- मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में फिर शामिल कर राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी है
- आकाश आनंद ने मायावती के भरोसे के लिए आभार प्रकट करते हुए पार्टी और आंदोलन को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया है
- मायावती ने आकाश आनंद के व्यक्तित्व को स्वीकार किया पर पिछले कारणों से संगठन में परिवर्तन भी किए गए थे
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद पर दरियादिली दिखाते हुए उन्हें वापस पार्टी में लिया है. इसके अलावा राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी भी दी है. बीते कुछ महीनों में ही कई बार पार्टी से बाहर हुए और फिर अंदर आए आकाश आनंद बुआ की इस रहमदिली पर भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि मैं आपके भरोसे के लिए आभारी हूं और इसे कभी हल्के में नहीं ले सकता. आकाश आनंद ने कहा, 'आपने मुझे क्षमा किया और बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की ज़िम्मेदारी दोबारा सौंपी. इस भरोसे के लिए मैं तहे दिल से आपका आभारी हूं और इसे मैं हल्के में कभी नहीं ले सकता हूं.'
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है. सबसे बड़ी सीख यह है कि यह मूवमेंट किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है. परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी और मान्यवर कांशीराम जी ने जो रास्ता दिखाया और जिस पर आपने अपना पूरा जीवन लगा दिया, उस पर चलना मेरा सौभाग्य है. इसलिए आपके दिशा-निर्देशन में पार्टी और मूवमेंट का हित ही मेरे लिए सर्वोपरि रहेगा. मैं अपने सभी व्यक्तिगत हितों को त्यागकर, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ संगठन को मज़बूत करने के लिए दिन-रात काम करूंगा. आपने मुझ पर भरोसा किया है. अब उसे अपने काम से सही साबित करना मेरी ज़िम्मेदारी है.
वहीं इससे पहले मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को एक और मौका देने की बात करते हुए फैसला सुनाया था. मायावती ने लिखा था, 'आकाश आनंद का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक ही रहा है, लेकिन इनको लेकर पिछले दिनों कुछ ऐसे कारण भी रहें हैं जिसकी वजह से पार्टी संगठन में कई बार कुछ ज़रूरी परिवर्तन भी करने पड़े हैं. फिर अन्ततः आकाश आनन्द के ससुर अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने के लिए मजबूर भी होना पड़ा है.
आदरणीय बहन कु. मायावती जी, सादर चरणस्पर्श। आपने मुझे क्षमा किया और बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की ज़िम्मेदारी दोबारा सौंपी। इस भरोसे के लिए मैं तहे दिल से आपका आभारी हूँ, और इसे मैं हल्के में कभी नहीं ले सकता हूँ। पिछले कुछ समय ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। सबसे बड़ी सीख यह है कि यह मूवमेंट किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है। परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी और मान्यवर श्री कांशीराम जी ने जो रास्ता दिखाया, और जिस पर आपने अपना पूरा जीवन लगा दिया, उस पर चलना मेरा सौभाग्य है। इसलिए आपके दिशा-निर्देशन में पार्टी और मूवमेंट का हित ही मेरे लिए सर्वोपरि रहेगा। मैं अपने सभी व्यक्तिगत हितों को त्यागकर, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ, संगठन को मज़बूत करने के लिए दिन-रात काम करूँगा। आपने मुझ पर भरोसा किया है। अब उसे अपने काम से सही साबित करना मेरी ज़िम्मेदारी है। जय भीम, जय भारत।
— Akash Anand (@AnandAkash_BSP) October 5, 2026
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इसके बाद से आकाश आनंद के व्यक्तित्व व कार्यशैली आदि में काफी कुछ बदलाव भी लोग देख रहे हैं, जिसका ख़ास प्रमाण पार्टी में वापिसी हेतु अभी हाल ही में सोशल मीडिया 'एक्स' पर किया गया उनका एक पोस्ट भी है, जिसकी काफी चर्चा भी है. इसको लेकर पार्टी के अधिकांशः लोगों का यही कहना है कि आकाश आनंद के अनुरोध को स्वीकार करते हुये उनकी पूर्व की दी गई ज़िम्मेवारियों के साथ इनको पार्टी में पुनः कार्य करने का मौक़ा दिया जाए, जिसके लिए इनके पिता के साथ-साथ इनके छोटे भाई ईशान आनंद ने भी अपनी सहमति जताई है.
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