- तमिलनाडु की 234 सीटों वाले विधानसभा में किसी एक पार्टी को बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए.
- चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने खुद को डीएमके और एआईएडीएमके दोनों का विकल्प बताने की कोशिश की.
- खुद विजय ने डीएमके पर भ्रष्टाचार और परिवारवाद के आरोप लगाए तो बीजेपी को वैचारिक विरोधी बताया था.
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2026 में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने 108 सीटें जीत ली हैं. तमिलनाडु की 234 सीटों वाले विधानसभा में किसी एक पार्टी को बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए. ऐसे में जोसेफ विजय चंद्रशेखर की पार्टी टीवीके बहुमत के आंकड़े के करीब तो पहुंच गई है पर अकेले सरकार गठन करने की स्थिति में नहीं आई है. ऐसे में यह सवाल अहम कि अब वो किनके समर्थन से राज्य में सरकार बनाएंगे क्योंकि एआईएडीएमके ने 52 और डीएमके ने 73 सीटें जीती हैं और अन्य को केवल एक ही सीट आया है. तो सवाल ये है कि बहुमत की 118 सीटें विजय की पार्टी कैसे जुटाएगी?
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान विजय लगातार राज्य में डीएमके सत्ता से उखाड़ने की घोषणा करते रहे हैं. विजय की पार्टी को मिले जनता के समर्थन में यह स्पष्ट किया है कि यह डीएमके की सत्ता विरोधी रुझान है, क्योंकि डीएमके को 2021 के चुनाव में 146 सीटें हासिल थीं.
DMK-AIADMK से समर्थन नहीं लेंगे विजय?
शुरुआती रुझानों में विजय भी दोनों सीटों पेरंबुर और तिरुचेरापल्ली पूर्व से आगे चल रहे हैं. विजय राज्य में अपने चुनावी भाषणों के दौरान यह लगातार कहते रहे हैं कि उनकी पार्टी चुनाव के नतीजों के बाद सरकार का गठन करेगी ताकि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके.
उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान डीएमके शासन की अव्यवस्था, कानून-व्यवस्था का जोरदार विरोध किया है. उनके इस विरोध को देखते हुए नहीं लगता कि वो डीएमके का साथ लेंगे. उनकी पार्टी की तरफ से यह बयान भी लगातार आया है कि वो बिना किसी समर्थन के राज्य में सरकार गठन करेंगे.
चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने खुद को डीएमके और एआईएडीएमके दोनों का विकल्प बताने की कोशिश की. चुनाव के दौरान उनके पास युवाओं और महिलाओं का बड़ा समर्थन बताया जा रहा था जो अब वोटों में तब्दील होते दिख रहे हैं.
पार्टी के नेता फेलिक्स जेराल्ड ने कहा है कि उन्हें भरोसा है कि टीवीके राज्य में अकेले ही सरकार का गठन करने में कामयाब होगी. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की जनता डीएमके और एआईएडीएमके के त्रस्त है. खुद विजय ने डीएमके पर भ्रष्टाचार और परिवारवाद के आरोप लगाए तो बीजेपी को वैचारिक विरोधी बताया था.
बहुमत नहीं मिला तो समर्थन कहां से जुटाएंगे विजय?
टीवीके को उम्मीद है कि वो बगैर किसी गठबंधन के सरकार बनाएगी. वहीं यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि छोटी पार्टियां टीवीके को अपना समर्थन दे सकती हैं, अगर इन दलों के पक्ष में चल रहे रुझान ऐसे ही बने रहे.
टीवीके ने 1999 से ही राज्य की सत्ता में बनी हुई दोनों पार्टियों का वर्चस्व तोड़ा है ऐसे में उम्मीद है कि पट्टाली मक्कल काची (पीएमके), कांग्रेस और बीजेपी जैसी छोटी पार्टियां जिनके 4, 5 और 3 सीटें आने की संभावना है, वो उन्हें समर्थन दे सकती है. हालांकि वैचारिक असमानता और पहले से गठबंधन में बनी हुई इन पार्टियों की बाध्यताएं भी हैं. ऐसे में यह भी संभावना जताई जा रही है कि इन पार्टियों के विधायक पूरी तरह से अपनी पार्टियों को छोड़ कर विजय की पार्टी में शामिल भी हो सकते हैं.
बता दें कि कुछ एग्जिट पोल में टीवीके की पार्टी को स्पष्ट बहुमत का अनुमान लगाया गया था. एक्सिस माय इंडिया ने टीवीके को 98-120 सीटें मिलने का अनुमान जताया था.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं