Jabalpur Cruise Accident: जबलपुर जिले के बरगी क्षेत्र में 30 अप्रैल 2026 को हुई दर्दनाक नाव दुर्घटना को लेकर अब न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है. इस हादसे में कई लोगों की मौत के बाद भी अब तक प्राथमिकी दर्ज न होने पर जिला जज (एडीजे) / न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने संज्ञान लेते हुए पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने बरगी थाना प्रभारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लापरवाही बरतने वाले नाव चालक के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए और दो दिनों के भीतर इसकी रिपोर्ट न्यायालय में पेश की जाए. अदालत ने इसे गंभीर आपराधिक मामला मानते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की जरूरत पर भी जोर दिया है.
मीडिया रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने लिया संज्ञान
न्यायालय ने इस मामले में समाचार पत्रों और सोशल मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट्स के आधार पर संज्ञान लिया. रिपोर्ट्स के अनुसार 30 अप्रैल को शाम करीब 5:30 से 6:30 बजे के बीच बरगी क्षेत्र में नाव चालक ने लापरवाहीपूर्वक नाव चलाई, जिससे नाव असंतुलित होकर डूब गई. इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जबकि नाव चालक खुद सुरक्षित बाहर निकल गया.

Jabalpur Bargi Dam Cruise Accident: बरगी क्रूज हादसा
डूबते लोगों को छोड़कर भागा नाव चालक
कोर्ट के अवलोकन में यह तथ्य भी सामने आया कि नाव चालक को नाव संचालन का पूरा अनुभव होने के बावजूद उसने डूबते हुए यात्रियों की मदद नहीं की. वह स्वयं को बचाकर निकल गया और किसी को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया. अदालत ने इस आचरण को अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना और आपराधिक प्रकृति का बताया.
BNS की गंभीर धाराओं में अपराध
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले को भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 106 (अपराधिक मानव वध) और धारा 110 के अंतर्गत गंभीर अपराध की श्रेणी में माना है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया यह मामला केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही से जीवन को खतरे में डालने का गंभीर अपराध बनता है.

Jabalpur Bargi Dam Cruise Accident: क्रूज हादसे पर कोर्ट सख्त
कोर्ट के स्पष्ट निर्देश
कोर्ट ने बरगी थाना प्रभारी को ये निर्देश जारी किए हैं :
- तुरंत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की जाए.
- मामले की विधिवत जांच प्रारंभ की जाए.
- दो दिनों के भीतर FIR और जांच की स्थिति से न्यायालय को अवगत कराया जाए.
- भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं.
बचाव में जुटे लोगों की कोर्ट ने की सराहना
अदालत ने उन स्थानीय नागरिकों और प्रत्यक्षदर्शियों की भी सराहना की, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर डूब रहे लोगों को बचाने का प्रयास किया. कोर्ट ने कहा कि संकट की घड़ी में ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक हैं.
FIR नहीं हुई तो बढ़ेगा खतरा: कोर्ट की चेतावनी
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसी घटनाओं में समय पर FIR दर्ज नहीं की जाती, तो नाव संचालन और अन्य गतिविधियों में लापरवाही बढ़ेगी और इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है.
प्रशासन और पुलिस पर बढ़ा दबाव
इस आदेश के बाद पुलिस और प्रशासन पर दबाव साफ नजर आ रहा है. हालांकि अब तक पुलिस की ओर से इस मामले में की गई कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. कोर्ट के निर्देशों के बाद आने वाले दो दिनों में पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
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