दो दिन का समय लग सकता है. सभी सुरक्षा मानकों की जांच के बाद ही पुल को दोबारा आम लोगों के लिए खोला जाएगा. तकनीकी टीम लगातार पुल की स्थिति का मूल्यांकन कर रही है.
वैकल्पिक पैदल पुल से हो रही आवाजाही
झूला पुल बंद होने के बावजूद श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने निकट स्थित दूसरे पैदल पुल को खुला रखा है. श्रद्धालु उसी मार्ग का उपयोग कर ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर के बीच आवागमन कर रहे हैं.

Omkareshwar Suspension Bridge: बंद किया गया पुल
दोनों मंदिरों का धार्मिक महत्व
ओंकारेश्वर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. धार्मिक मान्यता है कि ओंकारेश्वर और ममलेश्वर दोनों मंदिरों के दर्शन के बाद ही यात्रा पूर्ण मानी जाती है. ओंकारेश्वर मंदिर नर्मदा नदी के मध्य स्थित द्वीप पर है, जबकि ममलेश्वर मंदिर दक्षिणी तट पर स्थित है. दोनों मंदिरों को जोड़ने में यह झूला पुल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
2004 में हुआ था झूला पुल का निर्माण
ओंकारेश्वर के नायब तहसीलदार उदय मंडलोई ने बताया कि झूला पुल का निर्माण वर्ष 2004 में नर्मदा हाइड्रोइलेक्ट्रिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा कराया गया था. यह पुल केवल पैदल यात्रियों के लिए बनाया गया है और इस पर किसी भी प्रकार के वाहन के आवागमन की अनुमति नहीं है.
सुरक्षा के विशेष इंतजाम
बुधवार सुबह से ही प्रशासन ने पुल के दोनों छोर पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कर दी. प्रवेश द्वारों पर ताले लगाए गए हैं और मरम्मत कार्य जारी होने संबंधी सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही पुल को दोबारा खोला जाएगा.
यह भी पढ़ें : मंदिरों के दान पर सियासत तेज: MP सरकार लाएगी डिजिटल दान व्यवस्था, कांग्रेस ने मांगा ऑडिट
यह भी पढ़ें : 144 करोड़ से ज्यादा आय; महाकाल मंदिर में दान का नया रिकॉर्ड, लड्डू प्रसादी व दान से तीन गुना हुई कमाई
यह भी पढ़ें : सागर के जंगल में बाघ का हमला या किसी गोली की गूंज? वीडियो ने खोला नया रहस्य
यह भी पढ़ें : कौन हैं IAS भरत यादव? जिनको लेकर ओपी राजभर ने अखिलेश यादव को MP में निवेश और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर घेरा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं