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Tiger Death in MP: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में फिर हुई बाघ की मौत; करंट का जाल, साजिश या शिकार?

Tiger Death in MP: बाघ संरक्षण के लिए देशभर में प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में लगातार हो रही मौतों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. करंट से हुई मौत, कुएं में मिला शव और संघर्ष में मरे बाघ शावक, ये तीनों घटनाएँ वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगा रही हैं.

Tiger Death in MP: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में फिर हुई बाघ की मौत; करंट का जाल, साजिश या शिकार?
Tiger Death in MP: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में फिर हुई बाघ की मौत; करंट का जाल, साजिश या शिकार?

Tiger Death Bandhavgarh National Park: मध्यप्रदेश के उमरिया ज़िले में बाघों की लगातार हो रही मौतों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है. जनवरी माह में 16 दिनों के भीतर बाघ की मौत (Tiger Death) का यह तीसरा मामला सामने आया है. ताज़ा घटना बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) के धमोखर बफर क्षेत्र से लगे पुटपुरा गांव की है, जहां एक खेत के पास बिछाई गई सोलर पैनल (Solar Panel) की तारों में करंट की चपेट में आने से एक बाघ की मौत हो गई. बाघ संरक्षण के लिए देशभर में प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में लगातार हो रही मौतों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. करंट से हुई मौत, कुएं में मिला शव और संघर्ष में मरे बाघ शावक, ये तीनों घटनाएँ वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगा रही हैं.

इससे पहले दो दिनों में दो मौतें हुईं

इसके पहले भी इस राष्ट्रीय उद्यान में बाघ की मौत का मामला सामने आया था. तब अभयारण्य के भीतर स्थित एक पुराने कुएं में एक वयस्क बाघ का शव मिला था. तब वन विभाग ने जानकारी दी थी कि यह दो दिनों में दूसरी मौत है. इससे पहले कथली बीट क्षेत्र में एक मादा बाघ शावक का शव मिला था, जिसे किसी जंगली जानवर से संघर्ष में मारे जाने की आशंका जताई गई थी.

जानकारी के मुताबिक, धमोखर रेंज के रायपुर क्षेत्र के कुदरी टोला गांव में एक पुराने कुएं से तेज दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना विभाग को दी थी. सूचना मिलते ही अभयारण्य प्रबंधन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और बाघ के शव को बाहर निकाला. बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बाघ की सटीक मौत का कारण और उसकी उम्र का पता चल सकेगा.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुएं में गिरी लाश से निकल रही बदबू से अनुमान लगाया जा रहा है कि बाघ की मौत पांच से छह दिन पहले हो चुकी थी. जिस स्थल पर शव मिला वह वन चौकी से लगभग दो किलोमीटर दूर है. धमोखर रेंज के रेंजर ध्रुव सिंह के अनुसार, आसपास के क्षेत्र में श्वान दस्ते की मदद से तलाशी अभियान भी चलाया गया.

दिसंबर 2025 में सागर में करंट से हुई थी मौत

दिसंबर 2025 में मध्यप्रदेश के सागर जिले के दक्षिण वन मंडल अंतर्गत ढाना हिलगन मार्ग पर मुंडी टोरिया में मिले बाघ के शव की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत बिजली के करंट से होने की आशंका जताई गई थी. इस मामले में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था. ढाना रेंज अंतर्गत हिलगन स्थित मुंडी टोरिया क्षेत्र से करीब 5 से 6 वर्ष आयु के बाघ का शव बरामद किया गया था. सूचना मिलने पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और उनकी उपस्थिति में पंचनामा कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया. वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाघ के शरीर पर किसी भी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए और उसके सभी अंग सुरक्षित थे. पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने प्रारंभिक रूप से बाघ की मौत का कारण बिजली का करंट लगना बताया था.

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