मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण से जुड़े लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद पर फिलहाल फैसला नहीं हो सका है. जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सोमवार को सूचीबद्ध 91 मामलों पर सुनवाई नहीं की. अब इन सभी मामलों पर 15 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे से सुनवाई होगी. बताया गया कि प्रशासनिक कारणों के चलते ये प्रकरण गलती से 14 जुलाई की कॉज लिस्ट में शामिल हो गए थे, जबकि पहले से इनकी सुनवाई 15 जुलाई के लिए तय थी. ऐसे में कोर्ट ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अगली तारीख बरकरार रखी है.
91 मामले थे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध
सोमवार को हाईकोर्ट की खंडपीठ क्रमांक-2 में जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ के समक्ष ओबीसी आरक्षण से जुड़े कुल 91 मामले सूचीबद्ध थे. इन प्रकरणों पर पक्षकारों और अधिवक्ताओं की नजरें टिकी हुई थीं, क्योंकि यह मामला प्रदेश में आरक्षण व्यवस्था और उससे जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों से संबंधित है.
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताई स्थिति
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने कोर्ट को बताया कि मामले उस दिन की सूची में क्रमांक-16 पर लगे हुए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दोपहर 2:30 बजे के बाद संबंधित बैच उपलब्ध नहीं रहेगा, जिससे सुनवाई प्रभावित हो सकती है. इसके बाद अदालत के समक्ष मामलों की सूची और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम की जानकारी रखी गई.
प्रशासनिक कारणों से हुई सूची में त्रुटि
कोर्ट को बताया गया कि इन मामलों की सुनवाई पहले से 15 जुलाई को तय थी. साथ ही इन प्रकरणों में डे-टू-डे यानी लगातार सुनवाई के आदेश भी दिए गए हैं. प्रशासनिक कारणों के चलते ये मामले गलती से 14 जुलाई की सूची में शामिल हो गए थे. इस तथ्य से अवगत होने के बाद अदालत ने मामले की स्थिति स्पष्ट की.
15 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे होगी सुनवाई
सभी पक्षों की बात सुनने के बाद खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि ओबीसी आरक्षण से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई अब 15 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे से की जाएगी. कोर्ट ने कहा कि सुनवाई पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ेगी और उसी दिन मामलों पर विस्तृत बहस होगी.
प्रमोशन में आरक्षण के मामले भी जुड़े
गौरतलब है कि ओबीसी आरक्षण के साथ-साथ प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मामलों की भी सुनवाई इसी प्रक्रिया के तहत हो रही है. इन मामलों में जस्टिस विनय सराफ कॉमन जज के रूप में शामिल रहेंगे. इसलिए आगामी सुनवाई को लेकर विभिन्न पक्षों और प्रभावित वर्गों की नजरें हाईकोर्ट की कार्यवाही पर बनी हुई हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं