विज्ञापन

Gwalior High Court: 'नेताओं के बर्थडे और स्वागत में बिना परमिशन कैसे लग जाते हैं होर्डिंग?' अवैध यूनिपोल पर हाईकोर्ट ने दिए सख्त आदेश

ग्वालियर में अवैध होर्डिंग्स और यूनिपोल को लेकर हाईकोर्ट ने नगर निगम को कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि नेताओं के जन्मदिन और स्वागत में रातों रात बिना परमिशन के होर्डिंग्स कैसे लग जाते हैं? कोर्ट ने 15 दिनों के भीतर शहर को साफ करने और जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए हैं.

Gwalior High Court: 'नेताओं के बर्थडे और स्वागत में बिना परमिशन कैसे लग जाते हैं होर्डिंग?' अवैध यूनिपोल पर हाईकोर्ट ने दिए सख्त आदेश
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर की खूबसूरती बिगाड़ने और हादसों को न्योता देने वाले अवैध होर्डिंग्स यूनिपोल के खिलाफ अब हाईकोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है.
NDTV

मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर की खूबसूरती बिगाड़ने और हादसों को न्योता देने वाले अवैध होर्डिंग्स यूनिपोल के खिलाफ अब हाईकोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. ग्वालियर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस मामले में नगर निगम को जमकर फटकार लगाई है. कोर्ट ने साफ लहजे में कहा है कि नेताओं के जन्मदिन और उनके स्वागत सत्कार के नाम पर रातों रात बिना किसी अनुमति के होर्डिंग्स कैसे तान दिए जाते हैं?

अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर निगम को अगले 15 दिनों के भीतर पूरे शहर से सभी अवैध होर्डिंग्स और यूनिपोल हटाने का अल्टीमेटम दिया है.

नगर निगम की रिपोर्ट से नाखुश कोर्ट

दरअसल, ग्वालियर में धड़ल्ले से लगाए जा रहे अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई के दौरान ग्वालियर नगर निगम ने 10 बिंदुओं पर अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश की. इस रिपोर्ट में निगम ने खुद अदालत के सामने यह स्वीकार किया कि शहर में इस वक्त 150 से ज्यादा अवैध होर्डिंग्स और यूनिपोल लगे हुए हैं, जिन पर उनकी टीम धीरेधीरे कार्रवाई कर रही है.

खुद निगम ने मानी 150 से ज्यादा अवैध होर्डिंग्स की बात

हालांकि, हाईकोर्ट नगर निगम के इस ढीले ढाले जवाब और रिपोर्ट से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हुआ. कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना वैध परमिशन के शहर में एक भी होर्डिंग नहीं दिखना चाहिए. इसके साथ ही कोर्ट ने उन होर्डिंग्स को सबसे पहले और प्राथमिकता के आधार पर हटाने का आदेश दिया है जो शहर के ट्रैफिक सिग्नलों को छिपा रहे हैं और वाहन चालकों का ध्यान भटका कर हादसों की वजह बन रहे हैं.

 मददगार अफसरों पर गिरेगी गाज

हाईकोर्ट ने सिर्फ होर्डिंग्स हटाने के निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि इस पूरे खेल के पीछे छिपे 'सफेदपोश' और भ्रष्ट चेहरों पर भी निशाना साधा है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि जिन प्रशासनिक अधिकारियों के संरक्षण और मिलीभगत की वजह से शहर में अवैध होर्डिंग्स का यह जाल फैला, उनकी पहचान की जाए और उनके खिलाफ भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए.

याचिकाकर्ता ने उठाए निगम की मंशा पर सवाल

इस मामले पर जानकारी देते हुए याचिकाकर्ता के एडवोकेट अनिल श्रीवास्तव ने कहा, "नगर निगम की मंशा शुरुआत से ही साफ नहीं रही है. जब वे खुद कोर्ट में मान रहे हैं कि 150 से ज्यादा अवैध होर्डिंग्स लगे हैं और ये ट्रैफिक को बाधित कर रहे हैं, तो अब तक बड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? कोर्ट ने अब सख्त रुख अपना लिया है और उम्मीद है कि 15 दिन के भीतर पूरा शहर इस अवैध जाल से मुक्त हो जाएगा."

यह भी पढ़ें-  MP Politics: 'लैंड यूज बदलकर हो रहा करोड़ों का खेल', दिग्विजय सिंह ने RSS और राम मंदिर पर भी उठाए सवाल

अब देखना दिलचस्प होगा कि हाईकोर्ट के इस कड़े हंटर के बाद ग्वालियर नगर निगम की टीम कितनी मुस्तैदी से काम करती है और उन रसूखदार नेताओं व लापरवाह अफसरों पर कब गाज गिरती है, जिनकी शह पर शहर की सूरत बिगाड़ी जा रही थी.

यह भी पढ़ें-  राम मंदिर दान चोरी के बाद सबरीमाला मंदिर सोना चोरी कांड पर भी लगी मुहर, भ्रष्टों ने ऐसे दिखाई हाथ की सफाई

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
MP High Court, Gwalior Hindi News, Political Hoardings
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com