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This Article is From Aug 08, 2025

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाया 50% रेसिप्रोकल टैरिफ, जानें एक्सपोर्ट सेक्टर पर क्या होगा असर

ट्रंप ने टैरिफ का ऐलान ऐसे वक्त पर किया है जब 25 अगस्त को अमेरिकी अधिकारियों के एक डेलीगेशन का पांचवे दौर की बातचीत के लिए भारत का दौरा प्रस्तावित है.

अमेरिका ने भारत के साथ ही ब्राजील पर भी लगाया 50 प्रतिशत टैरिफ
  • ट्रंप के भारत पर 50 % टैरिफ से भारतीय निर्यात उत्पादों की अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता कम हो जाएगी.
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय निर्यातकों पर लगने वाले टैरिफ में 35% तक वृद्धि हो सकती है.
  • ब्राजील के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी से टैरिफ मुद्दे सहित कई आर्थिक और सामरिक मामलों पर बातचीत की है.
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नई दिल्ली:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के फैसले का भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर पर क्या असर पड़ेगा, इसकी समीक्षा जारी है. Federation of Indian Export Organizations का आंकलन है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर जो 50% रिसिप्रोकल टैरिफ लगाया है उसके लागू होने से भारतीय एक्सपोर्ट प्रोडक्ट्स की प्राइस competitiveness अमेरिकी बाजार में काफी घट जाएगी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय एक्सपोर्टरों और उनके प्रतिद्वंदियों पर लगे टैरिफ पर अंतर कुछ सेक्टरों में 30% से 35% तक बढ़ जायेगा. इस अतिरिक्त बोझ को absorb करना भारतीय एक्सपोर्टरों के लिए मुश्किल होगा.

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ब्राजील के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से की बात

इस बीच गुरुवार को ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो लूला दा सिल्वा (Luiz Inácio Lula da Silva) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ़ोन कर टैरिफ मसले समेत कई अहम आर्थिक और सामरिक मुद्दों पर बात की.

भारत के अलावा ब्राज़ील पर भी डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने 50% रेसिप्रोकल टैरिफ लगा दिया है. प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस नोट के मुताबिक, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो लूला दा सिल्वा का फ़ोन आया. प्रधानमंत्री ने पिछले महीने अपनी ब्राज़ील यात्रा को याद किया, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और लोगों के बीच संबंधों में सहयोग को मज़बूत करने की रूपरेखा पर सहमति व्यक्त की थी".

ज़ाहिर है, भारत और ब्राज़ील दोनों देशों को ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 50% रेसिप्रोकल टैरिफ के असर से जूझने की तैयारी करनी पड़ रही है.

ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ का हो रहा विरोध

पीएमओ के मुताबिक, दोनों नेताओं ने आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया. ब्राज़ील ने ट्रंप के हाई टैर‍िफ लगाने के फैसले को वर्ल्‍ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) में चुनौती दी है. ख़बरों के मुताबिक ब्राज़ील की लूला दा सिल्वा सरकार ने WTO में अमेरिकी मिशन को औपचारिक रूप से नोटिस भेजकर बातचीत की मांग की है. ज़ाहिर है, ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के खिलाफ विरोध बढ़ रहा है.

ब्राज़ील के राष्ट्रपति के साथ बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने X पर एक पोस्ट कर कहा, "राष्ट्रपति लूला के साथ अच्छी बातचीत हुई. ब्राज़ील की मेरी यात्रा को यादगार और सार्थक बनाने के लिए उनका धन्यवाद. हम व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. Global South के देशों के बीच एक मज़बूत, people-centric साझेदारी से सभी को फायदा होता है".

भारत-अमेरिका के बीच चल रही क्या बात?

ट्रंप ने ये ऐलान ऐसे वक्त पर किया है जब 25 अगस्त को अमेरिकी अधिकारियों के एक डेलीगेशन का पांचवे दौर की बातचीत के लिए भारत का दौरा प्रस्तावित है. भारत और अमेरिका के बीच एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत मार्च 2025 में शुरू हुई थी. इसका लक्ष्य अक्टूबर-नवंबर 2025 तक समझौते के पहले चरण को पूरा करना है. दोनों पक्षों के बीच कई दौर की वर्चुअल बैठकें हो चुकी हैं.

पिछले हफ्ते 31 जुलाई को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका द्वारा 25% टैरिफ लगाने के फैसले पर लोकसभा में कहा था, "सरकार हाल के घटनाक्रमों के प्रभावों की समीक्षा कर रही है. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय सभी हितधारकों से संवाद कर उनके आंकलन की जानकारी ले रहा है".

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