- प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए प्रयासरत रहेंगे- मुख्यमंत्री
- सूरज और पृथ्वी के मिलन का प्रतीक सरहुल पर्व
Jharkhand News: झारखंड की पहचान उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं से होती है. इन्हीं परंपराओं में से एक प्रमुख पर्व है सरहुल, जिसे प्रकृति पूजा का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है. झारखंड के आदिवासी बहुल इलाकों में शनिवार (21 मार्च) को प्रकृति पर्व सरहुल पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. इस खास मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरहुल पर्व की प्रदेशवासियों को बधाई दी है. प्रकृति पर्व के मौके पर सीएम सोरेन सिरमटोली में पत्नी कल्पना सोरेन के साथ पहुंचे और पूजा अनुष्ठान व महोत्सव में शामिल हुए.
'प्रकृति के साथ अटूट संबंध को दिलाती याद'
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिरमटोली में पूजा अनुष्ठान से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है. मुख्यमंत्री ने लिखा कि निश्चित रूप से यह परंपरा हमें प्रकृति के साथ हमारे अटूट संबंध की याद दिलाती है. यह एक ऐसी व्यवस्था है जो मानव जीवन और समस्त जीव-जंतुओं के अस्तित्व से जुड़ी हुई है. आज, हम सब इस प्रकृति के उपासक के रूप में इसे सहेजने, संवारने और अपने जीवन से जोड़े रखने का संकल्प लेते हैं. आने वाले समय में भी हम इस प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे.
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बारिश की भविष्यवाणी की रोचक परंपरा
बता दें कि यह पर्व सूरज और पृथ्वी के मिलन का प्रतीक माना जाता है. इस अवसर पर साल वृक्ष की विशेष पूजा की जाती है. सरहुल के मौके पर गांव के पाहन द्वारा सरना स्थल में विधि विधान से पूजा की जाती है. इस पर्व से जुड़ी एक और रोचक परंपरा बारिश की भविष्यवाणी की है. जल रखाई के दूसरे दिन सुबह पूजा के बाद पहान मिट्टी के बर्तनों में भरे पानी को देखकर अनुमान लगाते हैं कि आने वाले मौसम में बारिश कैसी होगी.
अगर पानी कम हो जाता है तो इसे कम बारिश का संकेत माना जाता है, जबकि पानी समान रहने पर अच्छी वर्षा की संभावना जताई जाती है. कृषि आधारित जीवन में इस परंपरा को विशेष महत्व दिया जाता है. रांची में सरहुल शोभा यात्रा की शुरुआत की बात करें तो यह 1967 में कार्तिक उरांव के नेतृत्व में शुरू हुई थी. इसका उद्देश्य आदिवासी जमीन और संस्कृति की रक्षा करना था. आज यह शोभा यात्रा पूरे राज्य में पहचान बन चुकी है. यह पर्व प्रकृति संस्कृति और सामूहिकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है.
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