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227 किलो वजनी, सिलेंडर जितना बड़ा; झारखंड में कहां मिला इतना बड़ा बम, अमेरिका से कनेक्शन

पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपड़ा-नागुड़साई क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी तट पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मिट्टी और बालू के नीचे दबा एक विशाल बम बरामद हुआ. यह बम गैस सिलिंडर के आकार का है.

227 किलो वजनी, सिलेंडर जितना बड़ा; झारखंड में कहां मिला इतना बड़ा बम, अमेरिका से कनेक्शन
jharkhand american bomb
  • झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा में सुवर्णरेखा नदी के किनारे 227 किलो वजनी अमेरिकी बम मिला है
  • बम पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि यह अनफटा हुआ है और इसका आकार गैस सिलेंडर के बराबर है
  • पुलिस ने इलाके को घेरकर लोगों को बम से दूर रहने और छेड़छाड़ न करने की चेतावनी दी है
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रांची:

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा सुवर्णरेखा नदी के किनारे एक खतरनाक अमेरिकी बम मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. इसका वजन 500 पाउंड यानी 227 किलो वजनी है. इसका आकार किसी गैस सिलेंडर के बराबर है. रोचक बात यह है कि बम अब तक फटा नहीं है. पुलिस ने बम को लेकर लोगों को सुरक्षित दूरी बनाने के निर्देश दिए हैं. 

कहां मिला बिना ब्लास्ट हुआ बम?

चलिए डिटेल में चलते हैं. पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपड़ा-नागुड़साई क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी तट पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मिट्टी और बालू के नीचे दबा एक विशाल बम बरामद हुआ. यह बम गैस सिलिंडर के आकार का है, जिस पर साफ तौर पर लिखा है-AN-M64 500-LB… American Made… Unexploded (UXO). यह करीब 227 किलो वजनी अमेरिकी बम है, जो अब तक फटा नहीं है. 

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पुलिस ने कहा-बम से दूर रहें 

बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा के अनुसार, मामले की जानकारी ग्रामीण एसपी को दे दी गई है.सुरक्षा को देखते हुए इलाके को घेर लिया गया है और लोगों को बम से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी गई है. प्रशासन ने साफ कहा है कि बम के पास जाने की मनाही है. किसी भी तरह की छेड़छाड़ पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.इस खतरनाक बम को निष्क्रिय करने के लिए रांची से बम स्क्वायड को बुलाया गया है.साथ ही क्लाइकुंडा एयरबेस के अधिकारियों को भी पत्र भेजा गया है, ताकि पूरे मामले की तकनीकी जांच हो सके.

सूत्रों के मुताबिक, महुलडांगरी के पास एक लड़ाकू विमान के क्रैश होने की घटना पहले सामने आई थी.ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि यह बम उसी विमान से गिरकर नदी की मिट्टी में दब गया होगा. फिलहाल पूरे इलाके में हाई अलर्ट है और प्रशासन हर पहलू पर नजर बनाए हुए है.सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर यह बम फट जाता, तो कितनी बड़ी तबाही हो सकती थी?
फिलहाल, लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

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