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ब्रिक्स 2026 में किन बातों पर होगी चर्चा, पूरे प्रोग्राम की लिस्ट यहां जानिए

नई दिल्ली में शुरू हो रहे BRICS शिखर सम्मेलन पर दुनिया की नजर है. भारत की अध्यक्षता में होने वाला यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और सप्लाई चेन चुनौतियों का सामना कर रही है. समिट में कौन से एजेंडे शामिल हैं जानिए.

ब्रिक्स 2026 में किन बातों पर होगी चर्चा, पूरे प्रोग्राम की लिस्ट यहां जानिए
ब्रिक्स सम्मेलन में किन मुद्दों पर होगी चर्चा? जानिए पूरा नई दिल्ली का एजेंडा
NDTV
नई दिल्ली:

नई दिल्ली के भारत मंडपम में शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय BRICS शिखर सम्मेलन पर दुनिया की नजरें टिकी हैं. भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, आपूर्ति श्रृंखला संकट, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक अनिश्चितता जैसी चुनौतियां सामने हैं. सदस्य देशों की सहमति से तय किए गए सम्मेलन के चार प्रमुख स्तंभ, मजबूती (Resilience), इनोवेशन, सहयोग (Cooperation) और सस्टेनेबिलिटी (Sustainability), भविष्य की साझी विकास रणनीति का आधार बनेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रियो शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत ‘मानवता प्रथम' दृष्टिकोण की झलक इस सम्मेलन की थीम में भी दिखाई देती है, जिसमें आम नागरिकों को विकास के केंद्र में रखने पर विशेष जोर दिया गया है.

मजबूती और वैश्विक सहयोग पर रहेगा फोकस

भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान 'Resilience' यानी मजबूती को प्रमुख प्राथमिकता बनाया है. इसके तहत सदस्य देश स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, आपदा जोखिम कम करने और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे. हाल के वर्षों में वैश्विक संघर्षों, व्यापारिक बाधाओं और सप्लाई चेन में आई रुकावटों ने दुनिया के सामने नई चुनौतियां खड़ी की हैं. ऐसे में समिट का प्रमुख उद्देश्य सदस्य देशों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग बढ़ाना है.

व्यापार, निवेश और तकनीक पर भी चर्चा

इस सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने के उपायों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा. सदस्य देश आपसी कनेक्टिविटी को मजबूत करने और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार करेंगे. भारत का मानना है कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक साझेदारी मजबूत होने से वैश्विक विकास को नई गति मिल सकती है.

ग्लोबल गवर्नेंस अहम एजेंडा

सम्मेलन में ग्लोबल गवर्नेंस सिस्टम को अधिक समावेशी बनाने और बहुपक्षवाद (Multilateralism) को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी. शनिवार को होने वाले पहले क्लोज डोर सत्र का विषय 'Inclusive Global Governance and Strengthening Multilateralism' रखा गया है. इस सेशन में वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों की भूमिका और प्रतिनिधित्व बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जाएगा.

वैश्विक और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर होगा मंथन

विदेश मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार सम्मेलन में मौजूद दुनियाभर के प्रमुख नेता मौजूदा वैश्विक और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा करेंगे. इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी. अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और क्षेत्रीय चुनौतियां भी वार्ता का हिस्सा रह सकती हैं.

रविवार को होगा मुख्य सेशन

शिखर सम्मेलन का मुख्य ओपन सत्र रविवार को आयोजित किया जाएगा. इस सत्र का विषय 'Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability: Shaping the Future for Inclusive Global Growth' रखा गया है. इसमें समावेशी वैश्विक विकास, नवाचार और सतत विकास के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी.

नई दिल्ली घोषणा पत्र के साथ होगा समापन

दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का समापन नई दिल्ली घोषणा पत्र (New Delhi Declaration) जारी किए जाने के साथ होगा. इस घोषणा पत्र में सदस्य देशों की साझा प्राथमिकताओं, वैश्विक चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों और भविष्य के सहयोग की दिशा को शामिल किए जाने की संभावना है. BRICS सम्मेलन से उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

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