धार भोजशाला विवाद से जुड़े नमाज़ के मुद्दे पर अब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी. दरअसल मुस्लिम पक्ष की ओर से भोजशाला के पास ही नमाज़ अदा करने के लिए वैकल्पिक ज़मीन मुहैया कराने की मांग की गई थी. इस मामले पर अदालत में शुक्रवार को ही सुनवाई होनी तय थी, लेकिन मामला लिस्ट नहीं हो सका. इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के सामने जल्द सुनवाई की अपील की. जिस पर खुद चीफ जस्टिस ने कहा कि कुछ मिस-कम्युनिकेशन हो गया था इसलिए अब सोमवार को इस पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करेंगे.
धार प्रशासन के फैसले से असंतुष्ट है मुस्लिम पक्ष
मुस्लिम पक्ष ने अपनी याचिका में बताया है कि शुक्रवार को 1 से 3 बजे के बीच नमाज़ का समय निर्धारित है. लेकिन, प्रशासन ने भोजशाला से लगभग दो किलोमीटर दूर नमाज़ के लिए स्थान तय किया है, जो उन्हें स्वीकार्य नहीं है.
इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि कुछ गलतफहमी के कारण यह मामला आज की लिस्ट में शामिल होने से छूट गया था. अदालत ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि अब इस याचिका पर सोमवार को विस्तार से सुनवाई की जाएगी.
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सरकार ने कोर्ट को दिया भरोसा
इससे पहले हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया था कि वह भोजशाला के समीप ही नमाज़ के लिए उचित जगह उपलब्ध कराए. आज की कार्यवाही के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया कि इस समस्या का समाधान निकालने की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार आपस में संपर्क में हैं और जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा. सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने साफ किया है कि जल्द ही इस मामले का सर्वमान्य समाधान निकाल लिया जाएगा.
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