- पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर के कारण चुनाव बहुत दिलचस्प बन गया है
- बीजेपी ने बंगाल में अपनी संगठन क्षमता बढ़ाई है और मोदी-शाह की रणनीति से पैन इंडिया पार्टी बनने का लक्ष्य है
- ममता बनर्जी की महिला वोटर बेस मजबूत है जबकि बीजेपी सेंध लगाने की कोशिश कर रही है
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहीं हैं. बंगाल की 294 सीटों के लिए दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है. यहां सीधा मुकाबला बीजेपी और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच है. एक वक्त था जब टीएमसी के आगे बीजेपी कुछ नहीं थी लेकिन इस बार बीजेपी और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है. यही वजह है कि पश्चिम बंगाल के चुनाव पर दशकों से पैनी नजर रख रहे एक्सपर्ट इस चुनाव की तुलना इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के मैच से कर रहे हैं.
साढ़े चार दशकों से पश्चिम बंगाल की राजनीति पर खबर रख रहे जयंतो घोषाल ने NDTV के 'चाय स्टॉप' शो में राहुल कंवल को बताया कि 'बंगाल की राजनीति में बीजेपी सक्सेस स्टोरी है. कलकत्ता में जब बीजेपी के दो पार्षद बने थे तो आडवाणी जी बड़े खुश थे कि बीजेपी ने खाता खोल लिया है. वाजपेयी जी इंटरव्यू में मुझसे बोला था कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी का राज्य है. एक बंगाली ने जनसंघ बनाया लेकिन हम यहां कुछ नहीं कर पाए.'
उन्होंने कहा, 'अमित शाह ने कहा था कि जिस दिन बंगाल जीत लिया, उस दिन बीजेपी पैन इंडिया पार्टी बन जाएगी. क्योंकि हिंदी हार्टलैंड का पर्सेप्शन बदलना है. बीजेपी को इस बार मैं जैसा देख रहा हूं, वैसा मैंने कभी नहीं देखा.'
यह भी पढ़ेंः NDTV 'वॉक द टॉक': बंगाल में सिर्फ TMC, चौथी बार बनाएंगे सरकार- चुनाव प्रचार के दौरान बोलीं मंत्री शशि पांजा
इस बार का चुनाव कितना अलग है? इस बारे में मनोज्ञा लोइवाल ने बताया कि 'ये सबसे ज्यादा फायरवर्क वाला चुनाव है. इसको मैं 5 'M' के साथ डिकोड करूंगी. महिला, माइनॉरिटी, मसल, मनी और मशीनरी. लेकिन तुरुप का इक्का होगा- ममता या मोदी. महिला वोटर हमेशा ममता बनर्जी के लिए बड़ी ताकत रहे हैं, बीजेपी इसमें सेंध लगाने की कोशिश कर रही है. माइनॉरिटी के जिस तरह से एसआईआर में वोट कटे हैं, वे क्या ममता बनर्जी को डेंट कर रहे हैं? मशीनरी टीएमसी की सबसे बड़ी ताकत है बनाम मनी या मसल के जो बीजेपी के पास कमोबेश थोड़ा ज्यादा है. ममता बनर्जी का जवाब नहीं है, इसलिए साइलेंट कैंपेन चल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जितनी भी रैली की है, एक में भी ममता बनर्जी का नाम नहीं लिया है. मोदी तुरुप का इक्का, ये इस बार कितना काम करेगा, ये देखना बड़ा दिलचस्प होगा. लेकिन इस बार जीत जनता वर्सेज ममता की होगी.'

वरिष्ठ पत्रकार जयंतो घोषाल ने कहा कि बीजेपी में मोदी-शाह हैं लेकिन टीएमसी की ऑर्गनाइजेशन कैपेबिलिटी अभी भी बहुत ज्यादा है. बीजेपी का जिलावार पहले से बोल रहे हैं. मोदीजी बोल रहे हैं कि मोदी की गारंटी है लेकिन उसको गांव-गांव तक और घर-घर तक पहुंचाने का काम सुवेंदु अधिकारी कर रहे हैं. सुवेंदु अधिकारी मास लीडर हैं.
ये भी पढ़ें: 'बदलाव के मूड में बंगाल, इस बार बनेगी BJP सरकार', NDTV के 'वॉक द टॉक' में राहुल कंवल से बोले स्वपन दासगुप्ता
बीजेपी ने बंगाल में कई महीनों पहले से ही अपना प्रचार शुरू कर दिया था. मनोज्ञा लोइवाल बताती हैं कि 'भूपेंद्र यादव और उनकी टीम साइलेंट स्ट्रैटजिस्ट है. ओडिशा की बात कर लीजिए जहां लग रहा था कि नवीन पटनायक को कोई नहीं हटा सकता, वहां सरकार पलट दी. सितंबर से वो यहां पर हैं और 10 से ज्यादा बार 294 सीटों का दौरा कर चुके हैं. उन्होंने बीजेपी की आपस की लड़ाई को खत्म कर दिया है. सब एक साथ मुस्कुराते हुए घूम रहे हैं. जिस तरह से उन्होंने संघ और संगठन का सामंजस्य बैठाया है, बीजेपी जीतती है तो उनकी बहुत बड़ी भूमिका रहेगी.'
उन्होंने कहा कि इस बार बंगाल में चुनाव दिलचस्प है और दोनों पार्टियां बराबर की हैं. इस बार बंगाल में इंडिया वर्सेज ऑस्ट्रेलिया वाली टक्कर देखने को मिल रही है.
ये भी पढ़ें: क्या BJP की बंगाल में इतनी ताकत हो गई है कि वो ममता को हरा देगी? NDTV के सवाल पर क्या बोले सुवेंदु अधिकारी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं