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RBI MPC मीटिंग आज से, ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी के आसार, जानिए कितनी बढ़ सकती है आपके लोन की EMI

RBI MPC Meeting: आज से शुरू हो रही बैठक में RBI 25 बेसिस पॉइंट ब्याज दर बढ़ा सकता है. BofA, SBI Research और Nomura ने महंगाई, क्रूड और वैश्विक जोखिमों पर चिंता जताई.

RBI MPC मीटिंग आज से, ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी के आसार, जानिए कितनी बढ़ सकती है आपके लोन की EMI
RBI MPC Meeting
(File Photo)

RBI MPC Meeting: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक आज से शुरू हो रही है. ऐसे में ब्याज दरों को लेकर बाजार में चर्चा तेज हो गई है. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि करीब दो साल की नरमी के बाद RBI अब ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू कर सकता है. पहले दर बढ़ोतरी की शुरुआत दिसंबर में होने का अनुमान था, लेकिन अब आज से शुरू हो रही बैठक में ही 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. 5 से 7 अक्टूबर के बीच RBI की MPC बैठक में बेंचमार्क रेपो रेट पर फैसला लिया जाएगा.

25 BPS बढ़ोतरी का अनुमान

बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) के मुताबिक, बढ़ती ऊर्जा कीमतों, खाद्य महंगाई और व्यापक महंगाई के दबाव को देखते हुए RBI अक्टूबर में 25 बेसिस पॉइंट की दर बढ़ोतरी कर सकता है. पहले BofA ने ऐसी बढ़ोतरी दिसंबर में होने का अनुमान लगाया था.

BofA का कहना है कि करीब दो साल की मौद्रिक नरमी के बाद RBI अक्टूबर MPC में नीतिगत समर्थन वापस लेने की दिशा में शुरुआती कदम उठा सकता है.

बेसिस पॉइंट यानी BPS ब्याज दर या यील्ड में छोटे बदलाव को मापने की मानक इकाई है. 100 बेसिस पॉइंट = 1 प्रतिशत अंक, इसलिए 25 BPS की बढ़ोतरी का मतलब ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत अंक की वृद्धि है. 

SBI रिसर्च ने भी जताया बढ़ोतरी का जोखिम

SBI रिसर्च ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस समय 25 BPS की दर बढ़ोतरी का जोखिम काफी बढ़ गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, महंगाई का दायरा बढ़ना, वैश्विक हालात में बदलाव, लिक्विडिटी की स्थिति और वैश्विक जोखिमों का दोबारा आकलन RBI के सामने पहले से कार्रवाई करने की जरूरत को मजबूत कर रहे हैं.

SBI रिसर्च के मुताबिक, भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों के जोखिम और वैश्विक जोखिमों के दोबारा आकलन को देखते हुए पहले से कार्रवाई करना बेहतर हो सकता है.

महंगाई और कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता

महंगाई के मोर्चे पर भी दबाव बढ़ा है. CPI महंगाई अगस्त में बढ़कर 4.82% हो गई, जबकि जुलाई में ये 4.45% थी. रिपोर्ट में मजबूत अल नीनो और अक्टूबर में सामान्य से कम बारिश को लेकर भी चिंता जताई गई है, जिससे रबी की पैदावार पर जोखिम बढ़ सकता है.

वहीं, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी भी RBI के लिए ब्याज दरों को लंबे समय तक मौजूदा स्तर पर बनाए रखने की गुंजाइश को प्रभावित कर रही हैं.

ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के पार

BNP पारिबा इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में भारत का मैक्रो आउटलुक कमजोर हुआ है. ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया है, जबकि अमेरिका की 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 5% की ओर बढ़ गई है.

ग्लोबल ब्रोकरेज नोमुरा के विश्लेषकों के मुताबिक, मौजूदा साइकिल में RBI की कुल दर बढ़ोतरी 25 से 50 बेसिस पॉइंट तक सीमित रह सकती है. उन्होंने 75 BPS से ज्यादा की व्यापक सख्ती के बजाय सीमित बढ़ोतरी की 80% संभावना जताई है.


 

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