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Indian Army Day: 15 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है आर्मी डे? कम ही लोग जानते हैं इसके पीछे की कहानी

Indian Army Day 2026: हर साल भारतीय सेना 15 जनवरी को आर्मी डे सेलिब्रेट करती है. इस दिन कई तरह के कार्यक्रम होते हैं और सेना के जवानों के बलिदान को याद किया जाता है.

Indian Army Day: 15 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है आर्मी डे? कम ही लोग जानते हैं इसके पीछे की कहानी
Indian Army Day: सेना दिवस क्यों मनाते हैं

Indian Army Day: भारतीय सेना दुनियाभर में सबसे मजबूत सेनाओं में गिनी जाती है. सेना के जवानों के बलिदान और उनके समर्पण को याद करने के लिए हर साल 15 जनवरी को आर्मी डे मनाया जाता है. इस मौके पर देशभर में भारतीय सेना के जवान जश्न मनाते हैं और कई तरह के कार्यक्रम भी होते हैं. इस दिन के पीछे काफी खास वजह है, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि सेना दिवस 15 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है. आइए जानते हैं कि सेना दिवस क्यों मनाया जाता है और इसके पीछे की पूरी कहानी क्या है. 

क्यों मनाया जाता है सेना दिवस?

pib.gov.in में दी गई जानकारी के मुताबिक, हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस के तौर पर इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि ये उस ऐतिहासिक पल की याद दिलाता है, जब 1949 में जनरल केएम करियप्पा ने अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल सर एफआरआर बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली थी. इसके बाद करियप्पा आजाद भारत के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने थे. बाद में उन्हें फील्ड मार्शल का पद भी मिला. 

चट्टान की तरह खड़ी है भारतीय सेना 

ईस्ट इंडिया कंपनी की सेनाओं से भारतीय सेना की शुरुआत हुई थी. बाद में ये ब्रिटिश इंडियन आर्मी और रियासती सेना कहलाई. देश को  1947 में आजादी के बाद भारतीय सेना को एक राष्ट्रीय सेना बनाया गया. इसके बाद से ही भारतीय सेना ने हर मौके पर अपना पराक्रम दिखाया और देश की रक्षा के लिए चट्टान की तरह खड़ी रही. यही वजह है कि सेना को लेकर देश के लोगों में काफी सम्मान है और इसी वजह से सेना दिवस को धूमधाम से मनाया जाता है. 

भारतीय सेना की ताकत 

दुनियाभर में भारतीय सेना की ताकत की बात करें तो ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स में भारतीय सेना को चौथा नंबर दिया गया है. कुल 145 देशों की लिस्ट में भारतीय सेना टॉप-5 सबसे ताकतवर सेनाओं में शामिल है. भारत से पहले रूस, चीन और अमेरिका जैसे देश आते हैं. संख्या की बात करें तो भारतीय सेना में 12 लाख से ज्यादा जवान हैं. साथ ही भारतीय सेना कई घातक हथियारों और गोला बारूद से लैस है, जिसका एक छोटा उदाहरण हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर में दिखा था. 

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