असम विधानसभा सत्र के पहले दिन शपथ ग्रहण के दौरान उस वक्त सियासी हलचल तेज हो गई, जब नए विधायकों के साथ शपथ लेते हुए TMC के इकलौते MLA शर्मन अली अहमद ने 'ममता दीदी जिंदाबाद' का नारा लगा दिया. यह नारा सदन के भीतर चर्चा और प्रतिक्रिया का कारण बन गया.
प्रोटेम स्पीकर की निगरानी में शपथ
126 विधायकों की शपथ प्रोटेम स्पीकर चंद्रमोहन पटोवरी और विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों की मौजूदगी में हुई. इसी दौरान मंडिया सीट से विधायक शर्मन अली अहमद ने नारे लगाकर सबका ध्यान खींचा.
TMC के इकलौते MLA, पहले कांग्रेस में थे
शर्मन अली अहमद पहले कांग्रेस में थे, लेकिन चुनाव से पहले TMC में शामिल हुए थे. शपथ खत्म करते ही उन्होंने ममता बनर्जी के समर्थन में नारा लगाया.
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‘ममता ने मुश्किल वक्त में साथ दिया'
सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए शर्मन अली अहमद ने कहा कि उन्होंने ममता बनर्जी को धन्यवाद देने के लिए यह नारा लगाया. उन्होंने कहा, 'चुनाव से पहले जब कई पार्टियों ने मुझे नजरअंदाज किया, तब ममता दीदी ने मुझे राजनीतिक सहारा दिया. मैं उनके समर्थन के लिए आभारी हूं.'
उन्होंने यह भी दावा किया कि 15 साल के राजनीतिक करियर में मुझे इतना सम्मान पहले नहीं मिला और TMC आने वाले समय में असम में और मजबूत होगी.
आगे की रणनीति का भी इशारा
शर्मन अली ने यह भी कहा कि TMC आने वाले नगांव लोकसभा उपचुनाव की तैयारी कर रही है और इसके लिए मजबूत नेतृत्व सामने लाया जाएगा.
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BJP का पलटवार- ‘सदन में ऐसा करना ठीक नहीं'
BJP विधायक सुशांत बोरगोहेन ने इस घटना की आलोचना करते हुए कहा, 'ममता बनर्जी उनका नेतृत्व हो सकती हैं, लेकिन शपथ के दौरान इस तरह नारा लगाना उचित नहीं है.' वहीं BJP विधायक मानव ने कहा कि असम में ममता बनर्जी का ज्यादा राजनीतिक प्रभाव नहीं है और शर्मन अली अपने दम पर भी चुनाव जीत सकते थे.
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