झारखंड के पलामू में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MMCH) परिसर में एक आवारा कुत्ता आठ महीने के भ्रूण को मुंह में दबाकर घूमता दिखाई दिया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए. शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया.
मंगलवार को अस्पताल परिसर में लोगों ने एक आवारा कुत्ते को भ्रूण लेकर घूमते देखा. इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. घटना की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू की. जांच के दौरान अस्पताल परिसर से लगभग 100 मीटर दूर स्थित उत्तम हॉस्पिटल एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर की भूमिका संदिग्ध पाई गई.
पूरा अस्पताल सील
प्रशासन की प्रारंभिक जांच में पता चला कि 16 वर्षीय एक नाबालिग का करीब आठ महीने का भ्रूण गर्भपात के बाद कथित तौर पर उचित तरीके से निस्तारित करने के बजाय फेंक दिया गया था. इसके बाद किसी तरह वह भ्रूण कुत्ते के कब्जे में पहुंच गया और अस्पताल परिसर तक आ गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट, पीसीपीएनडीटी एक्ट, क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट समेत विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, अस्पताल के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि भ्रूण को अस्पताल परिसर तक कौन लाया और उसे वहां छोड़ने में किन लोगों की भूमिका रही. जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की जा सकती है.
यह भी पढ़ें: महोबा में महिला की नसबंदी फेल, तीसरे बच्चे को दिया जन्म, सरकारी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं