झारखंड में उग्रवादियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. यहां पुलिस ने 9 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि ये उग्रवादी बड़े हमले की साजिश कर रहे थे. लेकिन इससे पहले ही झारखंड पुलिस ने इन्हें शिकंजे में ले लिया है. झारखंड के सिमडेगा जिले में सड़क निर्माण कंपनी के कैंप पर आगजनी की साजिश रच रहे प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) से जुड़े नौ उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह गिरोह रंगदारी वसूली के लिए रची गई सुनियोजित साजिश में शामिल थे. जिले के जलडेगा थाना क्षेत्र में लचड़ागढ़ से ओड़गा तक सड़क निर्माण कार्य कर रही कंपनी एसआरएमवी डीपी (जेवी) के कारीमाटी पांगुर स्थित अस्थायी कैंप को 25-26 जनवरी 2026 की दरमियानी रात निशाना बनाया गया था.
पुलिस को मिली थी साजिश की सूचना
उग्रवादियों ने योजना बनाई थी कि कैंप में खड़े वाहनों में आगजनी कर इलाके में दहशत फैलाना था. इसके साथ ही कंपनी पर दबाव बनाकर रंगदारी वसूलने की थी. हालांकि, समय रहते पुलिस को इसकी सूचना मिल गई, जिससे संभावित बड़ी वारदात टल गई. घटना के बाद जलडेगा थाना में कांड संख्या 05/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई. पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्य और मानवीय सूचना के आधार पर विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया.
9 उग्रवादियों के पास से 10 मोबाइल फोन बरामद
इस अभियान के दौरान PLFI से जुड़े नौ उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपियों में जस्टिन तोपनो उर्फ जेम्स तोपनो, हेरमन तोपनो, करन लोहरा, करण लोहरा, सिद्धांत कुमार चीक बड़ाईक, दिनेश बरवा, मंगल तोपनो, आशीष मिंज और अमित कुमार शामिल हैं. पुलिस ने सभी को साजिश में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोपी बताया है. गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से 10 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं.
पुलिस इन मोबाइलों की जांच कर संगठन के नेटवर्क, संपर्क सूत्रों और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है. शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि उग्रवादी क्षेत्र में सक्रिय अन्य ठिकानों और निर्माण परियोजनाओं को भी निशाना बनाने की योजना बना रहे थे. पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
यह भी पढ़ेंः पहले कांग्रेस नेता के घर पर चला बुलडोजर... अब पार्टी से हुए निष्कासित, सीएम सोरेन पर बयान देना पड़ा भारी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं