विज्ञापन

तमिलनाडु में थलापति विजय ने ऐसा क्‍या कमाल किया, जो रजनीकांत और कमल हासन नहीं कर पाए?

जब कोई फिल्‍म स्‍टार राजनीति में कदम रखता है, तो सीरियर नहीं लिया जाता है. समझदार वोटर जानते हैं कि राजनीति उनकी फील्‍ड नहीं है. फिल्‍म स्‍टार जनता की समस्‍याओं पर उतना तवज्‍जो नहीं दे पाएंगे, जितने 'फुल टाइम पॉलिटिशियन' दे सकते हैं. थलापति विजय भी वोटर्स की इस सोच से अनजान नहीं थे.

तमिलनाडु में थलापति विजय ने ऐसा क्‍या कमाल किया, जो रजनीकांत और कमल हासन नहीं कर पाए?
  • थलापति विजय की टीवीके ने तमिलनाडु चुनाव में पहली बार द्रविड़ दलों के अलावा सबसे बड़ी पार्टी बनकर इतिहास रचा
  • विजय ने राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने का स्पष्ट संदेश देकर जनता में अपनी गंभीरता का भरोसा दिलाया
  • टीवीके ने डीएमके और एआईएडीएमके के साथ गठबंधन से इनकार कर भ्रष्टाचार विरोधी विकल्प दिया था
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

साउथ सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय ने राजनीति के मैदान में भी धमाल मचा दिया है. विजय की पार्टी टीवीके ने सोमवार को तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में एक तरह का रिकॉर्ड बनाते हुए सत्तारूढ़ द्रमुक और उसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को उनके कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में करारी शिकस्त दी और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. 1967 में राज्य में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह पहली बार है, जब दो द्रविड़ दलों के अलावा कोई अन्य पार्टी चुनाव में विजयी हुई. ऐसे में सवाल उठता है कि विजय ने ऐसा क्‍या किया कि इन्‍हें पहले ही चुनाव में इतनी बड़ी जीत मिली? इससे पहले साउथ के सुपरस्‍टार रजनीकांत और कमल हासन ने भी कोशिश की, लेकिन राजनीति के क्षेत्र में वो कमाल नहीं दिखा पाए जो थलापति विजय ने कर दिखाया है.  

रजनीकांत और कमल हासन के फैंस विजय से कहीं ज्‍यादा थे 

जब थलापति विजय ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उतरने का ऐलान किया, तो कई लोगों ने इसे राज्य में फिल्म सितारों द्वारा अपने फैंस के दम पर राजनीति में पैठ बनाने की कोशिश के रूप में देखा. तमिलनाडु में फिल्म सितारों को नेता चुने जाने का इतिहास रहा है. एमजीआर और जयललिता जैसे दिग्गजों ने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी धाक जमाई. हालांकि, रजनीकांत और कमल हासन जैसे फिल्‍म सितारे अपने फैंस का प्‍यार राजनीतिक आधार में बदलने में असफल रहे. जयललिता ने भी अपनी एक अलग पहचान बनाई थी, लेकिन उनकी पहले से ही एक पार्टी (एआईएडीएमके) थी. फिर विजय ने कमल हासन और रजनीकांत जैसे सुपरस्टारों से अलग क्या किया, जिनके फैंस उनसे कहीं अधिक हैं? विजय के राजनीति में इस ब्लॉकबस्टर परफॉर्मेंस के पीछे कई कारण हैं, जो इसे एक असाधारण उपलब्धि बनाते हैं.

Latest and Breaking News on NDTV

विजय का 'क्‍लीयर मैसेज' बना जीत की वजह

आमतौर पर जब कोई फिल्‍म स्‍टार राजनीति में कदम रखता है, तो सीरियर नहीं लिया जाता है. समझदार वोटर जानते हैं कि राजनीति उनकी फील्‍ड नहीं है. फिल्‍म स्‍टार जनता की समस्‍याओं पर उतना तवज्‍जो नहीं दे पाएंगे, जितने 'फुल टाइम पॉलिटिशियन' दे सकते हैं. थलापति विजय भी वोटर्स की इस सोच से अनजान नहीं थे. इसलिए राजनीति में एंट्री लेने से पहले उन्‍होंने क्‍लीयर मैसेज दिया कि वह अभिनय से संन्‍यास लेकर पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय हो रहे हैं. 27 फिल्‍में और 30 साल का करियर दांव पर लगाने का फैसला बहुत बड़ा था. इससे जनता में ये मैसेज गया कि विजय राजनीति में टाइम पास के लिए नहीं आ रहे हैं. ऐसे में तमिलनाडु की जनता को विजय में एक 'थलापति' नजर आया है.   

