- दिल्ली के आखिरी कोतवाल गंगाधर नेहरू पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू के दादा थे.
- दिल्ली के सबसे पहले कोतवाल मलिक-उल-उमरा फखरुद्दीन 1237 ईस्वी में बने थे, जिनका मुख्यालय महरौली था.
- 1 जुलाई 1978 को दिल्ली में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की गई. वर्तमान आयुक्त आईपीएस अनुराग कुमार हैं.
दिल्ली पुलिस का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिल्ली को आखिरी कोतवाल राहुल गांधी के परिवार ने दिया था? 1980 के दशक के एआई फोटो ट्रेंड के बीच जब दिल्ली पुलिस ने अपनी 46 साल पुरानी असली तस्वीरें शेयर कीं, तो दिल्ली पुलिस का 789 साल पुराना ऐतिहासिक सफर और दिल्ली के आखिरी कोतवाल का दिलचस्प किस्सा भी सामने आया.
दरअसल, दिल्ली पुलिस ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से #80sTrend में हिस्सा लेते हुए लिखा था कि जब हमारे पास ओरिजिनल फोटो हैं, तो एआई से क्यों बनवाएं? इस कैप्शन के साथ ही दिल्ली पुलिस ने साड़ी पहने महिला पुलिसकर्मियों द्वारा फायरिंग का अभ्यास, परेड करते दिल्ली पुलिस के जवान, सलामी लेते दिल्ली पुलिस अधिकारी, कार में वायरलेस का इस्तेमाल व कारों के काफिले के पास खड़े पुलिसकर्मियों की पांच पुरानी वास्तविक तस्वीरें शेयर की थीं.
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दिल्ली पुलिस ने 80s एआई फोटो ट्रेंड में शेयर की पुरानी वास्तविक तस्वीर. Photo Credit: delhi police
दिल्ली पुलिस का इतिहास: मलिक-उल-उमरा फखरुद्दीन थे पहले कोतवाल
1980 के एआई फोटो ट्रेंड के बाद जब दिल्ली पुलिस का इतिहास खंगाला गया, तो कई रोचक जानकारियां सामने आईं. दिल्ली पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 1237 ईस्वी में 40 वर्षीय मलिक-उल-उमरा फखरुद्दीन दिल्ली के पहले कोतवाल बने थे. वे बलबन, कैकुबाद और कैखुसरो के शासनकाल में भी दिल्ली के कोतवाल पद पर बने रहे. उस समय कोतवाल या दिल्ली पुलिस का मुख्यालय किला राय पिथौरा यानी आज के महरौली में हुआ करता था.
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दिल्ली पुलिस का इतिहास 789 पुराना व ऐतिहासिक है. Photo Credit: delhi police
गंगाधर नेहरू थे दिल्ली के आखिरी कोतवाल
1648 में जब सम्राट शाहजहां ने अपनी राजधानी आगरा से दिल्ली स्थानांतरित की, तो गजनफर खान को दिल्ली का नया कोतवाल नियुक्त किया था. 1857 की क्रांति के दौरान कोतवाल व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी. तब दिल्ली के आखिरी कोतवाल गंगाधर नेहरू थे. वे पंडित मोतीलाल नेहरू के पिता और भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के दादा थे. जवाहरलाल नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी थीं और इंदिरा गांधी के पोते कांग्रेस नेता राहुल गांधी हैं.
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दिल्ली पुलिस को साल 1912 में पहला मुख्य आयुक्त मिला. Photo Credit: delhi police
दिल्ली और पंजाब पुलिस: कभी एक ही इकाई
1857 की आजादी की पहली लड़ाई के बाद अंग्रेज 1861 में इंडियन पुलिस एक्ट लेकर आए और दिल्ली में पुलिसिंग को एक संगठित रूप में स्थापित किया. 1912 में दिल्ली और पंजाब पुलिस एक ही इकाई हुआ करती थी. उसी साल दिल्ली पुलिस को पहले मुख्य आयुक्त मिले, जिन्हें पुलिस महानिरीक्षक की शक्तियां भी हासिल थीं.
दिल्ली जिला पुलिस का मुख्यालय था अंबाला में
1912 के गजट के अनुसार, दिल्ली जिला पुलिस एक डीआईजी के नियंत्रण में थी, जिनका मुख्यालय अंबाला में हुआ करता था. उस वक्त दिल्ली जिले में पुलिस बल की कमान एक सुपरिटेंडेंट और एक डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के हाथ में हुआ करती थी. तब बल में 2 इंस्पेक्टर, 27 सब-इंस्पेक्टर, 110 हेड कांस्टेबल, 985 कांस्टेबल और 28 घुड़सवार पुलिसकर्मी हुआ करते थे. सोनीपत और बल्लभगढ़ पुलिस मुख्यालय हुआ करते थे. आजादी से पहले दिल्ली शहर में केवल तीन पुलिस स्टेशन कोतवाल, सब्जी मंडी और पहाड़गंज हुआ करते थे. सिविल लाइंस में पुलिसकर्मियों के लिए बड़ी बैरकें थीं, जिनमें रिजर्व, आर्म्ड रिजर्व और नए भर्ती हुए पुलिसकर्मी रहते थे.
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दिल्ली पुलिस का इतिहास काफी रोचक है. साल 1961 में दिल्ली पुलिस की नफरी बढ़कर 12,000 हो गई थी. Photo Credit: delhi police
आजादी से पहले दिल्ली पुलिस
साल 1946 में दिल्ली पुलिस का पुनर्गठन हुआ और दिल्ली में पुलिस बल की संख्या दोगुनी हो गई. भारत विभाजन के बाद बड़ी संख्या में लोग दिल्ली आए. 1948 में जब दिल्ली में अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ा, तो 16 फरवरी 1948 को दिल्ली पुलिस में पहले आईजीपी की नियुक्ति हुई और दिल्ली पुलिस बल की संख्या बढ़कर 8,000 हो गई. 1956 में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस का पद सृजित किया गया.
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दिल्ली पुलिस में 1956 में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस का पद सृजित किया गया था. Photo Credit: delhi police
आजादी के बाद दिल्ली पुलिस
साल 1961 में दिल्ली में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़कर 12,000 हो गई थी, हालांकि तब स्वीकृत पद 83,762 थे. भारत सरकार द्वारा जस्टिस जीडी खोसला की अध्यक्षता में दिल्ली पुलिस कमीशन बनाया गया और सुधार की सिफारिशें लागू की गईं. दिल्ली पुलिस को नॉर्थ, सेंट्रल, साउथ और न्यू दिल्ली इन चार जिलों में बांटा गया. 1 जुलाई 1978 को दिल्ली में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की गई.
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आईपीएस अनुराग कुमार दिल्ली के वर्तमान पुलिस आयुक्त हैं. इन्होंने 17 जुलाई 2026 को ज्वाइन किया. Photo Credit: delhi police
आईपीएस अनुराग कुमार हैं दिल्ली पुलिस आयुक्त
श्रीवास्तव कमेटी की सिफारिशों के बाद दिल्ली पुलिस की नफरी बढ़ाकर 76 हजार से ज्यादा कर दी गई. वर्तमान में दिल्ली में 6 रेंज, 15 पुलिस जिले और 209 पुलिस स्टेशन हैं. दिल्ली पुलिस फोर्स की संख्या लंदन, पेरिस और न्यूयॉर्क से भी बड़ी है. दिल्ली के वर्तमान पुलिस आयुक्त आईपीएस अनुराग कुमार हैं, जिन्होंने 17 जुलाई 2026 को आईपीएस सतीश गोलचा की जगह यह पदभार संभाला है.
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