- पूर्व सीबीआई निदेशक एम. नागेश्वर राव ने वाराणसी से सर्वजन सनातन पार्टी के गठन की घोषणा की है.
- उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी चार सौ तीन विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का इरादा रखती है.
- राव ने सनातन संस्कृति की रक्षा और सस्ती शिक्षा तथा बेहतर चिकित्सा को अपनी राजनीति का आधार बताया.
केंद्रीय जांच एजेंसी CBI की पूर्व निदेशक एम. निदेशक राव ने राजनीति ने एंट्री ले ली है. उन्होंने वाराणसी से राजनीति पार्टी के गठन का ऐलान किया है. एम. नागेश्वर राव ने अपनी पार्टी का नाम 'सर्वजन सनातन पार्टी' रखा है. शनिवार को काशी में आयोजित एक प्रेस कॉफ्रेंस में राजनीतिक पार्टी का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी यूपी की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. एम. नागेश्वर राव 1986 बैच के ओडिशा कैडर के IPS अधिकारी है. 24 अक्टूबर 2018 से 4 फरवरी 2019 के बीच वो सीबीआई के डायरेक्टर रहे. 2020 में रिटायरमेंट के 6 साल बाद अब नागेश्वर राव ने राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है.
नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा करने के बाद उन्होंने कहा कि मेरी राजनीति का मकसद सनातन संस्कृति की रक्षा है. साथ ही उन्होंने शिक्षा और चिकित्सा को अपनी राजनीति का आधार बताया. नागेश्वर राव ने सभी के लिए सस्ती और बेहतर शिक्षा का मुद्दा उठाने की बात कही.
पूर्व IPS अधिकारी ने केंद्र और यूपी सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए.
सनातन के पुनर्निर्माण के लिए राजनीति में आएः नागेश्वर राव
राजनीतिक दल के गठन के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम राजनीति में सत्ता के लिए नहीं आ रहे हैं. हम राजनीति में भारत की सभ्यतागत पहचान के पुनर्निर्माण और पुनरुत्थान के लिए आए हैं. काशी से सियासी दल के ऐलान पर उन्होंने कहा कि काशी भारतीय सभ्यता की राजधानी है और हमारा मकसद सभ्यतागत पहचान को पुनरुत्थान करना है. ऐसे में हमारा मानना है कि इसकी शरुआत काशी से की जाए.

Photo Credit: सीबीआई के पूर्व निदेशक एम. नागेश्वर राव.
खुद चुनाव नहीं लड़ेंगेः एम. नागेश्वर राव
आप स्वंय भी चुनाव लड़ेंगे के सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि मैं चुनाव कभी नहीं लड़ूंगा. मेरी पूरी लड़ाई भारतीय सभ्यता और सनातन को संरक्षित करना है. इसके खोने की वजह सरकार की नीतियां है. उन्होंने यह भी कहा कि हमारी पार्टी का नारा- 'सत्य सनातन, नित्य नूतन' है. उन्होंने कहा कि सनातन को पुराना कहा जाना गलत है.
बीजेपी-आरएसएस पर बोला हमला
केंद्र और प्रदेश में सनातन सरकार है, फिर सनातन के नाम पर नई राजनीतिक पार्टी क्यों इस सवाल पर एम नागेश्वर राव ने कहा कि आरएसएस, बीजेपी जब विपक्ष में रहती है तभी सनातन की बात करती है. लेकिन सत्ता में आने के बाद भूल जाती हैं. ये लोग छद्म सनातन राजनीति करती है. जो सनातन के लिए कहीं बड़ा खतरा है. इस दौरान उनके साथ कई संत भी मौजूद थे.
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