- पुतिन ने कालिनिनग्राद पर हमला होने पर परमाणु हथियारों समेत सभी हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी दी है
- पुतिन ने कहा कि रूस का किसी भी यूरोपीय देश पर हमला करने का इरादा नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर जवाब देगा
- NATO के बाल्टिक क्षेत्र में सैन्य अभ्यासों को लेकर रूस ने कड़ी चिंता जताई है और घेराबंदी की कोशिश पर धमकी दी
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों को यूक्रेन में युद्ध को और बढ़ाने के खिलाफ चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर बाल्टिक क्षेत्र में स्थित रूस के इलाके 'कालिनिनग्राद' पर हमला होता है, तो मॉस्को अपने जखीरे में मौजूद परमाणु हथियारों समेत "सभी हथियारों" का इस्तेमाल करने के लिए तैयार है. गुरुवार को मॉस्को में 'वल्दाई डिस्कशन क्लब' में रूसी नेता ने कहा कि उनका किसी भी यूरोपीय देश पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वे पश्चिमी देशों की आक्रामकता का जवाब देने के लिए तैयार हैं. उन्होंने नाटो सदस्य देशों पोलैंड और लिथुआनिया के बीच घिरे रूसी इलाके का भी जिक्र किया.
रूसी राष्ट्रपति ने क्यों कहा ऐसा
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन की यह चेतावनी कैलिनिनग्राद के पास NATO के हालिया मिलिट्री अभ्यास के बाद आई है. NATO ने इसे अपनी सुरक्षा और ताकत दिखाने (डिटरेंस) के लिए रक्षात्मक अभ्यास बताया है. इन अभ्यासों पर मॉस्को ने कड़ी चिंता जताई है और सितंबर के आखिर में चेतावनी दी थी कि अगर NATO ने हवाई या समुद्री रास्ते से इस इलाके (एन्क्लेव) की घेराबंदी करने की कोशिश की, तो वह इसका कड़ा जवाब देगा.
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
नाटो, कई यूरोपीय देशों और यूनाइटेड किंगडम ने रूस पर उनके खिलाफ हाइब्रिड वॉरफेयर (मिली-जुली युद्ध-शैली) चलाने का आरोप लगाया है. इसमें साइबर हमले, तोड़-फोड़ और जासूसी की कोशिशें शामिल हैं. इन देशों का आरोप है रूस ये सब यूक्रेन के लिए उनके समर्थन को कमजोर करने के लिए कर रहा है.
रूस को भी अब हो रही दिक्कत
रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग अपने पांचवें साल में है. लेकिन पुतिन के हमले कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. बल्कि, कड़ाके की ठंड शुरू होने से पहले उन्होंने यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और राजधानी कीव पर हमले और तेज कर दिए हैं. वहीं रूस की तेल रिफाइनरियों पर हाल ही में हुए यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण बड़े पैमाने पर ईंधन की कमी हो गई है. इससे यह भ्रम टूट गया है कि इस संघर्ष का असर आम रूसी लोगों से बहुत दूर है. बड़े शहरों में ईंधन स्टेशनों पर कारों की लंबी कतारें देखी गई हैं, जबकि रूस के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर्स पर हुए हमलों ने युद्ध के समय की पहले से ही दबाव झेल रही अर्थव्यवस्था पर और बोझ बढ़ा दिया है.
गुरुवार को विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों के सामने दिए भाषण में पुतिन ने माना कि यूक्रेनी हमलों का रूस की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि इन हमलों की वजह से रूस को अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 1% नुकसान उठाना पड़ा है और काला सागर में यूक्रेनी सैन्य कार्रवाई में रूस के 100 से ज्यादा जहाज़ नष्ट हो गए हैं. हालांकि, पुतिन ने यह भी साफ कर दिया कि वे इससे पीछे हटने वाले नहीं हैं.
पुतिन ने कहा, “काला सागर एक युद्ध क्षेत्र है; हमने सैन्य जहाजों और सैन्य सामान ले जाने वाले जहाजों पर हमले किए, और हमसे शायद ही कभी कोई गलती हुई हो. इस पूरे घटनाक्रम में, उन्होंने [यूक्रेन ने] हमारे 100 से ज्यादा जहाजों को नष्ट कर दिया है. खैर, हमने जवाबी कार्रवाई शुरू की, और अब हर तरफ से हमसे गुहार लगाई जा रही है, अरे, प्लीज ऐसा करना बंद कर दीजिए. हमारी तेल रिफाइनरियों के मामले में भी यही हुआ. उन्होंने (यूक्रेन ने) खुलेआम कहा कि उनका मकसद हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना है. क्या वे कामयाब हुए? कुछ हद तक — हमारे अनुमान के मुताबिक, हमें अपनी GDP का लगभग एक प्रतिशत नुकसान हुआ. और यह जान-बूझकर किया गया.आखिरकार, ये आम नागरिकों से जुड़े ठिकाने थे. खैर, उन्हें वैसा ही जवाब मिला.”
यह भी पढ़ें-
जांच से सच्चाई सामने आएगी... प्लेन क्रैश की कोशिश मामले में फ्लाईदुबई के CEO का बयान
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं