मध्यप्रदेश की एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला घुड़सवार 1.62 करोड़ रुपये की बड़ी साइबर ठगी का शिकार होते-होते बच गई. इंदौर की घुड़सवार सुदीप्ति हजेला ने विदेशी कंपनी से ‘बाइडेन' नाम का घोड़ा खरीदने का सौदा किया था, लेकिन इसी दौरान साइबर अपराधियों ने कंपनी के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाकर भुगतान की दिशा बदल दी. ठगों के झांसे में आकर घुड़सवार की ओर से 1.62 करोड़ रुपये न्यूयॉर्क स्थित एक बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए गए. मामला सामने आने के बाद मध्यप्रदेश साइबर सेल ने तेजी से कार्रवाई की और अमेरिकी बैंक के सहयोग से रकम पर रोक लगवाकर महज सात दिनों के भीतर पूरी राशि वापस दिला दी.
विदेशी कंपनी से घोड़ा खरीदने का किया था सौदा
जानकारी के अनुसार इंदौर की घुड़सवार सुदीप्ति हजेला अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. उन्होंने एक विदेशी कंपनी से ‘बाइडेन' नाम का घोड़ा खरीदने का करार किया था. मार्च 2026 से कंपनी के साथ नियमित वित्तीय लेनदेन भी चल रहा था और घोड़े की कुल कीमत का करीब 45 प्रतिशत भुगतान आधिकारिक बैंक खाते में किया जा चुका था.
फर्जी ईमेल से रची गई ठगी की साजिश
मामले में साइबर अपराधियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी का प्रयास किया. साइबर सेल के अनुसार ठगों ने कंपनी के संचालक की ईमेल आईडी से मिलती-जुलती एक फर्जी ईमेल आईडी बनाई और सुदीप्ति हजेला को संदेश भेजा. ईमेल में दावा किया गया कि तकनीकी कारणों से कंपनी के पुराने बैंक खाते में भुगतान स्वीकार नहीं किया जा सकता. इसके बाद शेष रकम एक नए बैंक खाते में जमा करने के निर्देश दिए गए.

Sudipti Hajela: सुदीप्ति हजेला
Photo Credit: Sudipti Hajela Profile FB
ईमेल स्पूफिंग और बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज का मामला
जांच में सामने आया कि यह मामला ईमेल स्पूफिंग और बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज (BEC) साइबर फ्रॉड से जुड़ा था. ईमेल स्पूफिंग में अपराधी किसी विश्वसनीय व्यक्ति या संस्था की पहचान का इस्तेमाल करते हैं, जबकि बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज में आधिकारिक ईमेल जैसी दिखने वाली आईडी के जरिए भुगतान को गलत खाते में ट्रांसफर करवाया जाता है. ठगों की इसी चाल में फंसकर 1.62 करोड़ रुपये न्यूयॉर्क स्थित बैंक खाते में भेज दिए गए.
परिजन की शिकायत पर हरकत में आई साइबर सेल
घटना के समय सुदीप्ति हजेला विदेश में प्रशिक्षण ले रही थीं. मामले की जानकारी मिलने पर उनके एक परिजन ने मध्यप्रदेश साइबर प्रकोष्ठ से शिकायत की. शिकायत मिलते ही साइबर टीम ने तत्काल जांच शुरू की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवश्यक संपर्क स्थापित किए.

Sudipti Hajela: सुदीप्ति हजेला
Photo Credit: Sudipti Hajela FB Profile
अमेरिकी बैंक से संपर्क कर रोका ट्रांजैक्शन
राज्य साइबर प्रकोष्ठ की उप निरीक्षक भारती विश्वकर्मा के नेतृत्व में टीम ने संबंधित अमेरिकी बैंक से संपर्क किया. कानूनी प्रक्रिया के तहत बैंक खाते में हुए लेनदेन पर रोक लगवाई गई ताकि धनराशि आगे ट्रांसफर न हो सके. त्वरित कार्रवाई के कारण ठग रकम निकालने में सफल नहीं हो पाए.
सात दिन में वापस मिली पूरी रकम
साइबर दस्ते की सक्रियता का नतीजा रहा कि शिकायत मिलने के केवल सात दिनों के भीतर पूरी 1.62 करोड़ रुपये की राशि शिकायतकर्ता को वापस मिल गई. इतनी बड़ी रकम की रिकवरी को साइबर अपराधों के मामलों में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है.
ऑनलाइन लेनदेन में बरतें सावधानी
साइबर लॉ एक्सपर्ट अक्षय वाजपेयी का कहना है कि किसी भी बड़े वित्तीय लेनदेन से पहले ईमेल, बैंक खाते और भुगतान संबंधी निर्देशों का एक से अधिक माध्यम से सत्यापन करना जरूरी है. किसी भी संस्था या कारोबारी साझेदार की ओर से बैंक खाते में बदलाव की सूचना मिलने पर सीधे फोन कॉल या आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करनी चाहिए.
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