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BRICS Indore Declaration: 4 नए नेटवर्क; शिवराज सिंह ने कृषि में वैश्विक सहयोग का नया रोडमैप बताया

इंदौर में BRICS देशों ने ‘इंदौर डिक्लेरेशन’ जारी कर कृषि, खाद्य सुरक्षा और डिजिटल एग्रीकल्चर को लेकर नई वैश्विक दिशा तय की. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्या जानकारी दी जानिए.

BRICS Indore Declaration: 4 नए नेटवर्क; शिवराज सिंह ने कृषि में वैश्विक सहयोग का नया रोडमैप बताया
BRICS Indore Declaration: कृषि में वैश्विक सहयोग का नया रोडमैप, शिवराज सिंह का बड़ा ऐलान

BRICS Indore Declaration: भारत की अध्यक्षता में इंदौर में संपन्न ब्रिक्स देशों की कृषि मंत्रिस्तरीय बैठक ने वैश्विक कृषि सहयोग को नई दिशा देते हुए ‘इंदौर डिक्लेरेशन' के रूप में एक ऐतिहासिक घोषणापत्र पेश किया है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस घोषणा पत्र का केंद्र किसान है और इसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूल खेती, कृषि व्यापार और डिजिटल एग्रीकल्चर को मजबूती देना है. इस दौरान ब्रिक्स देशों ने प्राकृतिक खेती से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कृषि तक, कई नए वैश्विक नेटवर्क बनाने पर सहमति जताई. इंदौर में हुए इस सम्मेलन को भविष्य की कृषि व्यवस्था के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है.

BRICS Indore Declaration: ब्रिक्स देशों की बैठक में शामिल सदस्य और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

इंदौर बना वैश्विक कृषि कूटनीति का केंद्र

इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों की कृषि मंत्रिस्तरीय और अधिकारी स्तरीय बैठकों में लगभग 100 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें करीब 60 विदेशी प्रतिनिधि शामिल थे. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ब्रिक्स देश दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और वैश्विक खाद्यान्न उत्पादन में भी करीब 42 प्रतिशत योगदान देते हैं. ऐसे में इस मंच पर लिए गए फैसलों का प्रभाव पूरी दुनिया की कृषि व्यवस्था पर पड़ना तय है.

चार बड़ी प्राथमिकताएं; खाद्य सुरक्षा से जलवायु तक

बैठक में चार प्रमुख विषयों पर व्यापक चर्चा हुई.

  • वैश्विक खाद्य और पोषण सुरक्षा
  • कृषि व्यापार और सहयोग
  • जलवायु परिवर्तन के बीच टिकाऊ खेती
  • कृषि क्षेत्र में तकनीक और नवाचार

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की आय, खाद्य उपलब्धता और पोषण सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए इन सभी मुद्दों पर ठोस रोडमैप तैयार किया गया है.

‘इंदौर डिक्लेरेशन'; किसान केंद्रित वैश्विक दृष्टि

इंदौर में तैयार किए गए इस घोषणापत्र को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया. इसमें किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, खाद्य प्रणालियों को मजबूत करने और जलवायु संकट के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास की प्रतिबद्धता जताई गई है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि वैश्विक कृषि विकास के लिए साझा संकल्प है, जिसे जमीन पर उतारने का लक्ष्य तय किया गया है.

चार नए वैश्विक नेटवर्क पर सहमति

इंदौर बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि चार नए संस्थागत नेटवर्क की स्थापना रही:

  1. एग्रो-इकोलॉजी और रीजेनेरेटिव एग्रीकल्चर नेटवर्क : यह नेटवर्क प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देगा. भारत का मोदीपुरम स्थित संस्थान इस दिशा में प्रमुख भूमिका निभाएगा.
  2. डिजिटल एग्रीकल्चर नेटवर्क : AI, डेटा और डिजिटल तकनीकों को कृषि से जोड़ने के लिए यह प्लेटफॉर्म काम करेगा. इसका समन्वय IIT दिल्ली करेगा.
  3. बीज अधिकारों के लिए ग्लोबल फोरम : इसका उद्देश्य पारंपरिक बीजों और किसानों के अधिकारों की रक्षा करना है.
  4. BRICS AgriN नेटवर्क : यह कृषि इनपुट, जेनेटिक संसाधन और जानकारी के आदान-प्रदान को मजबूत करेगा.

‘लैब टू लैंड' मॉडल पर जोर : शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अनुसंधान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सीधे किसानों के खेत तक पहुंचना चाहिए. BRICS Agricultural Research Platform को ‘Knowledge to Action Hub' के रूप में विकसित करने का निर्णय इसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

कृषि व्यापार और सहयोग को नई गति
ब्रिक्स देशों ने निष्पक्ष और पारदर्शी व्यापार व्यवस्था पर सहमति जताई है. BRICS Grain Exchange जैसी पहल पर भी विचार किया गया, जिससे सदस्य देशों के बीच खाद्यान्न व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. द्विपक्षीय बैठकों में कस्टम बाधाओं को कम करने और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई.

जलवायु संकट और टिकाऊ खेती पर फोकस

बैठक में जलवायु परिवर्तन, एल-नीनो और कार्बन क्रेडिट जैसे अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रीजेनेरेटिव फार्मिंग और क्लाइमेट-रेजिलिएंट खेती भविष्य की जरूरत है. फूड लॉस (खाद्य नुकसान) को कम करने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने पर भी सहमति बनी.

किसानों को सस्ती खाद की गारंटी

मंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद केंद्र सरकार किसानों को सस्ती दर पर उर्वरक उपलब्ध करा रही है. उन्होंने बताया कि यूरिया 266 रुपये और DAP 1350 रुपये प्रति बोरी की दर से दिया जा रहा है, जबकि अतिरिक्त लागत का भार सरकार स्वयं उठा रही है.

छोटे किसानों, महिलाओं और युवाओं पर फोकस

इस बैठक में छोटे और सीमांत किसानों की समस्याओं पर विशेष चर्चा हुई. महिलाओं और युवाओं की भागीदारी को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया. भारत में तेजी से बढ़ रहे एग्री-स्टार्टअप और नई तकनीकों को लेकर भी सकारात्मक रुख सामने आया.

तकनीक से जुड़ेंगे किसान

सरकार का लक्ष्य है कि छोटे किसान भी आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें. इसके लिए कस्टम हायरिंग सेंटर और सामूहिक मॉडल के जरिए मशीनरी उपलब्ध कराई जा रही है. ड्रोन, AI और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए खेती को आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया.

इंदौर की मेजबानी की सराहना

शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर की मेजबानी को ऐतिहासिक बताया. प्रतिनिधियों को शहर की संस्कृति, खानपान और पर्यटन स्थलों से परिचित कराया गया. मेघदूत गार्डन में ‘ब्रिक्स वाटिका' भी स्थापित की गई, जहां सभी देशों के प्रतिनिधियों ने वृक्षारोपण किया.

‘टीम इंडिया' की ताकत का प्रदर्शन

इस आयोजन को ‘Whole of Government Approach' का उदाहरण बताते हुए मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार सहित विभिन्न विभागों के समन्वय से यह सफल आयोजन संभव हुआ है.

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