रजनीकांत से कहां हुई चूक

रजनीकांत ने जब राजनीति एंट्री ली, तो स्पष्टता गायब थी. उन्‍होंने नहीं बताया कि वे फिल्‍म और राजनीति में से किसको ज्‍यादा तवज्‍जो देंगे? एक दशक तक राजनीति में आने की अटकलें लगाने के बाद रजनीकांत ने राजनीति में कदम रखा और चुनाव लड़े बिना ही गायब हो गए. महत्वपूर्ण बात यह है कि रजनीकांत, जिनकी सिगरेट झटकने की अदाएं या धूप के चश्मे के साथ किए जाने वाले करतब दर्शकों को मोहित कर लेते थे, मतदाताओं को यह विश्वास दिलाने में विफल रहे कि वे लंबे समय तक राजनीति में मजबूती से टिक रहेंगे. ऐसे में वोटर्स ने भी रजनीकांत को गंभीरता से नहीं लिया. 

शहरी वोटरों तक ही पहुंच पाए कमल हासन 

कमल हासन हालांकि, रजनीकांत से एक कदम आगे बढ़े. राजनी‍ति की फील्‍ड में उन्‍होंने गंभीरता दिखाई, उनकी पार्टी मक्कल नीधि मय्यम (MNM) ने 2019 के लोकसभा चुनाव और 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़े. लेकिन, एमएनएम एक भी सीट जीतने में सफल नहीं रही. पार्टी का वोट शेयर काफी हद तक शहरी केंद्रों तक ही सीमित था. 2026 तक, हासन की एमएनएम का प्रभाव कम हो गया और अभिनेता अब डीएमके के समर्थन से राज्यसभा सांसद हैं. 

Latest and Breaking News on NDTV

ये रहा विजय का मास्‍टरस्‍ट्रोक 

विजय का टीवीके को द्रविड़ पार्टियों से अलग दिखाने का प्रयास एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ. शुरुआत में ही, टीवीके ने डीएमके और एआईएडीएमके दोनों के साथ गठबंधन से साफ इनकार कर दिया. उन्‍होंने साफ कर दिया था कि वह अलग ही चलेंगे. इससे विजय को भ्रष्टाचार- विरोधी मजबूत रुख के साथ एक स्वच्छ विकल्प के रूप में खुद को पेश करने में मदद मिली. इससे न केवल  शहरी और युवा मतदाताओं के बीच टीवीके को वैचारिक स्पष्टता मिली, बल्कि विजय को पार्टी की पारंपरिक ढांचे से भी बचने का मौका मिला. इससे टीवीके की जनता के बीच एक अलग पहचान बनकर उभरी, जिसका उन्‍हें फायदा मिला है. 

कमल हासन और रजनीकांत को गलती भी पड़ी भारी 

कमल हासन और रजनीकांत, दोनों ने अपनी-अपनी राह बनाने की कोशिश में DMK या AIADMK पर हमला करने से जानबूझकर परहेज किया. उनके पास ऐसा कोई खास मुद्दा नहीं था जो मतदाताओं को लुभा सके. कमल हासन और रजनीकांत की रैलियों में भी विजय की रैलियों की तरह हजारों लोग आए, लेकिन इससे वोट नहीं मिले.  एक और अंतर यह है कि विजय ने 2024 में अपनी पार्टी लॉन्च करने से पहले माहौल का जायजा लिया. 2020 के दशक की शुरुआत में विजय ने फिल्म रिलीज के दौरान सार्वजनिक उपस्थिति के माध्यम से अपने राजनीतिक विचार व्यक्त करना शुरू किया. उनके फैंस हमेशा उनकी बात सुनते थे. 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम की उनकी आलोचना 'राजनेता' विजय द्वारा दिए गए पहले संकेतों में से एक थी.

ये भी पढ़ें :- तमिलनाडु की सियासी जमीन पर चमका नया सितारा, लेकिन बहुमत से अब भी 10 कदम की दूरी... सत्ता की कुर्सी तक पहुंचने के लिए अब क्या करेंगे थलापित विजय

विजय की उम्र ने भी निभाई अहम भूमिका 

उम्र एक ऐसी वजह रही, जिसने विजय को अन्य सुपरस्टारों से आगे रखा. रजनीकांत ने जब राजनीति में कदम रखा, तब उनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक थी. कमल हासन की उम्र 65 वर्ष से अधिक थी. वहीं, 51 वर्षीय विजय को युवा या 'Gen Z' नेता के रूप में देखा जाता है.  40 वर्ष से कम आयु के 2 करोड़ से अधिक युवा मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता निर्णायक साबित हुई है. आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु में लगभग 41.5% मतदाता 18-39 आयु वर्ग के हैं. इसके अलावा, उनके फैंस का एक बड़ा हिस्सा 35-40 आयु वर्ग का होने के कारण, वे सोशल मीडिया पर सक्रिय बने रहे. 

ये भी पढ़ें :- दशकों में पहली पार... अभिनेता से नेता और अब CM तक का सफर, आंकड़ों में समझें कितनी बड़ी है विजय की विक्ट्री

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com