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सरकारी फाइल पर साइन, पेरियार स्मारक का दौरा और दो विवाद... CM के रूप में विजय का पहला दिन कैसा रहा?

तमिलनाडु में विजय मुख्यमंत्री बन गए हैं. रविवार को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद उन्होंने मंच पर ही सरकारी फाइल पर साइन किए.

सरकारी फाइल पर साइन, पेरियार स्मारक का दौरा और दो विवाद... CM के रूप में विजय का पहला दिन कैसा रहा?
विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन गए हैं.
PTI
  • विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली
  • मुख्यमंत्री विजय ने अपने पहले दिन 200 यूनिट फ्री बिजली का वादे पूरा किया
  • सीएम विजय ने सचिवालय ने लॉ एंड ऑर्डर को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की
चेन्नई:

तमिलनाडु में रविवार से विजय सरकार का राज शुरू हो गया है. विजय ने रविवार को चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ ही 9 और विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली. इसके सात ही तमिलनाडु में 60 साल में पहली बार AIADMK और DMK के अलावा किसी और पार्टी की सरकार बनी है.

विजय की सरकार को कांग्रेस के 5, CPI, CPI(M), VCK और IUML के दो-दो विधायकों का समर्थन हासिल है. तमिलनाडु विधानसभा में विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के 107 विधायक हैं. 

शपथ लेने के बाद विजय ने कहा कि तमिलनाडु में सत्ता का एकमात्र केंद्र वही रहेंगे. उन्होंने कहा, 'मैं किसी शाही वंश से नहीं आता, मैं आप जैसा ही हूं और आप में से एक हूं, आपके परिवार का एक सदस्य हूं.'

तमिलनाडु में विजय ने मुख्यमंत्री पद संभालते ही सबसे पहले एक सरकारी फाइल पर दस्तखत किए और तीन वादों को पूरा किया. विजय दो सीट से चुनाव जीते थे और शपथ के बाद उन्होंने तिरुचिरापल्ली पूर्वी सीट से इस्तीफा दे दिया. अब वह पेरम्बूर सीट से विधायक हैं. 

बतौर CM, कैसा रहा विजय का पहला दिन?

नेहरू स्टेडियम में विजय और उनके मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह लगभग एक घंटे तक चला. इसके बाद विजय ने अपने समर्थकों को संबोधित भी किया. विजय ने कहा, 'यह एक नई शुरुआत है, एक नया दौर है.'

शपथ लेने के बाद मंच पर ही उन्होंने एक सरकारी फाइल पर दस्तखत किए. ये उनके चुनावी वादों से जुड़ी थी. उन्होंने जिन फाइलों पर दस्तखत किए, उनमें 200 यूनिट फ्री बिजली, महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन और ड्रग्स से जुड़े क्राइम रोकने के लिए 65 एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स बनाने से जुड़ी थी.

इसके बाद दोपहर करीब साढ़े 12 बजे विजय पहली बार सचिवालय पहुंचे. सचिवालय पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया, जिसके बाद वह मुख्यमंत्री कक्ष में दाखिल हुए.

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लॉ एंड ऑर्डर को लेकर की मीटिंग

मुख्यमंत्री विजय ने रविवार को तमिलनाडु में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति का जायजा लेने के लिए एक रिव्यू मीटिंग की. मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद विजय की यह पहली समीक्षा बैठक थी.

इस बैठक में मुख्य सचिव एम. साईकुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह, निषेध और आबकारी विभाग) के. मनीवासन और डीजीपी संदीप राय राठौड़ शामिल हुए. 

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एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विजय को बैठक के दौरान तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर जानकारी दी गई. विजय ने महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के उपायों के साथ-साथ नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों को रोकने और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की रणनीतियों पर भी चर्चा की.

पेरियार स्मारक पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

विजय द्रविड़ कषगम के अध्यक्ष के. वीरमणि से मिलने के लिए पेरियार थिडल पहुंचे. अधिकारियों ने बताया कि यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट थी. विजय ने ई.वी. रामासामी (पेरियार के नाम से मशहूर) के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की.

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने राज्य की मौजूदा सामाजिक-राजनीतिक स्थिति पर वीरमणि से संक्षिप्त चर्चा की. 

पेरियार थिडल, तमिलनाडु में द्रविड़ विचारधारा से जुड़ी संस्था द्रविड़ कषगम का मुख्यालय है. इस परिसर में पेरियार संग्रहालय और स्मारक भी स्थित है.

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कुछ विवाद भी हुए

विजय के लिए मुख्यमंत्री के रूप में पहला दिन विवादों भरा भी रहा. शुरुआत शपथ से ही हुई. तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने जब उन्हें शपथ दिलवा रहे थे, तो विजय ने तय फॉर्मेट से हटकर बोलना शुरू कर दिया.

विजय ने शुरुआत में कहा, '‘मैं, सी. जोसेफ विजय....' ऐसा कहते हुए विजय ने अपना दाहिना हाथ उठाया और मुट्ठी भींच ली.

उनका यह हाव-भाव देखकर टीवीके विधायकों और विजय के समर्थक खुशी से झूम उठे. इस पर राज्यपाल ने उन्हें टोका और विजय को दिए गए कागज से आधिकारिक शपथ पढ़ने को कहा. विजय ने राज्यपाल से कुछ बात की और फिर लिखित शपथ पढ़ी.

इसके अलावा, शपथ ग्रहण कार्यक्रम में 'तमिल थाई वाझथु' (प्रार्थना) गीत को 'वंदे मातरम्' और 'जन गण मन' के बाद तीसरे स्थान पर गाया गया जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है. राज्य में सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत में परंपरागत रूप से 'तमिल थाई वाझथु' गीत को गाया जाता है.

इस पर उनके सहयोगियों ने नाराजगी जताई है. सीपीआई के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने इस फैसले की निंदा की. उन्होंने कहा कि इस गीत को पहले गाया जाता है और इसे अहमियत दी जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराई जानी चाहिए. वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने भी इस घटना की निंदा की.

प्रोटेम स्पीकर का चुनाव

तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के बाद रविवार को ही प्रोटेम स्पीकर का चुनाव हो गया. लोक भवन में मुख्यमंत्री विजय ने गवर्नर आर्लेकर से फिर मुलाकात की. चुनाव नतीजे आने के बाद से विजय की गवर्नर के साथ यह 5वीं मुलाकात थी.

लोक भवन में गवर्नर ने टीवीके के शोलावंदन सीट से विधायक एम.वी. करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलवाई. करुप्पैया अन्ना द्रमुक छोड़ने के बाद टीवीके में शामिल हुए थे.

अब तमिलनाडु की 17वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार को सुबह 9:30 बजे से शुरू होगा. इसी दौरान सभी नए विधायक शपथ लेंगे. वहीं, सदन के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चुनाव मंगलवार को सुबह 9:30 बजे होगा.

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