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IND vs WI 1st T20I: वैभव-अभिषेक ओपनर, संजू नंबर-3? प्लेइंग XI के सवाल पर क्या बोले बॉलिंग कोच मोर्केल

फैंस वैभव को एक्शन में देखना चाहते हैं लेकिन भारतीय टीम के बॉलिंग कोच के बयान से उनका दिल टूट सकता है.

IND vs WI 1st T20I: वैभव-अभिषेक ओपनर, संजू नंबर-3? प्लेइंग XI के सवाल पर क्या बोले बॉलिंग कोच मोर्केल
वैभव सूर्यवंशी और प्लेइंग इलेवन के सवाल पर क्या बोले मोर्केल

भारत के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने सोमवार को कहा कि युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को टीम के साथ ज्यादा समय बिताने की जरूरत है, भले ही वह खेल न रहे हों, क्योंकि यह खेल के लिए बहुत अच्छा होगा. युवा सूर्यवंशी एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे और उन्होंने सभी मैच खेले, लेकिन अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए. और पूरी संभावना है कि भारत मंगलवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ़ पहले T20 इंटरनेशनल मैच में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को ओपनर के तौर पर उतारेगा.

वैभव को टीम के साथ बिताना होगा समय

मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोर्केल ने कहा,"हम सभी वैभव के टैलेंट के बारे में जानते हैं. वह इस माहौल में अच्छे खिलाड़ियों के साथ जितना ज़्यादा समय बिताएंगे और इस स्तर पर ट्रेनिंग करेंगे, उतना ही उनके क्रिकेट के लिए अच्छा होगा." 

मोर्केल ने आगे कहा,"अगर उन्हें खेलने का समय नहीं भी मिलता है, तो भी वह बस में, डगआउट में और होटल में बहुत अनुभवी खिलाड़ियों के साथ रहते हैं. उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करना, उनसे बात करना या बस यह देखना कि खिलाड़ी कैसे अपनी प्रोसेस से गुजरते हैं और कैसे अपनी पारी को आगे बढ़ाते हैं, उनके लिए बहुत ज़रूरी होगा."

मोर्केल ने कहा,"अगर आप खिलाड़ियों को सही माहौल में रखते हैं, तो वे सही सवाल पूछ सकते हैं और चीजों को देख-समझ सकते हैं. इसलिए मैं हमेशा उन्हें चुनौती देता हूं. किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए, चाहे उसे खेलने का समय मिले या कम समय मिले, हमारा काम यह पक्का करना है कि वे सीखें, आगे बढ़ें और सवाल पूछें."

प्लेइंग इलेवन पर कही ये बात

हालांकि, मोर्केल ने मंगलवार के मैच के लिए संभावित प्लेइंग इलेवन के बारे में कोई संकेत नहीं दिया. उन्होंने कहा,"मेरा मतलब है कि एशियाई खेलों में उन्हें यही कॉम्बिनेशन (अभिषेक और सूर्यवंशी का टॉप पर) सही लगा था. हम आज रात तय करेंगे कि इस सीरीज़ के लिए हमारे लिए सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन क्या होगा. क्या वे एडजस्ट करेंगे, क्या वे अपनी भूमिका बदलेंगे, क्या वे कोई बदलाव करेंगे - सच कहूं तो मैं अभी इसका जवाब नहीं दे सकता." 

पूर्व अफ्रीकी खिलाड़ी ने आगे कहा,"एक चुनौती या समस्या यह हो सकती है कि हमारे खिलाड़ी एशियन गेम्स के बाद वापस आ रहे हैं. कुछ खिलाड़ी तो बस कुछ दिन पहले ही पहुंचे हैं, इसलिए जेट लैग और यात्रा की थकान जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. एक बार जब हम पूरी तरह तैयार हो जाएंगे और सीरीज़ शुरू हो जाएगी, तो हम सभी इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं."

मोर्केल ने कहा कि भारत का मुख्य लक्ष्य मैच जीतना और एक मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना है. भारतीय कोच ने कहा,"खिलाड़ियों के इस ग्रुप ने पिछले कुछ सालों में शानदार क्रिकेट खेला है. जिन खिलाड़ियों को मौके मिले, उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. भारतीय क्रिकेट के लिए यह बहुत अच्छा होगा अगर हम इस पूल को बढ़ाते रहें और खिलाड़ियों को भारतीय जर्सी पहनकर खेलने का अनुभव देते रहें."

कुलदीप की तारीफ में बांधे पुल

मोर्केल ने कुलदीप यादव की भी तारीफ की और कहा कि यह स्पिनर अपनी फ़ॉर्म में वापस आ गया है. उन्होंने कहा,"कुलदीप ने वनडे सीरीज़ के बाद कहा था कि उन्हें लग रहा है कि वह फिर से अच्छी गेंदबाज़ी कर रहे हैं. और यह हमारे लिए बहुत अच्छी खबर है. एक गेंदबाज़ के तौर पर कभी-कभी हमें अपनी रिदम पाने में मुश्किल होती है, कभी-कभी उसे पाने में थोड़ा ज़्यादा समय लगता है, लेकिन हमारे लिए वह एक बड़े मैच-विनर हैं, वह कॉन्फिडेंट हैं और अच्छी गेंदबाज़ी कर रहे हैं."

मयंक-प्रिंस के पास बेहतर मौका

दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ इस सीरीज़ में मयंक यादव और प्रिंस यादव की तेज़ गेंदबाज़ी जोड़ी को देखने के लिए भी उत्साहित हैं. मोर्केल ने कहा,"जो खिलाड़ी कुछ समय से टीम से बाहर थे, उनके लिए वापसी का यह एक अच्छा मौका है. मयंक यादव चोट से उबरकर वापस आए हैं, इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि मौका मिलने पर वह कैसा प्रदर्शन करते हैं."

उन्होंने आगे कहा,"यह एक तरह से बड़ी तस्वीर को देखने जैसा है, लेकिन आप भारत के लिए मैच भी जीतना चाहते हैं. आप उन खिलाड़ियों को मौका देना चाहते हैं जिन्होंने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है ताकि वे इसे जारी रख सकें, और हम सीरीज़ का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं और जैसे-जैसे चीज़ें आगे बढ़ेंगी, हम वैसे ही आगे बढ़ेंगे."

"अगर आप मयंक को देखें, तो सबसे पहले उनकी तेज़ रफ़्तार और उनका 'एक्स-फ़ैक्टर' ही दिमाग में आता है. मुझे लगता है कि प्रिंस, जो कुछ साल पहले नेट बॉलर थे, अब भारत के लिए खेल रहे हैं. इंटरनेशनल लेवल तक पहुँचने के लिए उन्होंने अपने खेल में जो मेहनत और लगन दिखाई है, वह तारीफ़ के काबिल है. इससे पता चलता है कि ये खिलाड़ी बहुत मेहनती हैं."

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