उज्जैन के बड़नगर में मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाई गई एक वैन में किए गए विस्फोट का मामला अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में चर्चा शुरू हो गई थी. अब जनहित याचिका के जरिए इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) या केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की गई है. साथ ही धार्मिक जुलूसों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त नियम बनाने की भी मांग उठी है.
हाईकोर्ट में दायर हुई जनहित याचिका
मोहर्रम जुलूस के दौरान हुए कथित विस्फोट मामले को लेकर हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक सुमित हार्डिया ने इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जायेश गुरनानी ने अदालत में पक्ष रखते हुए मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की.
-
'कॉकटेल 2' को मिले रिव्यू पर कृति सेनन ने NDTV वर्ल्ड समिट में कहा- फिल्म देखना एक पर्सनल एक्सपीरियंस है -
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
NIA या CBI जांच की मांग
याचिका में कहा गया है कि यदि यह मामला विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आता है तो इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराई जानी चाहिए. वैकल्पिक रूप से मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की मांग भी की गई है. याचिकाकर्ता का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच जरूरी है.
धार्मिक जुलूसों के लिए SOP बनाने की मांग
याचिका में केवल जांच की मांग ही नहीं की गई है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकार से धार्मिक जुलूसों के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का आग्रह भी किया है. इसमें सुरक्षा मानकों, अनुमति प्रक्रिया और जोखिम प्रबंधन से जुड़े स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाने की बात कही है.
'मॉक ड्रिल' एंगल की भी जांच हो
याचिकाकर्ता ने अदालत से यह मांग भी की है कि जांच एजेंसियां यह पता लगाएं कि कहीं यह पूरा घटनाक्रम किसी तरह की तथाकथित "मॉक ड्रिल" का हिस्सा तो नहीं था. उनका कहना है कि इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने आ सकें.
हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने और आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है. अदालत अब इस जनहित याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगी. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, 23-24 जून की दरम्यानी रात उज्जैन जिले के बड़नगर में मोहर्रम जुलूस निकाला जा रहा था. इसी दौरान एक वैन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया और उसमें विस्फोट किया. विस्फोट के बाद वैन के कांच और लोहे के टुकड़े नीचे मौजूद भीड़ की ओर गिरे, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया था.
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए शोएब, जाहिद और तपसील उर्फ तस्लीम को गिरफ्तार किया था. जांच के दौरान मामले को गंभीर मानते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत भी कार्रवाई की गई. बाद में उन्हें केंद्रीय जेल भेरूगढ़ भेज दिया.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं