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Rajya Sabha Nomination: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मीनाक्षी नटराजन नामांकन रद्द का मामला, आज आ सकता है बड़ा फैसला?

मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीट के लिए चुनाव होने हैं. दो राज्यसभा सीटों पर भाजपा की जीत तय है, लेकिन एक मात्र सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया है, जिसके खिलाफ कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची है.

Rajya Sabha Nomination: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मीनाक्षी नटराजन नामांकन रद्द का मामला, आज आ सकता है बड़ा फैसला?
मीनाक्षी नटराजन

MP Rajya Sabha Seat: मध्य प्रदेश की एक मात्र राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रिटर्निंग अफसर द्वारा किए जाने के बाद कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट ने अब दरवाजा खटखटाया है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका की कांग्रेस ने जल्द सुनवाई की मांग की है. बुधवार को कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला, जिसके बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के बाद चुनाव आयोग से मिले कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कोई हल निकलता नहीं देखकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और कोर्ट में दाखिल में रिटर्निंग अफसर द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन खारिज करने को चुनौती दी है. कांग्रेस ने दाखिल याचिका में मामले की जल्द सुनवाई की मांग की है. 

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मामले पर विचार-विमर्श जारी, चुनाव आयोग ने अभी नहीं लिया है अंतिम निर्णय

रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को चुनाव आयोग पहुंचे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने करीब 35 मिनट तक बातचीत की. इनमें केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, मीनाक्षी नटराजन, भूपेश बघेल, अभिषेक मनु सिंघवी और विवेक तन्खा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. चुनाव आयोग ने मामले में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन उसके पहले कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर लिया है. आयोग का कहना है कि मामले पर अभी विचार-विमर्श जारी है.

कांग्रेस का आरोप, 'नामांकन रद्द करने का फैसला बिना आधार के किया गया'

कांग्रेस का आरोप है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने गलत तरीके से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किया है और इसे वापस लिया जाना चाहिए. पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि नामांकन रद्द करने का फैसला बिना किसी ठोस आधार के किया गया है और किसी मामले का सही खुलासा नहीं किया गया. कांग्रेस मामले को अब सड़क पर भी उठाने की रणनीति बना रही है.

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कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नियमों के अनुसार केवल उन मामलों का खुलासा जरूरी होता है, जिनमें आरोप तय हो चुके हों, लेकिन मीनाक्षी नटराजन के मामले में ऐसा कोई मामला नहीं है. उन्होंने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले के बाद चुनाव याचिका ही कानूनी रास्ता बचता है, जिसके जरिए इस फैसले को चुनौती दी जा सकती है. 

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बीजेपी की शिकायत के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने खारिज कर दिया नामांकन

गौरतलब है मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस से मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन बीजेपी की शिकायत के बाद जांच के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनके चुनावी हलफनामे में एक मामले से जुड़ी जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है, जबकि कांग्रेस का आरोप है कि नामांकन खारिज करने का फैसला कानून और तथ्यों के विपरीत है.

आयोग रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को पलट सकता है : अभिषेक मनु सिंघवी

पार्टी का कहना है कि जिस मामले का हवाला देकर आपत्ति उठाई गई, उसमें अभी किसी सक्षम अदालत ने संज्ञान ही नहीं लिया है, इसलिए उसे छिपाई गई जानकारी नहीं माना जा सकता. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस ने पहले आयोग से ही समाधान की कोशिश की, ताकि कानूनी प्रक्रिया में समय न लगे, क्योंकि तब तक चुनाव प्रक्रिया पूरी हो सकती है.

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सिंघवी ने सुझाव दिया था कि आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 का इस्तेमाल करते हुए रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को पलट सकता है. कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक अनुच्छेद 324 का उपयोग आमतौर पर उन परिस्थितियों में किया जाता है, जहां चुनावी कानून में स्पष्ट प्रावधान न हो. हालांकि इस मामले में स्थिति अलग मानी जा रही है.

2017 के गुजरात राज्यसभा चुनाव में आयोग ने पलट दिया था रिटर्निंग ऑफिसर का निर्णय

उल्लेखनीय है कि साल 2017 के गुजरात राज्यसभा चुनाव में चुनाव आयोग ने अनुच्छेद 324 अधिकार का इस्तेमाल कर रिटर्निंग ऑफिसर का निर्णय पलट दिया था, जिससे कांग्रेस के उम्मीदवार अहमद पटेल की जीत सुनिश्चित हुई थी. मामले में अभी आयोग ने अभी अंतिम निर्णय नहीं दिया है और अभी विचार-विमर्श जारी है, उससे पहले ही कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. 

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