Panihati Result 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 4 मई का दिन एक बड़े बदलाव का गवाह बना. उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ (Ratna Debnath) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की. साल 2011 से लगातार इस सीट पर काबिज तृणमूल कांग्रेस (TMC) को इस बार करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा. EVM काउंटिंग के सभी 13 राउंड पूरे होने के बाद चुनाव आयोग ने रत्ना देबनाथ की जीत पर मुहर लगा दी.
TMC उम्मीदवार को 28 हजार से ज्यादा वोटों से हराया
रत्ना देबनाथ ने इस चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वियों को बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया. उन्हें कुल 87,977 वोट मिले, जबकि TMC के उम्मीदवार तीर्थंकर घोष को 59,141 वोटों से ही संतोष करना पड़ा. इस तरह रत्ना देबनाथ ने 28,836 वोटों के भारी मार्जिन से शानदार जीत हासिल की. वहीं, CPI(M) के उम्मीदवार कलतन दासगुप्ता काफी पीछे छूट गए और उन्हें मात्र 24,032 वोट ही मिल सके.
#WATCH | उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल: आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म और हत्या मामले की पीड़िता की मां और पानीहाटी सीट से भाजपा की विजयी उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने कहा, "यह जीत पानीहाटी, पूरे बंगाल की जनता की जीत है। यह जीत मैं प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित करती हूँ। घोष परिवार के… pic.twitter.com/t4IhTGvLRn
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 4, 2026
'बेटी के इंसाफ की खातिर चुनावी मैदान में उतरीं रत्ना'
रत्ना देबनाथ, RG कर मेडिकल कॉलेज की उस डॉक्टर की मां हैं, जिनके साथ हुई दरिंदगी ने पूरे देश को झकझोर दिया था. चुनाव प्रचार के दौरान रत्ना ने अपनी इस निजी त्रासदी को बंगाल की महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक नैतिक लड़ाई बना दिया. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए भावुक अंदाज में कहा था कि यह चुनाव सिर्फ वोटों के लिए नहीं, बल्कि उनकी बेटी के न्याय और बंगाल की बहनों की सुरक्षा के लिए है.
भावुक कर देने वाले अभियान को मिला जनता का साथ
एक शोक संतप्त मां से राजनीतिक शक्ति बनने तक का रत्ना देबनाथ का सफर असाधारण रहा है. उन्होंने अपनी हर रैली में RG कर कांड की यादों और न्याय की मांग को प्रमुखता से उठाया. रत्ना ने आरोप लगाया कि बंगाल की महिलाएं एक ऐसी सरकार के तहत पीड़ित हैं जो उनकी चीखों को अनसुना कर देती है. उनकी इस मुहिम ने पानीहाटी के मतदाताओं को गहराई से प्रभावित किया और चुनाव को पूरी तरह से 'महिला सुरक्षा' बनाम 'सत्तारूढ़ दल की उदासीनता' के मुद्दे पर केंद्रित कर दिया.
धमकियों के बीच भी नहीं डिगा रत्ना देबनाथ का हौसला
रत्ना देबनाथ का यह चुनावी सफर चुनौतियों से भरा रहा. कैंपेन के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेरकर डराने-धमकाने और परेशान करने की कोशिश की. हालांकि, रत्ना के मुताबिक इन धमकियों ने उनके संकल्प को और मजबूत किया. उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब TMC के शासन से तंग आ चुकी है और यह चुनाव उनके लिए पलटवार करने का एक सुनहरा मौका था.
बंगाल में BJP का बढ़ता दबदबा और ऐतिहासिक वोटिंग
पानीहाटी की यह जीत बीजेपी के लिए राज्य स्तर पर भी बड़ी संजीवनी मानी जा रही है. बीजेपी अब पश्चिम बंगाल विधानसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े (148 सीट) को पार करने और सबसे बड़ी पार्टी बनने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रही है. गौर करने वाली बात यह भी है कि 2026 के इस चुनाव के दूसरे चरण में रिकॉर्ड तोड़ 91.66% मतदान हुआ था, जो यह बताता है कि जनता इस बार बड़े बदलाव के मूड में थी.
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